@HemantSorenJMM इस रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर सहायक पुलिस कर्मियों को बड़े भाई स्वरूप माननीय मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM जी के द्वारा सेवा विमुक्त कर अनोखा तोहफ़ा दिया गया। उम्मीद है सहायक पुलिस कर्मियों को छोड़कर बाकी सभी राज्यवासी इस पर्व को अच्छे से मना रहे होंगे।
झारखंड के सहायक पुलिसकर्मियों की सेवा 2 साल तक बढ़ाने की घोषणा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन किए थे।सहायक पुलिसकर्मियों के अनुसार लगभग 5 से 6 जिला को विमुक्त करने का लेटर निकाल दिया गया है।सहायक पुलिसकर्मियों ने झारखंड सरकार से गुहार लगाई है की बेरोजगार नही किया जाए और उनकी लंबित मांगों का निदान किया जाए।
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मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM ने मंच से सहायक पुलिसकर्मियों की सेवा 2 साल तक बढ़ाने की घोषणा तो कर दिए लेकिन लगता है विभागीय स्तर पर इसपर काम अबतक नहीं हो पाया है। यही वजह कि अब तक 5 से 6 जिलों से उनकी सेवा समाप्ति का ये लेटर निकल चुका है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
@HemantSorenJMM सहायक पुलिस कर्मियों के लिए बिना मानदेय वृद्धि के सिर्फ सेवा विस्तार की घोषणा बेहद अमानवीय एवं दुखद है। आज महंगाई आसमान छू रही है, आज के जमाने में सिर्फ दस हजार रुपए में वर्दी का ड्यूटी कर अपने परिवार का भरण पोषण करना बेहद मुश्किल है। इस फैसले पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
@HemantSorenJMM महोदय,
सहायक पुलिसकर्मी विगत 06 साल से मात्र दस हजार में सेवा दे रहे थे, इस उम्मीद में कि आपके सरकार में हमको स्थायीकरण करने सहित एक सम्मानजनक वेतनमान दिया जायेगा, परन्तु आज सिर्फ सेवा विस्तार की घोषणा किया गया है। जो हमलोग के लिए काफ़ी दुखद है। इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।
गढ़वा में सहायक पुलिसकर्मी मंत्री @MithileshJMM से मिले और उन्हें मांगपत्र सौंपा। मंत्री जी ने आश्वस्त किया है कि वे सहायक पुलिस की मांग से मुख्यमंत्री जी को अवगत कराएंगे और हर संभव मामले का निराकरण करवाएंगे। इससे पहले भी अबतक सहायक पुलिस के मामले में वे ही सामने आकर मदद किये हैं
आज गढ़वा आवास पर झारखंड सहायक पुलिस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर अपनी समस्याओं के संबंध में एक मांग पत्र सौंपा।
इस विषय को मा. मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM जी के सम्मुख रखकर उनका निराकरण करने की हर संभव कोशिश की जाएगी।
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, एक तरफ धीरे-धीरे नक्सली घटनाएं बढ़ रही है तो दूसरी तरफ नक्सल प्रभावित जिलों में कार्यरत सहायक पुलिसकर्मियों की सेवा धीरे-धीरे खत्म करना कहाँ तक उचित है? आज जब देश आज़ादी का जश्न मना रहा है तो उनके चेहरे पर एक सवाल है कि उनका क्या होगा ?
झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सहायक पुलिसकर्मियों को सेवा से मुक्त कर दिया गया है।10 हजार के मानदेय पर पिछले 6 साल से काम कर रहे हैं।अनुबंध समाप्त होने के बाद सहायक पुलिसकर्मी बेरोजगार हो गए हैं सहायक पुलिसकर्मी द्वारा सरकार से सेवा जारी रखने के लिए मांग की है।
@HemantSorenJMM
#Jharkhand
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी,आपसे आग्रह है कि हठधर्मिता छोड़कर इन युवा आदिवासी मूलवासियों की अपील को सुन ले।
इन्होंने राज्य को लंबे समय से अपनी सेवाएं दी हैं।अचानक इन्हें अधर में ना छोड़े।
अति नक्सल प्रभावित जिला के इन युवाओं को मुख्य धारा से जोड़कर रखने के लिए इन्हें आदरणीय @dasraghubar जी के नेतृत्व वाली सरकार ने सहायक पुलिसकर्मी के रूप में बहाल करके रखा था।
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी,ये युवा शत-प्रतिशत आदिवासी मूलवासी हैं।अविलंब इन्हें नियुक्त किया जाए।इनको अधर में छोड़ने के प्रतिकूल परिणाम भी हो सकते हैं। इन्होंने सारे विषम परिस्थितियों में इस राज्य को अपनी सेवा दी है। इन आदिवासी मूलवासी भाइयों बहनों को न्याय मिले।
झारखंड के नक्सल प्रभावित कई जिलों में कार्यरत सहायक पुलिसकर्मियों से अब सेवा नहीं ली जा रही है। कहा जा रहा है सेवा समाप्त हो गया।ये सभी 10 हजार के मानदेय पर पिछले 6 साल से काम कर रहे हैं।सहायक पुलिसकर्मी सरकार से मांग कर रहे हैं कि सरकार उनकी सेवा का विस्तार करे @HemantSorenJMM
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, सहायक पुलिसकर्मी शत-प्रतिशत यहां के स्थानीय आदिवासी मूलवासी हैं।
ये सब जंगल के इलाकों से आते हैं और इनको मुख्य धारा में जोड़कर रखने के लिए उस समय की सरकार ने इनकी नियुक्ति की थी।
आपसे आग्रह है की इनकी सारी मांगों को पूरा करने की कृपा करें।
@JharkhandCMO
यदि सरकार सहायक पुलिस के मांगो पर 12 अगस्त 2023 तक विचार कर निदान नहीं करती है तो हम सभी सहायक पुलिस बाध्य एवं लाचार होकर राजभवन और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगें। क्योंकि सरकार द्वारा सहायक पुलिस के साथ हर बार धोखा दिया गया है।
@HemantSorenJMM@JharkhandCMO#सहायक_पुलिस