अगर आपने कोलकाता आने जाने के लिए कभी विमान यात्रा होगी तो आपने भी एयरपोर्ट पर रनवे के करीब मस्जिद जरूर देखी होगी।
मस्ज़िद पुरानी है। पर मस्जिद के कारण विमान परिचालन में कई तरह की समस्याएं आ रही थीं और सुरक्षा को खतरा भी था।
अब एयरपोर्ट अथॉरिटी को ग्रीन सिग्नल मिल गया है और इस मस्जिद को शिफ्ट करने की तैयारी चल रही हैं।
“नो कार डे” के संकल्प के साथ आज दो पहिया वाहन से शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया एवं विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया।
ईंधन बचत, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए आप भी सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन या दो पहिया वाहन को अपनाएं।
कल मुझे कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थक कह रहे थे कि यह पार्टी सभी जाति वर्गों को साथ लेकर चलेगी।
लेकिन आज CJP के संस्थापक का कहना है कि मैं दलित वर्ग से हूं। और मैं दलित वर्ग के मुद्दे को ही अधिक उठाऊंगा। अब भी सामान्य वर्ग के लोग इसका समर्थन करेंगे? 😆
ये है डूंगरपुर पुलिस जिसने सडक पर चलती बाईक का स्टेयरिंग पकड़ लिया,
बाइक निचे गिर गई, चालक ने हेलमेट लगा रखा था वर्ना कुछ भी हो सकता था,
बाइक पर पिछे बैठीं लडकी का पेर फैक्चर हो गया, उसका जिम्मेदार कौन?
क्या जिम्मेदार लोग इस तरह की दादागिरी करेगें, ये तो आम आदमी का खुन चुसने वाली बात हो गई,
इन लोगों से चोर लुटेरे तो पकड़े जाते हैं नही, ओर आम आदमी को परेशान करते हैं।
"पुलिस विभाग में क्रांति का बिगुल फूंकने वाले सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को निपटा दिया गया!! सस्पेंड हो गए.. क्रांति शब्द गरीबों, कमजोरों और छोटों के लिए नहीं.."
क्रांति के लिए संगठन, शक्ति, फंडिंग और जिगर चाहिए होता है..
सुनील कुमार शुक्ला यूपी पुलिस की सबसे छोटी इकाई यानि सिपाही हैं.. उनके पास जिगर तो है लेकिन संगठन नहीं है.. शक्ति तो है लेकिन फंडिंग नहीं है..
जब सुनील ने भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं से जुड़े वीडियो बनाए, तभी मैंने लिख दिया था कि, "कर तो दिया लेकिन देखते हैं, कारवाई कब होती है!!"
क्योंकि समस्याएं, अव्यवस्थाएं और भ्रष्टाचार तो है ही लेकिन इनकी आवाज उठाने वालों को अनुशासन के नाम पर निपटा दिया जाता है..
वो अनुशासन जो शायद है ही नहीं.. सिर्फ बातों-बयानों तक ही सीमित है..
#Police #UPPolice #Constable #Corruption #Allegations #UttarPradesh #Suspension
एक कॉकरोच नितिन गडकरी जी सवाल कर रहा है ,
मुझे पूरा भरोसा है नितिन गडकरी जी जवाब देंगे ,
अब हर कोई सवाल करेगा जवाब ना देकर कांग्रेस की गलती बताना भूल जाइए।
"कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस ने मंदिर जलवाएं...
1986 के अनंतनाग दंगों में 170 आदमी हमने पकड़े, सौ सवा सौ लोग कांग्रेस के थे, बाकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के लोग थे"
: Muzaffar Shah , ANC नेता और Sheikh Abdullah के भतीजे
कश्मीरी हिंदुओं के पलायन का सच आखिरकार सामने आ रहा है?
मेरे प्यारे देशवासियों
दिल्ली पुलिस और एनडीएमसी के अफसर एक महीने में एक-एक करोड़ की कलेक्शन कमा रहे हैं सलोनी नगर मार्केट से
माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी संज्ञान लीजिए और सख्त कार्रवाई करिए
@gupta_rekha@CMODelhi
उफ्फ्फफ्फ्फ़....
