मात्र एक लोकोक्ति पढ़ने और उसकी निंदा करने पर गुर्जर समाज से आने वाले राजकुमार भाटी जी पर गिद्धों ने हमला कर दिया है,
महान चक्रवर्ती सम्राट मिहिर भोज के वंशजों को क्या हो गया है, गुर्जर समाज के विद्वान है राजकुमार भाटी, ईंट से ईंट बजा देनी चाहिए, 🔥🔥
बताना ये था कि UGC का विरोध करने वाले असली सवर्ण छात्र नहीं हैं।
असली सवर्ण छात्र तो अपने पढ़ाई में व्यस्त हैं, उन्हें क्या मतलब UGC की नई गाइडलाइन से, वो शोषण करने की मानसिकता नहीं रखते हैं।
मोदी जी के द्वारा लिए गए UGC गाइडलाइन का जो विरोध कर रहे है वो सब देशद्रोही है😡
तुम्हें डर है,
कि यूनिवर्सिटी कैंपस में
क्लासरूम में, कैंटीन में
हंसी-मज़ाक, बातचीत
या वैचारिक डिबेट में
तुम्हारे मुंह से अनायास ही
पुरखों की सिखाई गालियां निकलेंगी।
जाति सूचक गालियां।
अगर ये सच है, तो तुम डरो।
#UGCRegulations ✌🏻
भाई @JaikyYadav16 जी मैं इस नन्ही सी चिड़िया को अपने छप्पर से पक्के मकानों में लाना चाहता हूँ जिसके लिए कुछ सहयोग राशि की उम्मीद आपसे और आपके माध्यम से सोशल मीडिया के लोगो से अपेक्षा करता हूँ प्लीज़ भाई मदद करें
आइए ,हम सभी की आवाज़ एक साथ गूंजे,
#मनुस्मृति_भारत_का_कलंक_है और #मनुस्मृति_दहन_दिवस को ट्रेंड करके समाज में समानता और भाईचारे का संदेश फैलाएं ,,,
हम मिलकर यह कर सकते हैं कि
हम अम्बेडकर वादी है
संघर्षो के आदी है !!
"साथियों, आप सभी को किसी किताब को खरीदकर जलाने की आवश्यकता नहीं है।
आप केवल सांकेतिक विरोध करिए। इसके लिए आप एक सादा कागज लें और उस पर 'मनुस्मृति' लिखें, फिर उसे जलाएं। इस प्रकार के विरोध से आपके पैसे भी बच जाएगा और आपके ऊपर कोई F.I.R. दर्ज नहीं होगी।"
#मनुस्मृति_भारत_का_कलंक_है
#मनुस्मृति_दहन_दिवस
जला डालो हर उस किताब को
जो तुम्हे अछूत मानती है
मनुस्मृति को क्यों जलाना चाहिए.....??
क्योंकि ये एक घटिया किताब है!
रिपोस्ट करके ही जाना
#मनुस्मृति_भारत_का_कलंक_है#मनुस्मृति_दहन_दिवस https://t.co/0tDRiIQ0l8
हे प्रभु !
हे हरिराम,कृष्ण , जगनाथम ,प्रेमानन्द , ये क्या हुआ?
ये तो मनुस्मृति जलाकर मुर्गा बना रहीं हैं ,
सिगरेट सुलगा ली सो अलग!
कौन है ये नारी गुरु?
#मनुस्मृति_दहन_दिवस
🚨डरो मत!!
अगर लोग सही में बाबासाहब अंबेडकर कि इज़्ज़त करते हैं, तो पूरे भारत के कोने कोने में 25 दिसंबर को मनुस्मृति दहन दिवस कार्यक्रम कि घोषणा कि जाए!!
जब बिहार कि एक साधारण सी महिला प्रिया दास ये काम निडर हो के कर सकती हैं तो जितने लोग खुद को बाबासाहब का समर्थक बताते हैं वो भी कर सकते हैं।
#मनुस्मृति_दहन_दिवस कि आधिकारिक घोषणा कि जाए, तभी अम्बेडकरवादी युग की आधिकारिक घोषणा होगी।