श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए।
जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वो आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है, उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है अत: भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा निरर्थक है। भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है। उनके लिए धन ही प्रधान है। वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। उनमें बदलाव की आशा करना ही व्यर्थ है। जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं होता। ‘सत्याग्रह’ का महत्व वो क्या जानें जो ‘सत्ताग्रह’ के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं। उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो ख़ुदगर्ज़ लोग हैं।
लोकतंत्र का गला घोंटनेवाली महापापी-अधर्मी भाजपा और उसके भूमिगत अपंजीकृत संगी-साथियों के गिरोह को हराने और सदैव के लिए हटाने के लिए आपके मनोबल और नैतिकता की महाशक्ति हर सच्चे भारतीय की प्रेरणा बनती रहे और आप देशवासियों, युवाओं, लोकतंत्र और पर्यावरण के संघर्ष के लिए नकारात्मक ताक़तों के ख़िलाफ़ सदैव प्रकाश स्तंभ बने रहें, यही हम सबकी चाह है और प्रार्थना भी।
@Wangchuk66
There are moments in sport that stay with you forever.
Every sacrifice, every setback, every practice session, every cheer from the stands- it all led to that unforgettable night.
Proud to have shared it with an incredible group of people and to have experienced it with millions of Indians around the world.
Thank you for making us feel your love before, during and long after that final. June 29, 2024. Celebrating you forever ♾️
शिवपाल सिंह यादव की आंख में आंसू थे, धर्मेंद्र यादव बेचैन साफ दिख रहे थे, आदित्य यादव तो बच्चों की तरह रोने लगे ! डिम्पल यादव की तकलीफ़ उनके शांत और गुम हो गए चेहरे में दिख रही थी ,उनका सदमा दिखता था, अस्पताल के बाहर अखिलेश यादव ने अपने आंसू रोकने के लिए अपनी सारी शक्ति लगा दी, होंठो को दांतों से काटने लगे थे, बड़े नेता न होता तो खुले में रो पड़ते ! अर्जुन कभी सार्वजनिक मंच पर नही दिखे , मगर उनकी बेचैनी यह बताने के लिए काफी थी कि परिवार मातम कैसा है ! -
किसके लिए - चंद्रप्रकाश गुप्ता का एक बेटा ,जिनकी माता श्री साधना गुप्ता जी , 1987 में जिसका जन्म हुआ , जो 16 साल की आयु में अपनी मां के साथ उनके पति मुलायम सिंह यादव जी घर आया, वो सौतेला था (यही सच है) मगर परिवार ने कभी उसे यह एहसास नही कराया, यादव परिवार के हर घर के दरवाजे उसके लिए खुले थे, जब वो चला गया तो हर आंख नम हुई। हर चौखट से आह निकली।
महान है यादव परिवार ! - अगर यह परिवारवाद है ,तो ऐसा ही होना चाहिए! यादव परिवार भारत का आदर्श परिवार है ! राजनीति से अलग हटकर देंखे तो पता चलेगा कि यादव परिवार ने समाज की आंखों में बेइंतहा सम्मान अर्जित किया है।
प्रतीक भाई को श्रद्धांजलि , निसंदेह एक नेकदिल इंसान थे !
#prateekyadav
#प्रतीकयादव
हम नहीं चाहते हैं कि समाज के बीच आग जले। हम चाहते हैं समाज में सौहार्द की फुहार हो। हमारी सकारात्मक राजनीति की स्वस्थ परंपरा ने हमें यही सिखाया है। इसीलिए हम भाजपा विधायक श्रीमती अनुपमा जायसवाल जी से मिलने गये और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करके आएं हैं। राजनीति अपनी जगह है और मानवीय संबंधों का महत्व अपनी जगह।
सद्भाव बना रहे, सौहार्द बना रहे!
Justice for Anjel Chakma! Stop thinking North Eastern are Chinese. We're proud Indian.
Anjel Chakma a 24-year-old MBA student from Tripura and son of a BSF constable was brutally attacked in Dehradun after being abused with racial slurs while buying vegetables with his brother.
He battled for life in the ICU for 17 days before passing away Five accused have been arrested one is said to have fled to Nepal.
We are not Chinese. Stop Racial discrimination.
मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से मिलने की गुहार लगाई, लेकिन मुझसे कोई नहीं मिला।
वहीं, राहुल भैया का सामने से फोन आया और उन्होंने मुझे मिलने के लिए बुलाया।
मैंने सोनिया गांधी जी और राहुल भैया से मुलाकात की, उन्होंने मुझे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। राहुल भैया ने मुझे कहा कि इस लड़ाई में वे मेरे साथ हैं।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi से मिलने के बाद उन्नाव रेप पीड़िता
📍 दिल्ली