आज जो हुआ है, वो भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड हुआ है। बहुत शर्मनाक कांड हुआ है। ज़ी न्यूज़ के मालिक सुभाष चंद्रा ने बैंकों से 22 हज़ार करोड़ का लोन ले रखा था। आज सरकार ने उसे महज 6 करोड़ लेकर पूरा लोन माफ़ कर दिया। आपको ये पढ़कर दिमाग में चक्कर आ रहा होगा ना, कि नहीं, ऐसे कैसे हो सकता है? इतना बड़ा तो नहीं हो सकता। तो मैं फिर से कह रहा हूँ कि सुभाष चंद्रा का 22 हज़ार करोड़ का लोन सरकार ने मात्र 6 करोड़ में माफ़ कर दिया, 99 प्रतिशत लोन माफ़ करवा लिया। इसमें LIC समेत कई बैंकों ने कर्ज दिया था। हैरानी की बात है कि LIC और बैंक विरोध करते रहे, लेकिन मोदी सरकार ने सुभाष चंद्रा का लोन माफ़ कर दिया। खैर, ऐसे थोड़े ही पूरा दिन ज़ी न्यूज़ अपने चैनल पर हिंदू-मुस्लिम और सरकार को डिफेंड करता है? उसका एक अमाउंट होता है। लेकिन अमाउंट इतना बड़ा और भयानक होगा, ये हमने भी नहीं सोचा था। सोचिए, ये किसका पैसा था। ये देश की जनता का पैसा था। आपका और हमारा पैसा था। और इन उद्योगपतियों का शातिर खेल देखिए की लोन लो दिवालिया दिखाओ और फिर माफ़ करवा लो। 22 हज़ार में ज़ीरो गिनते रहिए आप। 22 हज़ार करोड़ माफ़ करवा लिया। आम गरीब एक दवा के पत्ते के लिए भीख माँगता है, तिल-तिल कर मरता है, 5 किलो राशन पर पूरा देश जीता है। लोग परेशान हैं, उनके पास रोजगार नहीं है, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। युवा ऑफिसों के बाहर रोजगार के लिए वॉचमैन से धक्के खाता है। लेकिन मोदी सरकार ने एक मिनट में 22 हज़ार करोड़ माफ़ कर दिया। आपको क्या लगता है कि चंद्रा का 22 हज़ार करोड़ ऐसे ही माफ़ हो गया? बदले में चंद्रा ने भाजपा को पार्टी फंड में मोटा माल दिया होगा। ऐसे थोड़े ही भाजपा के बैंक अकाउंट में 15 हज़ार करोड़ जमा हैं और देश के हर जिले में 5 स्टार महल हैं पार्टी ऑफिस के रूप में। ये अंग्रेजों से भी बड़ी लूट है। कोई इस तरह से देश कैसे लूट सकता है? आप घर या बैंक की एक किस्त नहीं भरेंगे तो बैंक आपको बेइज्जत करता है, पुलिस लेकर आता है। लेकिन इन लुटेरों का खेल देखिए। लोगों को धार्मिक और देशभक्ति के नारों में उलझाकर ऐसे बहुत से घपले-घोटाले पिछले 12 सालों में हुए हैं।
•महिला: “हम छात्राओं के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं”
•राहुल गांधी: “आपने मुझे प्रदर्शन में क्यों नहीं बुलाया?”
•महिला: “उम्म्म्म 😊”
•राहुल गांधी: “बस मुझे वहाँ बुला लीजिए, मैं निश्चित रूप से आपके साथ प्रदर्शन में शामिल होने आऊँगा”
•महिला: “यह हमारे लिए खुशी की बात होगी”
•राहुल गांधी: “अगर मैं वहाँ आऊँगा, तो हम सब मिलकर सरकार पर दबाव बनाएँगे, ताकि आपकी माँगें पूरी हों 🗿”
छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में UPSC की तैयारी करने वाली शेख आमना जो कह रही हैं वो हम पुरुषों को शर्मिंदा करने वाला है वो कह रही हैं कि
"जब बस बहुत भरी होती है तो हमें डर लगता है कि कोई हमें टच करने की कोशिश करेगा और जब बस पूरी खाली होती है तब भी उसमें बैठने से डर लगता है...मतलब हमने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ऐसा बना दिया है कि उसमें लड़कियों को सेफ फील ही नहीं होता"
#ChhatronKiGoonj
◆ राहुल गांधी पुणे में छात्राओं के दरम्यान भाषण दे रहे हैं और सवाल जवाब का रास्ता भी खोल रखा है..प्रोग्राम का फार्मेट हाइली कनेक्टिंग है..
