बरेली में बजरंगदल की गुंडागर्दी ने साबित कर दिया कि कुछ लोग क़ानून नहीं, भीड़तंत्र चलाना चाहते हैं। किसी लड़की की निजी पार्टी में घुसकर धर्म पूछना और मारपीट करना सीधा अपराध है। प्रशासन से मांग है—तुरंत गिरफ़्तारी, सख़्त धाराएँ और ज़ीरो टॉलरेंस।
@Uppolice@dgpup#Bareilly
"गौ माता हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। हापुड़ में नंदी महाराज के साथ हुई घटना ने हमें यह सोचने पर मजबूर किया है कि हमें गौ सेवकों का सम्मान करने और उनके लिए उचित बर्ताव की आवश्यकता है। @myogiadityanath@DmHapur@hapurpolice@UPGovt
मुगल सम्राट जहांगीर की मां राजपूत थीं शाहजहाँ की वालिदा राजपूत थीं औरंगजेब की दादी और पर दादी राजपूत थीं,शाह आलम और बहादुर शाह ज़फ़र की मां भी राजपूत थीं
बहादुर शाह ज़फ़र ने भारत के पहले स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया था
पर यह सब विदेशी थे
है न कमाल की बात #Mughal#Aurangzeb
भाजपा सरकार मे और पुलिस के सामने वाल्मीकि समाज को ग्राम प्रधान अमित ने वाल्मीकि समाज के व्यक्ति को शमशान घाट मे अंतिम संस्कार करने से रोका साथ ही साथ चूड़ा चमार कहकर समाज को बेइज्जत किया,खतौली कोतवाल मुर्ख दर्शक बने रहे क्या अब@myogiadityanath जाति देखेंगे या कार्यवाही करेंगे ।
@PradeepMaikhur3@epanchjanya Bhut hi dogle kism k insaan ho k har waqt jati dhram ki baat karte ho , insaan ho kabi insaniyat ki baat kro,betiya ka koi majhab nhi hota ,beti chahe pandit ki ho ya mulla ki ,beti beti hoti hai agar uske sath na insafi hui hai to use insaaf milna chahiye.
@babadev394@epanchjanya Rhi baat waqf board ki to waqf me hamare baap dadao ne zameen donate ki hai ,aapki tarah zameeno pr kabza nhi kiya,aap waqf pr Gyan na pele to achcha rhega,mandiro k naam par kabja ki hui sampittiyo pr bhi baat ho jai
@babadev394@epanchjanya Kabhi artical 341 pr bhi muh khlye,aisa doglapan bhi kisi muslim country me nhi hai, Muslim country me gundo aur badmasho ko jati aur dharm dekh k sza nhi di jati,behan betiyo ke sath blatkaar karne walo ka fhul maala pehnakar samman nhi kiya jata.
@Bishnu77970450@Sanatni251189 घटिया तो हो तुम भडवो ,तुम्हारी दोगली नसल घटिया से भी घटिया है,इसलिए तुम्हारी नजरों मे पहले से 16 बीवी होने के बावजूद भी किसी की जवान बेटी को बाहुबल के डम्पर जबरदस्ती उठा कर ले जाने वाला धूर्त पृथ्वीराज चौहान महान है
और अपने अपमान का बदला लेने वाला जयचंद गद्दार है।