सार्थक 18 साल का है - पर सोच, साहस और सिद्धांत में किसी से कम नहीं।
उसने और उसके साथी निसर्ग ने वो कर दिखाया जो देश के बड़े मीडिया हाउस, खोजी पत्रकार नहीं कर पाए - CBSE और COEMPT की मिलीभगत को देश के सामने रख दिया।
मोदी जी चाहते हैं हमारे युवा reels बनाते रहें, पकौड़े तलते रहें, सवाल न पूछें, आँखें न खोलें। पर इन बच्चों ने सवाल भी पूछे। और जवाब भी ढूँढ निकाले।
देश का 18 साल का बच्चा CBI से तेज़ निकला - नौजवानों की ये जीत सही मायने में सरकार की हार है।
यही है भारत की असली युवा शक्ति - जिज्ञासु, जागरूक, जानकार। और याद रखिए, देश का भविष्य किसी बहकावे में नहीं आएगा।
शेखर सुमन ने शेखर टोनाइट पर आग लगा दी 😂🔥
मोदी जी ने बंगाल में झालमुड़ी के साथ फोटो खिंचवाई तो उसकी वैल्यू बढ़ गई।
इटली में मेलोनी के साथ फोटो खिंचवाई तो "Melodi" भी वैल्यूएबल हो गई।
अब मेरी मोदी जी से एक छोटी-सी गुज़ारिश है कि एक फोटो रुपये के साथ भी खिंचवा लीजिए, शायद उसकी वैल्यू भी बढ़ जाए।
मोदी ने नार्वे में जाकर जो बेइज्जती करवाई है शेखर सुमन ने उसपे भी अनपढ़ को लपेट दिया। 💯💥🔥💯
साथ ही साथ, गोदी मीडिया की अंधाधुंध घटिया और लीचड़ रिपोर्टिंग की भी पोल खोल दी। 🫡🔥🔥💯
मीडिया को यहां इतनी छूट है कि वो इस्लामाबाद पर कब्जे की खबर भी यूहीं चला देता है। 🤣🤣😭🔥
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
उत्तम नगर के लोगों ने हिंसा की भारी कीमत चुकाई है - एक तरफ एक जवान लड़के, तरुण, की जान चली गई, दूसरी तरफ एक पूरा परिवार उत्पीड़न का सामना कर रहा है।
उन्हें और खून-खराबा नहीं चाहिए।
खून-खराबा केवल BJP और उसका इकोसिस्टम चाहता है, जो नफ़रत के तवे पर हिंसा की रोटी सेंकने के हर मौके का फायदा उठाता है।
वो चाहते हैं कि देश हिंदू-मुसलमान में उलझा रहे, ताकि लोग यह न पूछ सकें कि आखिर प्रधानमंत्री देश की रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और सामरिक संप्रभुता को अमेरिका के हवाले करने पर क्यों मजबूर हैं - इसीलिए, दिन-दहाड़े देश की राजधानी में फिर से दंगों जैसे हालात खड़े किए जा रहे हैं।
दिल्लीवासियों से अनुरोध है किसी बहकावे में न आएं - देश की शक्ति हमारी एकता, भाईचारे और मोहब्बत में है।
जोड़ो जोड़ो, भारत जोड़ो।
ये शिखा के दादाजी हैं, बुलंदशहर की शिखा को यूपीएससी में 113वीं रैंक मिली है,
शिखा के दादा स्कूल में चपरासी थे और उनके पिता प्रेमचंद भी इंटर कॉलेज में चपरासी हैं,
अब बेटी आईएएस बनेगी, सुनते ही कुछ बोल नहीं पा रहे, आंखें भर आई हैं।
शिखा की उड़ान और हौसले को सलाम।
भारत का मीडिया : ईरान में ख़ौफ़
अमेरिका का मीडिया : ईरान में ख़ौफ़
ईरानी लोग क्या कर रहे है ख़ुद देख लीजिए अपने मुल्क के समर्थन में .
वीडियो क्रेडिट : ये वीडियो प्रेस TV ने पोस्ट की है
कितना मासूमियत भरा सवाल है आपका - 'फिर हमने तेल खरीदना कम क्यों किया?'
इस मासूम से सवाल का तीखा जवाब ट्रंप सरकार के वित्त मंत्री ने दिया है, शायद आप देख न पाए हों.
ये मंत्री साफ बता रहा है- मोदी सरकार वैसा ही कर रही है, जैसा ट्रंप सरकार का आदेश होता है.
उम्मीद है आप इस बयान को TV पर जगह देंगे.