◆ पुणे का यह प्रोग्राम ख़ास कर छात्राओं के लिए हैं..और राहुल गांधी का महिलाओं से बात करने का एक अलग अंदाज़ है..हर 'उम्र की महिलाएं राहुल गांधी के साथ ख़ुद को कनेक्टेड और सुरक्षित महसूस करती हैं
◆ राहुल गांधी का आज का भाषण महिलाओं के जानिब उन की पूरी सोच की खुली किताब है..बहुत नेचरल भाषण दे रहे हैं..
◆ राहुल गांधी बता रहे हैं कि भारत की रोज़मर्रा ज़िंदगी और भारत के विकास की रफ़्तार के दरम्यान 'औरतों की बैलेंसिंग कितनी मुश्किल है..ये बहुत अहम है..
◆ राहुल गांधी ने महिलाओं के कुछ बुनियादी सवालात पर फोकस किया है
~ 'औरतों को आज़ाद होना है, मोहताज होने का दौर जा चुका है
~ लड़कियों की पहचान किसी रिश्ते से नहीं होनी चाहिए..हर लड़की अपने आप में ख़ास है
~ परिवार के स्ट्रक्चर में आज भी महिलाओं की हिस्सेदारी बहुत कम है
~ 70 करोड़ महिलाओं के सपने और विचार ही भारत की ताक़त है..
◆ राहुल गांधी ने समाज में महिलाओं पर कंट्रोल के तरीक़ों और महिलाओं पर हिंसा के अलग अलग स्टेज को बहुत असरदार तरीक़े से पेश किया है
◆ ख़ास कर महिलाओं पर हिंसा के मसले पर बोलते वक़्त राहुल गांधी बहुत ज़्यादा संजीदा थे..क्योंकि हिंसा से डर, डर से कंट्रोल और कंट्रोल से नाइंसाफ़ी पैदा होती है
✋ त'ज्जुब की बात है कि ज़्यादातर गोदिमीडिया राहुल गांधी के भाषण को लाइव चला रहा था..इस वक़्त राहुल गांधी छात्राओं के सवालात का जवाब दे रहे हैं
✌️ छात्राओं के सवालात काफ़ी मुश्किल हैं, बहुत ट्रिकी सवालात हैं..आज भारत की महिलाएं एक नए राहुल गांधी को देख रही हैं
@KrishnanForINC
कुछ विश्लेषक कह रहे हैं कि राहुल गांधी बदल रहे हैं, कुछ कह रहे हैं कि उनकी राजनीति बदल रही है, कुछ कह रहे हैं कि उनका तरीक़ा बदल रहा है। मैं कहूंगा कि असल में, समय बदल रहा है।
जो राहुल गांधी को जानते हैं, करीब से देखते हैं, वे जानते हैं कि वे 20 साल पहले से वैसी ही राजनीति कर रहे हैं। लोगों के बारे में, सरकार के बारे में, अपनी विचारधारा के बारे में वे जो 20 साल पहले बोल रहे थे, वही आज भी बोल रहे हैं।
वे पिछले दो दशक भी सबसे कमजोर लोगों के घर जाते थे, उनकी मदद करते थे, उनकी आवाज उठाते थे। वे आज भी वही कर रहे हैं।
फिर नया क्या है? नया ये है कि लोगों की आंख पर पड़ा पर्दा हट रहा है। यह पर्दा कुटिल राजनीति और कॉर्पोरेट के घृणित गठजोड़ का नतीजा था। राहुल गांधी को अगंभीर साबित करने के लिए सैकड़ों हजारों करोड़ रुपए फूंक दिए गए। एक हाहाकारी प्राचारतंत्र तैयार किया गया।
राहुल गांधी इसके आगे डिगे नहीं। वे जमे रहे। वे सरकार की नाकामियों और मूर्खताओं को लेकर भविष्यवाणी करते रहे और वे भविष्यवाणियां सच साबित होती रहीं।
आज सौ के आसपास पेपर लीक, भ्रष्टाचार और युवाओं की बर्बादी के बोझ से दबी एक भ्रष्ट सरकार बैकफुट पर है। सरकार में बैठे लोग अभी तक उनका मजाक उड़ाते थे, अब उन्हें राहुल गांधी की बातों को, मांगों को स्वीकार करना पड़ रहा है। सरकार की साख, सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। वह पूरी तरह जनविरोधी साबित हो चुकी है।
देश के युवा सारा तमाशा देख रहे हैं और यह भी समझ रहे हैं कि उनके भविष्य के लिए क्या बेहतर है। लोगों की सोच बदल रही है और इसलिए समय भी करवट ले रहा है।
नरेंद्र मोदी से देश की जनता का मोह भंग हो चुका है और अब लोग उम्मीद से राहुल गांधी की ओर देख रहे हैं।
•राहुल गांधी ने पूरे सबूत सामने रख दिए...मोदी के अपने शब्द, उनकी अपनी क्लिप्स, उनका अपना पैमाना 🔥🗿
“दीदी ओ दीदी।”
“50 करोड़ की गर्लफ्रेंड”
“कल्चरल शॉक लगा”
•फिर राहुल गांधी ने Gen Z महिलाओं से सबसे असहज करने वाला सवाल पूछ दिया:
“लड़कों ने भी गाली दी, लड़कियों ने भी दी फिर लड़कियों की गाली से ही कल्चरल शॉक क्यों लगा?”
