कोरोना कॉल में आप नाबालिग थीं
और उस वक्त आप के पॉव पॉव साइंटिफिक तौर पर थाली और ताली बजवा रहे थे
उस महामारी में मुसलमानों ने पैसा, खाना, गाड़ी, आक्सीजन, यहाँ तक कि हिंदुओ का अन���तिम संस्कार भी किया था
अंतिम संस्कार के लिए जनाजे को लेकर श्मशानघाट तक पहुंचा कर अंत्येष्टि तक की थी
जब रिश्तेदार भी मुंह मोड़ रहे थे तब भी उस आपदा में मुसलमान खड़े थे
#Assalamu_Alaikum
بَلْ تُؤْثِرُوْنَ الْحَيٰوةَ الدُّنْيَا وَلَاٰخِرَةُ خَيْرُٗ وَّ اَبْقٰى
अल्लाह तआ़ला 🕋 का इरशाद है:
बल्कि तुम दुनिया की ज़िन्दगी तो तरजीह देते हो हलांकि आख़िरत बहुत बेहतर और हमेशा बाक़ी रहने वाली है
Sura_Aala:16,27
अमेरिकी अड्डे उड़ाने से शुरू हुआ हमला धीरे धीरे अपने मक़सद की तरफ बढ़ रहा है ,,,
वक़्त लगेगा लेकिन लोगों को पता चल जायगा असली विलेन कौन साबित होगा इस जंग में...
Imam Malik رحمه الله का क़ौल:
« उन्हें छोड़ दो। अल्लाह एक ज़ालिम को दूसरे ज़ालिम के ज़रिये सज़ा देता है, फिर उन दोनों को (आख़िरत में) सज़ा देगा। »
📚 हवाला: Al-Jāmiʿ li Masā’il al-Mudawwanah (6/23
#Asslaamu_Alaikum_________
नबी ए अकरम सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया:~
"दुनियाँ में ऐसे रहो जैसे कोई मुसाफिर रह गुजर रहता है_
كُنْ فِى الدُّنْيَا كَأَنَّكَ غَرِيْبٌ اَوْ عَابِرُ سَبِيْلٍ۞
(بخاری:6416)
دنیا میں ایسے رہو جیسے کوئی مسافر یا رہ گزر رہتا ہے_
अल्लाह मधुमक्खियों को आदेश देता है कि:
फिर हर प्रकार के फलों का रस चूस, और अपने रब की आसान की हुई राहों पर चल।" उनके (मधुमक्खियों के) पेटों से भिन्न-भिन्न रंगों का एक पेय (शहद) निकलता है, जिसमें लोगों के लिए शिफा (रोगमुक्ति) है��� निःसंदेह, विचार करने वाले लोगों के लिए इसमें एक निशानी है।
अल नहल: 69