#BSPమానకొండూరు మండలం లోని పచ్చునూరు గ్రామంలో డాక్టర్ బాబాసాహెబ్ అంబేద్కర్ మరియు రమాభాయ్ పుణ్య దంపతుల వివాహ మహోత్సవాన్ని పురస్కారించుకొని సుధగారి సమక్షం లో మిటింగు పెట్టి కమిటీ వేయడం జరిగింది. Nishani Sumalatha manakondoor assembly wc. @RSPraveenSwaero@bsp_prabhakar@RamaNishani
झूठ मत बोलो इतिहास साक्षी है तुम्हारे पूर्वज गाय बैल घोड़ा सब खाते थे. तुम्हारे ग्रंथों में लिखा है.
इतिहासकार डी एन झा ने अपनी महान रचना THE MYTH OF THE HOLY COW में प्रमाण देते हुए विस्तार सहित लिखा है प्राचीन काल में आर्��� मांस का सेवन करते थे.
अगले दो महीने तक मैं देश के अलग अलग राज्यों में आपके बीच समय बीताऊँगा। पार्टी के हर कार्यकर्ता और समर्थकों से मिलना चाहता हूँ आपकी बात को सुनना चाहता हूँ। इसी क्रम में आज दिल्ली कार्यालय में कुछ साथियों से मुलाक़ात हुयी। आप सभी से कई सुझाव मिले और जल्द ही उनको अमल में लाया जाएगा।
'दलित' शब्द हीनता को दर्शाता है। बाबासाहेब ने कभी इसका प्रयोग नहीं किया। मान्यवर कांशीराम भी Daliting के घोर विरोधी थे। इसलिए दलित मत बनिए, बुद्धिस्ट बनिए। अंतरराष्ट्रीय कौम बनाइए।
और आजकल खुद लड़कियां कॉमेडी के नाम पर tiktok पर ऐसी ही विडियो बनाकर,जो समाज में इक झूठ है उस सोच को सही साबित करने में खुद लगी हुई हूं। शर्म आनी चाहिए
काॅमेडी के नाम पर ये अपने नारी समाज पर चिन्ह लगा रहीं हैं।
@samyak_samaj@SahilVoice_BSP@surendrak05
लड़कियां पैसे के पीछे भागती है यदि ऐसा किसी भी लड़की को बोल दिया जाएं तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर होगा लेकिन ये लडकियां ही इस झूठे सोच को सच में बदलने की कोशिश कर रहीं हैं।
कहते हैं कि यदि आप किसी झूठ को बार बार बोलेंगे या दिखाएंगे तो धीरे-धीरे लोग उसे सच समझने लगते हैं 1/2
बात 23 मार्च की है। सारनाथ के भिक्खु चंदिमा बौद्ध स्तूप पर पूजा करने गए। पुलिस ने रोक दिया। बात चुभ गई। उन्होंने बौद्ध समाज को इकट्ठा किया और 3 अप्रैल को बौद्ध समाज के हजारों लोगों ने मनुवादी व्यवस्था के खिलाफ हल्ला बोलते हुए सारनाथ में पूजा अर्चना की।
https://t.co/Gg9P9LtGFc
👉🏻బాధిత పక్షానికి భరోసా ఇస్తూ
బహుజన్ సమాజ్ పార్టీ🐘
👉🏻రాష్ట్ర అధ్యక్షుడిగా బాధ్యత నిర్వహిస్తూ💺
నిస్సహాయ, సమాజానికి సామజిక రాజకీయ లో వాటా ఉండాలని రాజకీయ పోరాటం చేస్తు మహనీయుల మార్గదర్శకంలో 💙ప్రయాణం చేస్తున్న
@bsp_prabhakar అన్న గారికి జన్మదిన శుభాకాంక్షలు
@BSP4Telangaana
ब्राह्मणवादी व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद कर���े वाली, दलित महिलाओं को स्तन ढकने के अधिकार के लिए लड़ने वाली नांगेली के संघर्ष को हमेशा याद रखा जाना चाहिए। जिनकी वजह से दलित महिलाओं को पूरे कपड़े पहनने का अधिकार मिला।