भारत में पहला सवर्ण सांसद है। जो सवर्णों के लिए संसद में बोला।
SCST एक्ट के ���ुरुपयोग के खिलाफ भाजपा सांसद रवि किशन संसद में दहाड़ते हुए। यह वीडियो उन सवर्ण नेताओं के पास भेजिए। जो जिंदा होते हुए मरे समान है।
महंथ राजू दास जी का ऐलान 🔥🤟
जो कोई भी प्रेमानंद महाराज जी के खिलाफ गलत टिप्पणी करेगा उसे 50 जूते मारूंगा
हिंदुओं को भी पापियों के खिलाफ जूता लेकर तैयार रहना चाहिए, प्रेमानंद महाराज जी एक ऐसे संत हैं जो राधा रानी के भक्ति में लीन रहते हैं, उन्हें भक्ति के अलावा किसी चीज़ की कोई फ़िक्र नहीं है।
@prem_singhtwi@ajeetbharti प्रशंसनीय है आपका राष्ट्रप्रेम। पर स्वधर्म त्याग कर क्या पा लेंगे। अर्जुन भी भीष्म से लड़ा। मोदी के विरूद्ध हो न हो पर सवर्णों के विरुद्ध उनकी कुत्सित मानसिकता का उ���्तर कौन देगा। अजीत भाई को कोसने से अच्छा है कि उनका साथ दो
जीवन की लगातार रुकावटों को दूर करने और बंद किस्मत का ताला खोलने के लिए 7 प्राचीन और अचूक उपाय सामने आए हैं।
धन, रिश्ते, करियर, स्वास्थ्य, मान-सम्मान, सुख-शांति और मनोकामना पूर्ति के लिए ये तंत्र उपाय और शुभ संकेत विशेष रूप से कारगर हैं। लाल किताब और तंत्र विद्या में छिप�� इन उपायों में सूखी लाल मिर्च, नमक, फिटकरी, कपूर और सरसों जैसे घरेलू तत्वों का उपयोग किया जाता है।
घर की नेगेटिव एनर्जी व झगड़ों को खत्म करने, व्यापार में ग्राहकों की लाइन लगाने और तिजोरी में धन आकर्षित करने के लिए ये अचूक टोटके 24 घंटे में अपना असर दिखाना शुरू कर देते हैं।
पानी में एक बंद ताला फेंकने या तेज पत्ते के सही इस्तेमाल से वर्षों से रुके हुए काम और बिगड़े ग्रह दोष भी ठीक होने लगते हैं।
सवर्ण समाज के भोले युवा जिनकी याददाश्त कमजोर है उनके नाम संदेश -
'कॉकरोच आंदोलन' का विरोध करने के बहाने तुम उस सरकार और उसके UGC के काले नियमों के पैरोकार बन बैठे हो, जिसने तुम्हें कभी अपना समझा ही नहीं।
अभी कुछ ही दिन पहले जब तुम्हारे अपने नौजवान, तुम्हारे अपने बुजुर्ग और बहनें अपने हक और सम्मान की बात करने दिल्ली पहुंचे थे, तो इसी जंतर-मंतर पर इसी सरकार की पुलिस ने तुम्हें दो घंटे बै��ने तक नहीं दिया था! बैरिकेड लगाकर धक्के मारे गए, लाठियों के दम पर खदेड़ा गया, हिरासत में लिया गया—और तुम आज उसी सरकार के अवैतनिक प्रवक्ता बनकर सोशल मीडिया पर वकालत कर रहे हो?
ज़रा आईने में देखो, क्या बचा है तुम्हारे अंदर? जिस व्यवस्था ने तुम्हें सड़क पर बैठने की इजाजत तक नहीं दी, जो सरकार ऐसे UGC रेगुलेशन ला रही है जिससे कल तुम्हारे अपने बच्चों का भविष्य शिक्षा के मंदिरों में तबाह हो जाएगा—तुम आज उसी के बचाव में तर्क ढूंढ रहे हो?
पार्टी के नेताओं और मंत्रियों के लिए तुम सिर्फ एक 'बंधुआ वोट' हो, जिसकी कोई कीमत नहीं। वो जानते हैं कि तुम्हारे सिर पर डंडा भी मार दिया जाए, तुम्हारे बच्चों के अधिकारों पर ताला भी जड़ दिया जाए, तब भी तुम शाम को सोशल मीडिया पर आकर 'पार्टी प्रवक्ता' बनकर उन्हीं की जय-जयकार करोगे।
'कॉकरोच आंदोलन' का विरोध करना है तो करो, लेकिन उसके नाम पर अपने ही बच्चों के भविष्य की सुपारी मत लो! अगर अपने स्वाभिमान और अपने बच्चों के हक के लिए खड़े होने का दम नहीं है, तो कम से कम अपने ही समाज की पीठ में छुरा घोंपकर सरकार की चाटुकारिता तो मत करो!
सत्ताएं तुम्हें कूड़ा समझकर बाहर फेंक चुकी हैं, अब तो होश में आओ और पार्टी का चश्मा उतारकर अपने वजूद को पहचानो!
