गिरती टंकी समाचार : जून 2026 संस्करण
सुनने में आया है कि भाजपा राज में जहाँ-जहाँ पानी की टंकी बन रही है उसके चारों तरफ़ रहनेवाले लोगों का बीमा करने से इंश्योरेंस कंपनियों ने मना कर दिया है। दरअसल टंकी के रूप में ‘भाजपाई भ्रष्टाचार’ का पेट फट रहा है। डबल इंजन की डबल टंकी ही जब सारा पैसा कमीशन में खा जाएंगी तो ठेकेदार ऐसी ही ‘जानलेवा टंकिया’ बनाएंगे। एक दिन कहीं ऐसा न आ जाए कि ठेकेदार गत्ते की टंकी बनाकर पेमेंट लेकर निकल जाए। अगली बार जब उप्र में किसी टंकी में पहली बार पानी भरा जाए तो उसके नीचे माननीय मुख्यमंत्री जी, मंत्री जी, विभागीय उच्चाधिकारी को उसके नीचे खड़ा रखा जाए।
भाजपा राज में क्लॉक टावर की सुई इसलिए गायब कर दी गई, जिससे कि बंद पड़ी, ठहरी हुई मिल की ओर लोगों का ध्यान न जाए। लाल इमली कभी कानपुर की ही नहीं देश की शान हुआ करती थी, अब वहाँ से मशीनों की नहीं बल्कि वहाँ के मज़दूरों के कराहने की वीरानी आवाज़ आती है।
भाजपा जाए तो बदलाव आए!
’सुनिए भाजपाई महापाप लोकगाथा’
भाजपाई भ्रष्टाचार के कारण आज देश का ये दुर्भाग्य है कि जहाँ भगवान का ‘स्तुति-गान’ गाँव-गाँव में गूँजता था; आज वहीं भगवान को धोखा देनेवालों की ‘निंदा गाथा’ गाई जा रही है।
चित्रकूट में पानी के लिए तरसते बुज़ुर्गों, महिलाओं और बच्चों की दयनीय हालात देखकर भाजपा के विकास का दावा अंडरग्राउंड हो गया है। जनता कह रही है हमें आज पानी दे दीजिए, हम 2047 के विकसित भारत के सपने को लेकर क्या करेंगे।
जब तक भाजपा का महा-भ्रष्टाचारी शासन रहेगा तब तक ‘जल जीवन मिशन’ की टंकियाँ गिरती रहेंगी और ‘हर घर जल’ का नारा दीवारों पर ही लिखा मिलेगा।
अब फिर कोई किसी ‘स्वतंत्र’ को बंधक बनाएगा तो भाजपाई कहेंगे, ये ठीक नहीं किया।
भाजपा जाए तो जल आए!
हर प्यासा कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
जो अपने क़बीलों से दगा करते हैं
वो बेचारे मारे-मारे फिरा करते हैं!
कुछ लोग दूसरे के मोहरे बनकर बयानबाज़ी कर रहे हैं, मोहरा ही बनना है तो कुछ बेहतर बनो, प्यादे बनकर रह जाना अच्छा नहीं।
CCTV का रिकॉर्ड नहीं है तो कोई बात नहीं।यदि सत्ताधारियों की सामूहिक तस्वीरें दिखाकर संदिग्धों की पहचान कराई जाए तो डकैती के अपराधी तुरंत पहचान लिये जाएंगे।
छिनैती, चोरी, लूट, डकैती : ये उप्र में अपराधियों के क्रमशः बढ़ते दुस्साहस की क्रोनोलॉजी है क्योंकि सत्ता की साझेदारी है, इसीलिए बेख़ौफ़ अपराध जारी है।
#असफल_मुख्यमंत्री
दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में एक रेस्टोरेंट के भीषण अग्निकांड में 21 लोगों के मारे जाने का समाचार बेहद दुखद है।
भाजपा के सारे दावों के बीच ऐसे अग्निकांड होना, भाजपा के शासन-प्रशासन की पोल खोल देते हैं। भाजपा सरकार में महा-भ्रष्टाचार के कारण कभी भी, कहीं भी अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था और एक्सपायरी पर कोई काम नहीं किया जाता है, जिसका ख़ामियाज़ा आम जनता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ता है।
दिल्ली में तो ऊपर-से-लेकर नीचे तक हर जगह भाजपाई बैठे हैं, देखना ये है कि अब वो इस लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए किसे दोषी ठहराएंगे।
इस जानलेवा लापरवाही के लिए सख़्त से सख़्त कार्रवाई हो और पीड़ितों के परिवारों को मुआवज़ा घोषित किया जाए। घायलों का अच्छे से अच्छा मुफ़्त इलाज किया जाए।
प्रयागराज के जन-प्रतिनिधियों व विश्वसनीय पत्रकारों की देख-रेख में हम आज ही ‘प्रयागराज विकास प्राधिकरण’ व ‘अग्निशमन विभाग’ के FIRE AUDIT की माँग करते हैं।
भाजपा के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपियों के स्वागत के दृश्य न केवल शर्मनाक हैं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हैं।
एक ओर उत्तराखंड की बेटियाँ न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर देवभूमि में उन्हीं आरोपियों के स्वागत का माहौल बनाया जा रहा है।
यह सिर्फ अंकिता का अपमान नहीं, बल्कि हर उस बेटी का अपमान हैं जो न्याय और सुरक्षा की उम्मीद लेकर जीती है।
#JusticeForAnkitaBhandari
FIR हो, न्याय हो!
लखनऊ में महिला दरोगा के साथ हुए कुकर्म की FIR नहीं लिखे जाने से सबसे अधिक शर्मिंदा भाजपा की वो महिलाएं हैं, जो ‘महिला आरक्षण’ के नाम पर प्रदर्शन कर रही थीं।
घोर निंदनीय!
‘काला चश्मा’ लगाकर आनेवाले
अपने सच्चे मुक़दमे हटवानेवाले
झूठे-फ़र्ज़ी मुक़दमे लगवानेवाले
घमंड में रावण तक को हरानेवाले
नमस्ते का भी संबंध न निभानेवाले
बुलडोज़र से घर-दुकां ढहानेवाले
बिजली-पानी के लिए सतानेवाले
पत्रकार पर अपशब्द बरसानेवाले
‘हाता नहीं भाता’ नीति चलानेवाले
वनस्पति-खोज में विदेश जानेवाले
अपना झूठा महाप्रचार करवानेवाले
अधिवक्ताओं पे लाठी चलवानेवाले
मणिकर्णिका का घाट तुड़वानेवाले
सत्ता सजातीय पे कृपा बरसानेवाले
सांप्रदायिकता का विष फैलानेवाले
‘पीडीए’ पर घोर जुल्म करवानेवाले
आरक्षण पे अपनी कैंची चलानेवाले
शिक्षकों से भूसे का दान जुटानेवाले
झूठे आश्वासन पे शासन चलानेवाले
सबकी माँगों पर केवल टरकानेवाले
आशा-आंगनबाड़ी को भटकानेवाले
शिक्षामित्रों का मानदेय घटवानेवाले
संतो तक पर झूठे आरोप लगानेवाले
फ़र्ज़ी एनकाउंटर का राज चलानेवाले
अब हैं जानेवाले लौटकर न आनेवाले!