स्वतंत्रता, समानता, बंधुता का पक्षधर। शैक्षणिक जीवन में शोधार्थी। संवैधानिक मूल्यों के प्रति स्वयं को समर्पित महसूस करता हूं। शिक्षा व सामाजिक समानता चाहता हूं।
IT'S A VICTORY OF DEMOCRACY
direct democracy... straight from the streets.
It's a victory of peace, patience & persévérance.
Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.
FROM ACCOUNTABILITY, NOW TO REFORMS
हैरानी नहींहोती। पहले भाषा ख़राब होती है फिर काम, इस केस में काम ख़राब हुआ फिर भाषा ख़राब हुई। यह बेपरवाही इसीलिए है कि इनके पास ज्ञानेश का प्रिंटर है। सब कुछ छपा छपाया आ जाता है, वरना जनता का लिहाज़ हर सरकार करती है।
प्रिय दिल्ली पुलिस कुछ पता चला इनका। वर्ना लोग प्रदर्शनों में इनकी तरह कपड़े में जाने लगेंगे और लाठी लेकर भी। आपको लगेगा कि पुलिस ही पुलिस आई है। जनता तो आई नहीं। सोशल मीडिया में इस तरह के पोस्टर चल रहे हैं।
सियासत की खूंटी पर वर्दी का मान मत टांगिए…
जो CAPF अधिकारी खुद सरकार के खिलाफ कोर्ट में लड़ रहे थे,वही छात्रों की लड़ाई मजाक उड़ा रहे हैं। आपने रोका वो ड्यूटी थी, मगर ये सियासत है।
पटना में छात्रों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोले छोड़े जाना अत्यंत निंदनीय, अलोकतांत्रिक और अस्वीकार्य है।
20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज़ उठा रहे मासूम बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसके घाव अभी भरे भी नहीं थे कि अब पटना में छात्रों पर फिर से लाठियाँ बरसाई गईं और आँसू गैस के गोले छोड़े गए।
सरकार छात्रों की बात सुनने के बजाय उनकी आवाज़ को बल प्रयोग से दबाने की नीति पर चल रही है।
#संसद_मार्च #जंतर_मंत्र
जहाँ संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूँ।
मासूमों पर हुए अत्याचार के विरुद्ध अपना कर्तव्य निभा रहा हूँ।
जय भीम, जय भारत।
#संसद_मार्च#जंतर_मंत्र
“अगर मुल्क की रहनुमाई एक जाहिल करेगा, तो वह यही चाहेगा कि पूरा देश उसकी तरह जाहिल, नाक़ाबिल, नासमझ और बेरहम बने।”
~ नसीरुद्दीन जी
सलाम उस हर युवा और छात्र को, जिन्होंने लड़ना नहीं छोड़ा, झुकना नहीं स्वीकारा, और लाठियाँ टूटीं, लेकिन वे नहीं टूटे।
ये वीडियो मैंने शाम 4 बजे के आसपास शूट किया है। हाथ में अंबेडकर की तस्वीर लिये ये लड़का पुलिस की पिटाई से पूरी तरह बेजान हो चुका था। पुलिस रिकॉर्ड करने पर धमका रही थी। सोने से पहले दुआ कर रही हूँ इसकी जान बच जाए। इसकी हालत बेहद ख़राब लग रही थी।