हम संसार को नहीं बदल सकते, अपने में परिवर्तन अवश्य ला सकते हैं ।
काँटों से बचने के लिए दुनिया को क़ालीन से ढकने की बजाय अपने पैरों में जूता पहन कर सुरक्षित चलना ही उपाय हैं।
इंसान धन कमाने में लगा रहता है
जन्म से लेकर मृत्यु तक
सिर्फ बेहतर जिंदगी जीने के लिये,
और एक दिन उसका
कमाया हुआ धन पीछे छूट जाता है
और ख़ुद राख बन कर
नदियों में घूमता रहता है सदियों
तक