ख़राब सड़क की ख़बर दिखाए जाने को लेकर पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या हो चुकी है, बावजूद इसके संदीप शुक्ला नामक यह निडर पत्रकार फिर ख़राब सड़क की स्टोरी कर अपने पत्रकारिता धर्म का निर्वहन कर रहा है। ईश्वर इन्हें कुशल मंगल रखें और इनके प्राणों की रक्षाकरें मेरी यही प्रार्थना है 🙏
एक ठेकेदार में इतना साहस कहाँ से आया कि एक पत्रकार की हत्या कर दे..
क्या वो मुख्यमंत्री निवास आया था?
वो यहाँ किससे मिलकर गया था?
गृहमंत्री जवाब दें
इस ताक़त के पीछे कौन है?
सार्वजनिक जीवन में असहमति को सम्मान और स्थान देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मेरी श्रद्धांजलि। आपकी शालीनता भारत की राजनीति में मील का पत्थर है। बिना किसी भय के आपकी सरकार की खूब आलोचना का अवसर मिला। बिना कटुता और कपट के किसी प��� हमला किए राजनीति के शिखर पर रहने वाले और खुली प्रेस कांफ्रेंस करने वाले भारत के आख़िरी प्रधानमंत्री को प्रणाम।
खाटू श्याम के फर्जी भंडारे के नाम से पर्ची काटते हुए पकड़े गए कट्टर हिन्दू।
एक का नाम चंदन शर्मा बताया गया है, नौकरी जाने से परेशान था युवक, अपनाया गल��� रास्ता।
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