•यह पल इतिहास के सबसे करारे रोस्ट्स में दर्ज होने वाला है 😭🤣
मैं एक छोटे से गांव से आती हूं।
बेसिक शिक्षा के बाद मैं आगे पढ़ना चाहती थी, लेकिन घरवालों ने कहा- आगे पढ़ना है तो शादी कर लो और ससुराल जाकर पढ़ लेना।
मैंने ठान लिया कि मैं खुद काम करूंगी और अपनी पढ़ाई भी जारी रखूंगी। पिछले 5 साल से मैं नौकरी भी कर रही हूं और पढ़ाई भी।
मेरे हालात देखते हुए दोस्तों ने मुझे साइकिल दिलाई, लेकिन रास्ते में आए दिन छेड़छाड़ और बदतमीजी का सामना करना पड़ता है।
मैं आवाज उठाने से डरती हूं, क्योंकि जब देश की महिला रेसलरों की सुनवाई नहीं हुई, तो मेरी क्या ही होगी?
: 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में तेजस्विनी ने नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi को अपनी कहानी बताई
📍 पुणे, महाराष्ट्र
भाजपा के छक्के छुड़ा देने वाली शेरनी नेहा सिंह राठौर @nehafolksinger बब्बर शेरों के झुंड के सरदार राहुल गांधी के साथ मंच पर है। यह संवाद सुनिए लाजवाब है।
मुझे नहीं लगता कैनेडी, मंडेला और नेहरू के बाद कोई और नेता होगा जो महिलाओं में इतना लोकप्रिय हो। दरअसल राहुल आम महिलाओं को विश्वास देते हैं कि हां जब सारी उम्मीदें सो चुकी होंगी तो मैं खड़ा होऊंगा।
वो राहुल हैं जिनमें महिलाएं अपना मित्र, अपना भाई अपना बेटा देखती है और जानती हैं कि इस व्यक्ति पर यकीन किया जा सकता है। इसलिए वो उनकी मौजूदगी में सहज होती है। नेहा, मुझे तुम पर, तुम्हारे साहस पर फक्र है बेटा।
पेट्रोल बाहर से ना ख़रीदना पड़े तो गन्ना मिलाया गया
पर गन्ना इत्ता मिलाया कि अब चीनी बाहर से ख़रीदनी
पड़ रही है
विदेशी मुद्रा देश से बाहर ना जाए ये सोचा था लेकिन अब शक्कर खरीदने में तो विदेशी मुद्रा जाएगी।
आखिर हर नीति का पलीता क्यों लगाती है सरकार ?
इस ऑटो वाले ने अपनी गाड़ी में कैमरा लगा रखा है
इसी वजह से अब यह पुलिस वाला शायद सस्पेंड हो जाए।
हुआ यूं कि ऑटो खड़ी थी, तभी पुलिस वाला उसमें बैठकर बोलता है चलो।
ऑटो वाला जवाब देता है कि सर, बुकिंग है वेट कर रहा हूं जा नहीं सकता।
इस पर पुलिस वाला भड़क जाता है और कहता है कि अभी बताता हूं
तुमने ऑटो कैसे खड़ी की है, फिर बाहर निकलकर फोटो खींचकर चालान काट देता है।
पुलिस वाले को पता भी नहीं चला कि पूरा फिलम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है।
आजकल न्याय की आंख कैमरा ही है।
उम्मीद है गुरुग्राम पुलिस जल्द एक्शन लेगी।
जनता: चीनी महंगी हो गई
सरकार: बोलो वंदे मातरम्
जनता: E20 से परेशानी है
सरकार: बोलो वंदे मातरम्
जनता: स्कूल खराब हैं
सरकार: बोलो वंदे मातरम्
जनता: सड़क खराब है
सरकार: बोलो वंदे मातरम्
जनता: अस्पताल बेकार हैं
सरकार: बोलो वंदे मातरम्
इस सरकार की कैसेट एक जगह फंस चुकी है.
