भाई विक्रांत ने मुझे फोन करके कहा, “जीतू भैया, आपको रीवा आना है। हम न्याय सत्याग्रह पर बैठे हैं।”
मैं लगातार कार्यक्रमों में था और मुझे 101 डिग्री बुखार भी था। रात को रीवा की ट्रेन थी, लेकिन बुखार में मेरी हिम्मत नहीं हुई कि ट्रेन में बैठकर आ जाऊँ।
फिर मैंने विक्रांत को फोन लगाकर पूछा, “मैं न भी आऊँ तो चलेगा क्या?” विक्रांत ने कहा, “ठीक है, हम देख लेंगे। आप अपनी तबीयत का ध्यान रखिए।”
लेकिन मेरा मन ��हीं माना। सुबह होते ही मैंने प्लेन पकड़ा और जल्दी से जल्दी रीवा आ गया।
अगर बुखार में एक कार्यक्रम में शामिल हो गया तो जीतू पटवारी मर नहीं जाएगा, लेकिन न्याय की इस लड़ाई में अपनी आहुति देना ज़रूरी है।
ये हैं मध्य प्रदेश कांग्रेस के कप्तान।
आखिर किस मिट्टी के बने हैं जीतू पटवारी? छुट्ट�� तो इनकी डिक्शनरी में है ही नहीं।
कल सागर में जहरीली शराब से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मिलने पहुँच गए, तो आज सुबह सात बजे ही धरना दे रहे MBBS छात्रों की व्यथा सुनने पहुँच गए।
ये मेहनत, ये संघर्ष 2028 का इतिहास लिखेगा।
प्रदेशवासियों,
25 साल का जनमत लेकर,
सत्ता पर सवार "सुशासन" ऐसा है!
• ग्राम रौली का यह वीडियो डराने, दिल दहलाने और मानवता को शर्मसार करने वाला है!
• बारिश से जब रास्ता बंद, तब मजबूर लोगों को शव ड्रम पर रखकर ले जाना पड़ता है!
• उपमुख्यमंत्री बनाम स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के गृह जिले रीवा में अंतिम यात्रा भी कष्ट में है!
@rshuklabjp@narendramodi@drmohanyadav51
आज छिंदवाड़ा जाते समय #गणेशगंज के धनौरा ब्लॉक कार्यकर्ताओं से संवाद का सौभाग्य प्राप्त हुआ! कांग्रेस परिवार का यह स्नेह ही मेरी सबसे बड़��� पूंजी है!
जय कांग्रेस, विजय कांग्रेस.
खराब मौसम, बारिश और मैदान में पानी भरने के बावजूद कल प्रयागराज में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में ऐतिहासिक भीड़ देखने को मिली। हजारों युवा सड़कों पर मौजूद रहे और राहुल गांधी को सुनने ��े लिए बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे।
कार्यक्रम के अगले ही दिन से बीजेपी नेताओं और उसके सहयोगी दलों के नेताओं का लगातार राहुल गांधी पर निशाना साधना भी काफी कुछ कहता है।
जिस कार्यक्रम के बाद सत्ता पक्ष को जवाब देने के लिए लगातार बयान देने पड़ें, उसकी राजनीतिक गूंज कितनी दूर तक पहुंची है—इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री जी को अपने सलाहकार बदल देने चाहिए।नई कमेटी में पूर्व IB चीफ,एक IT कम्पनी के मालिक और एक गौ मूत्र के विशेषज्ञ भी है।लाठियाँ छात्रों की पीठ पर नहीं सरकार की साख पर पड़ी है।अपने अहंकार का इलाज कीजिए - @priyankagandhi
बिल्कुल सही कहा है भाई ने 👏।
मीडिया सोच ले जिस तरह वो progenda चलाते है..सही नहीं है ऐसे ही रहा तो कुछ दिन बाद ग्राउंड zero पे रिपोर्टिंग करना मुश्किल होगा..
छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो सड़कों पर आएंगे, बात सिर्फ इस्तीफे की नहीं है,दिल्ली में जो छात्रों के साथ मारपीट की गई है उसका जवाब पीएम को देना पड़ेगा
- अखिलेश यादव
टीएमसी और शिवसेना की टूट के बाद
अब निगाहें DMK की तरफ़ होनी चाहिए।तब ही दो तिहाई का आंकड़ा हासिल कर सकते हैं।शायद इसी लिए अन्नामलाई की पार्टी बनाई गई है।ताकि अगर डीएमके नहीं आए तो बाग़ी सांसदों को अन्नामलाई की पार्टी में शामिल करा दिया जाए और यह पार्टी NDA में शामिल हो जाए।