वर्दी में सैनिक
हाथ में एक थर्माकोल का डब्बा
डब्बे में सैनिक की माँ का कटा हुआ हाथ😥
जी हाँ कानपुर में
अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर कमिश्नरेट ऑफिस पहुंचा आईटीबीपी का सिपाही...
सांस की बीमारी को लेकर टाटमिल
स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में करवाया था भर्ती...
हॉस्पिटल वालों ने महिला का हाथ काटा
बेटे का आरोप डॉक्टर ने जबरन काटा हाथ..
बेटा विकास महाराजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आईटीबीपी में सिपाही के पद पर है तैनात...
मां अब गंभीर हालत में
दूसरे हॉस्पिटल में चल रहा है इलाज✍️
संविधान के नाम पर कुतर्क करने वाले विशेष वर्ग के कुछ कुंठाग्रस्त लोगों के लिए विशेष है यह पोस्ट। 👇🏻
प्रश्न - भारतीय संविधान किसने लिखा ?
उत्तर - भारतीय संविधान के मूल रचियता बीएनराव थे।
मुझे तो आश्चर्य होता है, कि लोगो को संविधान समिति और प्रारूप समिति का फर्क तक नही पता है।
प्रारूप समिति सविंधान समिति के 10 समितियो में से एक समिति था। विभिन्न समितियों के अध्यक्ष भी अलग अलग थे जो निम्न हैं -----
संविधान सभा की प्रमुख समितियां एवम उनके अध्यक्ष :--- 👇🏼
नियम समिति - डॉ. राजेंद्र प्रसाद
संघ शक्ति समिति - पंडित जवाहर लाल नेहरू
संघ संविधान समिति - पंडित जवाहर लाल नेहरू
प्रांतीय संविधान समिति - सरदार वल्लभ भाई पटेल
संचालन समिति - डॉ. राजेंद्र प्रसाद
प्रारूप समिति - डॉ. भीमराव अम्बेडकर
झण्डा समिति - जे. बी. कृपलानी
राज्य समिति - पंडित जवाहर लाल नेहरू
परामर्श समिति - सरदार वल्लभ भाई पटेल
सर्वोच्च न्यायालय समिति - एस. वारदाचारियार
मूल अधिकार उपसमिति - जे. बी. कृपलानी
अल्पसंख्यक उपसमिति - एच. सी. मुखर्जी
संविधान समीक्षा आयोग - एम एन बैक्टाचेलेया
सम्पूर्ण संविधान लेखक - प्रेम बिहारी नारायण रायजादा (हस्तलिखित)
समितियों के गठन के बाद संविधानिक सलाहकार बेनेगल नरसिह राव (बी एन राव) ने संविधान का प्रथम प्रारूप तैयार किया। जिसमें 243 अनुच्छेद और 13 अनुसूचियां थीं। इसी के मूल पाठ पर विचार हेतु 29 अगस्त 1947 को 7 सदस्यीय प्रारूप समिति का गठन किया गया था।
और प्रारूप समिति 10 समितियों में से एक प्रारूप समिति के 7 सदस्यों में अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर बने थे। प्रारूप समिति का कार्य केवल और केवल Debate का होता था। संविधान के प्रारूप पर 165 बैठकों में से मात्र 114 दिन तक चर्चा चली। अंतिम रूप में संविधान में 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां जारी की गईं।
वास्तव में संविधान के प्रारूप में 7000 संशोधनों के लिए नोटिस मिले थे, लेकिन 2473 संशोधन ही प्रस्तुत किए गए थे। सम्पूर्ण संविधान निर्माण में 2 वर्ष, 11 मास और 18 दिन लगे। इस कार्य पर लगभग 64 लाख रुपये व्यय हुए।
पूरे संविधान समिति में सबसे योग्य और अनुभवी बी एन राव साहब ही थे। बेनेगल नरसिह रॉव साहब हेग में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश होने का गौरव प्राप्त था, जो संयुक्त राष्ट्र (यूएन) का प्रमुख न्यायिक अंग है।