@mahipalmakrana_
#EWS_सरलीकरण
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
#SCSTACT
#General_act
#UGCRollBack
#UGC_Rollback
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
#StopMisuseOfSCSTAct
#ReservationReform
इस गणित को जानकर तो हैरानी मे पड़ गया
दिमाग ही घूम गया ।
🥹😫
हिंदुओं
यह
अति गम्भीर और विस्फोटक जानकारी है
यदि आपमें से किसी के पास इसको झुठलाने की सामर्थ्य हो
तो तर्क से समझाना????
😲😲😔😔🤔🤔
जंतर मंतर पर दो तरह के प्रदर्शन, दो तरह का रवैया।
जब रंग-बिरंगा माहौल हो, साड़ी पहनकर नाच हो, गाली-गलौज हो, पुलिस को अपशब्द कहे जा रहे हों, तब कार्रवाई नहीं होती... क्योंकि सरकार को मज़ा आता है जब ऐसे वीडियो बनते हैं।
दूसरी तरफ जब सवर्ण समाज के लोग जंतर मंतर पर उतरे, तब एक दिन भी बर्दाश्त नहीं हुआ। लाठी चार्ज किया गया, ध���्का-मुक्की, खींचकर ले जाना, वस्त्र फटना, शिखा पकड़ना। वही जगह, वही कानून, उलटा व्यवहार।
दर्द यहीं है। जो समर्थन करते हैं, उन पर सख्ती। जो आखिरी सांस तक विरोध करते रहेंगे, उन्हें पुचकारा जाता है।
जब बीजेपी यूजीसी एक्ट लेकर आई और सवर्णों ने उसका विरोध करना शुरू किया तो बीजेपी ने उस समय सवर्णों के पक्ष को सुनने की बजाय क्या किया?
सवर्णों का मजाक उड़ाया।
मोदी और अ��ित शाह जैसे बड़े नेताओं ने अपने ट्वीट्स से सवर्णों को और चिढ़ाया।
किसी बड़े नेता ने यूजीसी के बारे में कुछ नहीं बोला जैसे कुछ हुआ ही नहीं।
सवर्णों को कही प्रदर्शन करने नहीं दिया और सवर्ण नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार तक किया।
सवर्णों को ये बताया गया कि तुम्हारी कोई जरूरत नहीं है बीजेपी को।
आज भी ये सब जारी है अभी दो दिन पहले योगी जी का भी ट्वीट आया था जिसमें सवर्णों का कोई जिक्र नहीं था।
आ�� तक बीजेपी ने यूजीसी कानून वापस नहीं लिया है और न मोदी ने इस पर एक भी शब्द बोला है।
तो ऐसी भाजपा का विरोध करना हमारी अब नैतिक जिम्मेदारी बनती है अपने बच्चों को बचाने के लिए।
पेप्सिको की CEO बोल रही हैं कि यदि भारत में होतीं तो कभी किसी कंपनी की CEO नहीं बन सकती थीं,अमेरिका में रहने की वजह से CEO बन पाई।
क्योंकि भारत में प्रतिभा की वैल्यू नहीं है। 🙏
रोज़ ऐसे हिन्दू धर्म को अपमानित करने वाले पोस्ट अंबेडकरवादियों द्वारा डाले जाते हैं, और लाख बार टैग करने के बाद भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती, @BJP4India कहती है GC हमें समर्थन नहीं दे रहे, UP ���ें चुनाव होने हैं और महाराष्ट्र से हिन्दुओं को गाली दी जा रही है, सही खेल चल रहा है, @CMOMaharashtra @CMOfficeUP @Dev_Fadnavis @myogiadityanath @narendramodi @AmitShah यदि ऐसे लोगों पर कार्यवाही नहीं होगी तो जनता यही मानेगी कि यह सब आप लोग करवा रहे हैं
सोचिए कि आखिर इस गैंग को फंडिंग कौन कर रहा है ??
इसमें से कोई भी नौकरी धंधा रोजगार नहीं करता यह सब खाली बैठे हैं हर जगह सिर्फ धरना प्रदर्शन करते हैं
अब प्राइवेट जेट में घूमते हैं फाइव स्टार होटल में पार्टी कर रहे हैं
इनकी तगड़ी फंडिंग कौन कर रहा है भाई
2027 में अगर भाजपा UP हार गई तो हिंदू खतरे में आ जाएंगे — ये डर हर चुनाव से पहले क्यों दिखाया जाता है।
अगर सच में हिंदुओं की चिंता है तो केंद्र में करीब 15 साल और पूर्ण बहुमत के बावजूद हिंदू देवी-देवताओं की बेइज्जती पर अलग से कोई कानून क्यों पास हुआ?
SC/ST एक्ट है। जानवरों के लिए एक्ट है — वो भी भाजपा सरकार में। अल्पसंख्यकों के लिए एक्ट है। सबके लिए कुछ न कुछ है। हिंदुओं के लिए ख���स कुछ नहीं।
और हकीकत ये है कि राम मंदिर से चोरी और मंदिरों की असुरक्षा का मुद्दा भी इसी सरकार के दौर में उठा। डर दिखाने से पहले ये जवाब दीजिए — 15 साल में हिंदू के नाम पर कानून कहाँ है?