टिन्नू यादव से कहें चाचा चंपत राय,
बेटा तेरे गैंग ने लिया रुपैया खाय।
लिया रुपैया खाय चढ़ावा करके चोरी,
आज रहे पछताय तुम्हे हम सौंप तिजोरी !
रोज रोज आरोप लाग रहे अब तो नव नव
देकर आग अनंत गया है टिन्नू यादव!!
अब तो स्पीकर साहब भी हताश हैं परेशान हैं कि सदन की कार्रवाई शुरू हो शायद स्थगित स्थगित बोलकर उबिया गए होंगे।😂
पहले सिर्फ विपक्ष करता था लेकिन अब सत्ता पक्ष भी उन्हीं की श्रेणी में शामिल हो गया
अब अध्यक्ष ओम बिरला जी किस किसको समझाएंगे। एकदम दुखी हो गए हैं अध्यक्ष जी लेकिन एक बार ये नहीं पूछेंगे कि
अमित शाह जी आप अनुपस्थित क्यों रहते हैं?
बनाने चले Brand, बज गया Band!
अब 7000 करोड़ एक साल में भी खर्च कर दें तो भी कुछ बदलनेवाला नहीं।
डबल इंजन के आपसी कम्पटीशन में गुरु गुड़ रह गया, चेला शक्कर हो गया… ये बात अलग है कि ज़्यादा मीठे के चक्कर में सब कड़वा हो गया।
अच्छे व्यवहार, अच्छे करम और जन हित के काम से बड़ा कोई और प्रचार नहीं होता है।
इनके अत्याचार, अन्याय, महिलाओं-अधिकारियों-पत्रकारों-प्रोफ़ेसरों से दुर्व्यवहार, दुर्वचन, सजातीय पक्षपात, पीडीए पर प्रहार, ‘हाता नहीं भाता’ के फ़ार्मूल के विस्तार, महा-भ्रष्टाचार के द्रव्य के स्वर्ण-ठोसीकरण, मंदिर चोरी के आरोपियों को दोषपूर्ण SIT से बचाने व प्रतिशोध की राजनीति के कारण घर-मकान-दुकान से लेकर यूनिवर्सिटी तक गिराने जैसी नकारात्मक-संकीर्ण राजनीति के कारणवश इनकी इमेज का एनकाउंटर हो गया है और उसके ऊपर से बुलडोज़र भी गुज़र गया है। इनकी छवि तो बनी नहीं, अधिकारियों के घर-महल ज़रूर बन गये।
जनता पूछ रही है लखनऊ से गोरखपुर कोई डाइरेक्ट ट्रेन है क्या क्योंकि अपने बनाए भाजपाई एक्सप्रेसवे से जाने का जोखिम तो वो उठाएंगे नहीं। ‘एक-दो’ आइटम छोड़कर बाक़ी सब वैध सामान ले जाने के लिए मूवर्स एंड पैकर्स भी तैयार बैठे हैं।
WHEN WILL I END THE FAST….!
Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances…
20 जुलाई के संसद मार्च से पहले ध्रुव राठी का संदेश चर्चा का विषय बना हुआ है!
इस मुद्दे पर लोगों की अलग-अलग राय है!
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है!
यह जंतर-मंतर का वीडियो है। आज दिल्ली की उमस भरी गर्मी जान ले रही है। उस हाल में वहाँ लोग ठसा-ठस भरे हैं। हाथ का पंखा लेकर नौजवान एक दूसरे को हवा का मरहम लगा रहे हैं। घर में पंखे के नीचे राहत नहीं है, वहाँ तो क्या ही हालत होगी। इस गर्मी में वहां मौजूद लोगों की हालत भी ख़राब हो रही होगी। सोनम वांगचुक को जबरन हटाने के बाद भी धरना कमज़ोर नही हुआ है। लोगों ने आगे आकर इस धरने को थाम लिया है। कौन नेता है, कैसा नेता है, यह सब सवाल पीछे चला गया है। आज पूरे दिन जंतर-मंतर पर भारी भीड़ रही। धरना स्थल तक जाने के लिए लोग कतार में बिना शिकायत खड़े हैं। वहाँ से लौटने वाले लोगों की लाइन राजीव चौक मेट्रो में भी बढ़ती जा रही है। सोमवार को सरकार का इम्तहान है। कल वह मार्च में बाधा डालेगी या मार्च होने देगी।
आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, ग़ाज़ियाबाद इन महानगरों, महाज़िलों में रहने वाले जेन ज़ी, जेन बी जेन एक्स, जेन जो भी, किसी से पूछ लीजिए। क्या यहाँ एक भी सरकारी शैक्षणिक संस्थान है, जिसकी दुनिया छोड़िए, भारत में पहचान हो। जिसकी गुणवत्ता की तारीफ होती हो। जिसमें पढ़ने का सपना देखा जाता हो। एक भी नहीं है। सोचिए लाखों करोड़ों की आबादी के बीच एक ढंग का कॉलेज नहीं है। जहाँ भारत का एस्पिरेशनल क्लास रहता है। वह 12 साल से व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी में डूबा रह गया। बच्चों के लिए अमेरिका का वीज़ा बनवाता रहा लेकिन मुड़ कर नहीं देखा कि उसके शहर में एक भी कॉलेज काम का क्यों नहीं है। इसके कारण मिडिल क्लास के साथ साथ नियो मिडिल क्लास के बच्चे भी घिस रहे हैं, पिस रहे हैं, मिट रहे हैं। जो मेहनत मज़दूरी करने वाला तबका है, जिसे लग रहा है कि पढ़ाई से उसके परिवार का भविष्य बदल सकता है, वह कड़ी मेहनत कर अपने बच्चों को किसी तरह स्कूल और कालेज भेज रहा है। उसे पता ही नहीं है कि वह अपने बच्चों को जिन सपनों के लिए तैयार कर रहा है, वह कब का रौंदा जा चुका है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग़ाज़ियाबाद और गुरुग्राम के घरों में काम करने वाली महिलाओं से पूछ लीजिए। हाड़ तोड़ मेहनत कर रही हैं और अपने बेटी की पढ़ाई के लिए फीस भर रही हैं। उनके बच्चे भी ख़ूब मेहनत करते हैं लेकिन सामाजिक पूंजी नहीं होने के कारण उन्हें गाइड नहीं मिल पाता। हर दिन लाखों सपनों की हत्या हो रही है। समाज के इस तबके को अभी शिक्षा से जुड़े मुद्दे की समझ नहीं है, कभी तो उन्हें भी पता चलेगा कि सारा सिस्टम इसी तरह डिज़ाइन किया गया है कि उनके बाद उनकी बेटियाँ भी घरों में काम करती रहेंगी । शिक्षा को बर्बाद किया गया ताकि लाखों लोगों का भविष्य बर्बाद हो सके और वे कम से कम पैसे में काम करने के लिए हमेशा मजबूर रहें।
भारत के भविष्य के साथ लंबे समय तक यह धोखा हुआ है। हो सकता है भारत का युवा धर्म की राजनीति में फिर से सनक जाएगा, वह गौरव और पहचान राजनीति में धर्म से पाने लगेगा, यह सब हो सकता है, हो ही रहा है, लेकिन अगले तीस साल में भी वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए बड़े स्तर के शैक्षणिक संस्थानों को नहीं पा सकता है। यह लड़ाई आज की नहीं है, अगले पचास साल की है।
Truck loaded with stones have been parked at Jantar Mantar.
What are the police authorities upto? Are they orchestrating stone-pelting on the peaceful CJP protesters?
संस्कार और परवरिश की एक बेहद खूबसूरत मिसाल ❤️
इस बच्चे के माता-पिता ने वाकई इसे बहुत ही बेहतरीन संस्कार दिए हैं।
इतना कुछ होने के बाद भी बेटे ने पलटकर जवाब नहीं दिया, जो दिखाता है कि उसकी परवरिश कितनी लाजवाब है।
हर मां-बाप को ऐसा ही आज्ञाकारी और संस्कारी बेटा मिले। 🙏
Sonam Wangchuk Interview Soon On @thenewspinch
अनशन का 16वां दिन, एक पूरा दिन CJP के प्रोटेस्ट में बिताया, इंटरव्यू के साथ विस्तृत रिपोर्ट
कल सुबह से आपको दिखने लगेगा News Pinch के सभी प्लेटफार्म पर
उत्तर प्रदेश : आगरा में एक घर में फ्रिज के अंदर "शिवलिंग" जैसी आकृति बन गई है। लोग इसे अमरनाथ के पवित्र हिमलिंग जैसी आकृति से जोड़ रहे हैं। पूजा–पाठ शुरू हो गई है। चढ़ावा आना शुरू हो गया है।
@madanmohansoni
प्रतापगढ़ के रहने वाले स्वतंत्र टिप्पणीकार आलोक त्रिपाठी ने @INCIndia सांसद @ShayarImran की तीखी आलोचना की है। आलोक का कहना है कि @RahulGandhi@priyankagandhi को भी इसका संज्ञान लेना चाहिए कि उनकी पार्टी ने जिन्हें सांसद बनाया है, ग्राउंड पर उनकी कोई पकड़ ही नहीं है। खैर! आलोक को सुनिए!