नागौर, राजस्थान में मुस्लिम प्रिंसिपल मोहम्मद अख्तर नदीम के तबादले के विरोध में हिंदू गांव वालों ने धरना दिया।
गांव वालों का कहना है कि मोहम्मद नदीम बच्चों को प्राइवेट स्कूल से बेहतर शिक्षा देते थे इसलिए आस पास के प्राइवेट स्कूल बंद हो चुके थे।
गांव वालों का ये भी कहना है कि मोहम्मद नदीम गरीब बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाते थे साथ ही उनका कहना है कि वो हमारे गांव के लिए कलाम से कम नहीं है।
दिल्ली पुलिस पर किसका दबाव था जिसकी वजह से FIR दर्ज नहीं की जा रही थी? बौने शाह का? पवन खेड़ा @Pawankhera लाग लपेट नहीं करते। बिल्कुल सटीक और तेवर के साथ अपनी बात कहते हैं।
आज जो राहुल गांधी और कांग्रेस ने किया जो पवन खेड़ा कह रहे हैं वह बात अब देश के युवाओं, छात्रों को समझ में आने लगी है।
मैं देश के दूसरे छोर पर हूं मेरे साथ युवाओं की भीड़ है सभी राहुल गांधी और कांग्रेस को धन्यवाद दे रहे हैं। बीजेपी के लिए सांस लेने की भी जगह नहीं छोड़नी है जीना मुश्किल कर देना ही लक्ष्य होना चाहिए जो दिख रहा है।
गृह मंत्री का दफ़्तर और संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बीच की दूरी लगभग 2 किलोमीटर है
दिल्ली पुलिस का आरोपी थाने के अंदर है,घायल छात्र Sahil Lochav राहुल गांधी के साथ खड़ा है..
आरोपी का साथ देने वाले हुक्मरान का दफ्तर केवल 2.3 किलोमीटर की दूरी पर है..लेकिन खामोशी है
विपक्ष का नेता उस घायल छात्र साहिल के साथ FIR दर्ज कराने Parliament Street DCP कार्यालय धरने पर बैठ जाता हैं
जंतरमंतर पर 20 तारीख को जो घायल हुए,आजतक उनकी शिकायत किसी ने नहीं सुनी..
सुप्रीम कोर्ट में सरकार की तरफ से दिल्ली पुलिस ने कह दिया 20 जुलाई को जंतरमंतर से छात्र संसद को घेरने निकले
वह सब गैरकानूनी था यानि जो हुआ वह सही हुआ..
इस बीच सुप्रीम कोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा है उनके पास सैकड़ों फुटेज है
जिसमें दिल्ली पुलिस बर्बरता से छात्रों पर कारवाई कर रही है..
14 अगस्त को छात्र साहिल दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत देता है..शिकायत को रिसीव नहीं किया जाता.
17 अगस्त को ईमेल और फोन से शिकायत का जिक्र किया गया..कुछ भी नहीं हुआ..
आख़िर में राहुल गांधी डीसीपी कार्यालय पहुंचते हैं..
दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा राहुल गांधी से लगातार बातचीत कर रहे हैं.अमित शाह सब सुन रहे हैं
अब समस्या यह है कि अगर यह FIR दर्ज की गई तो दूसरे राज्यों के घायल छात्रों की FIR भी दर्ज होंगी.
मामला दूर तक जाएगा..
लेकिन अमित शाह और दिल्ली पुलिस कितनी भी कोशिश कर ले,छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती
न्याय होकर रहेगा..
यह गांधी का रास्ता है। एक बार जहां खड़े हुए, वहां हिमालय की तरह अडिग खड़े रहो। दुनिया इधर से उधर हो जाए, तानाशाह सत्ता अपनी पूरी ताकत लगा दे, गोली चला दे, लाठी चला दे, पुलिस लगा दे, डिगना नहीं है। राहुल गांधी अब उसी रास्ते पर चल रहे हैं।
राहुल गांधी के धरने बैठने के बाद सरकार की तरफ से कहा गया कि प्रदर्शन में बलप्रयोग के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बनाई है। राहुल गांधी कोर्ट और कानून का सम्मान नहीं कर रहे हैं। कुछ घंटे बाद भी अपने रुख पर कायम नहीं रह सके। पैलेट गन से घायल लड़के की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हो गई है।
गोडसे के पुजारियों को यह याद रखना चाहिए कि वे न गांधी हरा सके, न गांधी के विचार को हरा सकते हैं। वे हिंसा के सहारे अहिंसा को और असत्य के सहारे सत्य को कभी नहीं हरा सकते। वे अपने अजेय होने के भ्रम में बार बार हारेंगे।