इस दौरान राव साहब ने बर्मा का संविधान भी तैयार किया। राव साहब कलकत्ता के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद से रिटायर हुए थे और जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री के रूप में काम कर चुके थे। कहा जाता है, कि नेहरू और राव एक ही समय में कैम्ब्रिज में पढ़े थे और नेहरू बी एन राव साहब की विद्वता और उपलब्धियों से काफी प्रभावित थे।
वही डॉ भीमराव अंबेडकर की पहचान एक कानूनविद से ज्यादा अर्थशास्त्र के प्रोफेसर और सरकारी वकील की थी। वह सिडनेम कॉलेज में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर भी रह चुके थे। बी आर अम्बेडकर साहब प्रशाशनिक पदों पर भी रह चुके थे।
इसीलिए यह कहना, कि भीमराव अंबेडकर संविधान समिति के सबसे योग्य और प्रतिभाशाली सदस्य थे, यह मानव सभ्यता का सबसे बड़ा झूठ है।
आज कल जातिवादी राजनीति में जातीय रूप से रसूल, पैगम्बर बनाने की परंपरा निकल पड़ी है। अम्बेडकरवादी (नकली बौद्धिष्टों) और जातिवादी राजनीति ने इसका प्रचार करने में कोई कसर नही छोड़ी। आज से महज 2 दशकों से एक प्रचार चलाया जा रहा है, कि भीमराव अम्बेडकर संविधान निर्माता है, इसके लिए राजनैतिक रूप से अरबों रुपये से भव्य स्मारक, गलियो गलियो में पुस्तक लिए हुए डॉ आंबेडकर की मूर्तियां खड़ी की जा रही थी, नई नई पुस्तकें लिखी जा रही हैं, जिनमे संविधान निर्माण के प्रमुख विद्वानों के योगदान को न केवल बुरी तरह दबाया जा रहा है, बल्कि अन्य विद्वानों के योगदान को हास्यप्रद तरीके से मिटाया जा रहा है।
1949 ई में बने भारतीय संविधान का सबसे बड़ा स्रोत "1935 का भारत सरकार अधिनियम" था जिसे ब्रिटिश संसद ने भारत के लिए बनाया था। जिसमे 321 अनुच्छेद और 10 अनुसूचियां थीं।
न्याय मिलने तक वीडियो को शेयर करते रहे...
एक असहाय पीड़ित गरीब ब्राह्मण... न्याया की उम्मीद में दर बदर भटक रहा.
ये हैं अमरेश तिवारी
ग्राम ढोकरी थाना फुलपुर प्रयागराज ...
इनके अनुसार इस मामले में एक पक्षी कार्रवाई हुई है, इनको लाठी डंडा धारदार हथियार से मारे भी और उल्टा इनके ऊपर FIR भी लिख दिया गया है कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है....
@Uppolice@dgpup@DM_PRAYAGRAJ सर @myogiadityanath जी के शासन में एक गरीब ब्राह्मण न्याय के लिए दर बदर भटक रहा..
राजस्थान में पौधरोपण घोटाला जमीन पर न गड्ढे खोदे, न पौधे लगाए गबन कर दिए 100 करोड़ रुपये...
राजस्थान में वन विभाग के पौधरोपण कार्यों में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है।
कागजों में हरियाली पर 100 करोड़ रुपये का गबन सामने आया है।
246 साइट्स में कई जगह पौधे लगाए ही नहीं गए, फिर भी भुगतान पूरा हुआ।
48 साइट पूरी तरह फेल रहीं। जांच में सामने आया कि कई स्थानों पर गड्ढे तक नहीं खोदे गए।
रोज नए नए घोटाले सामने आ रहे है और ये सारे घोटाले बीजेपी शासित राज्यों में हो रहे है....