@RameshPatel1972@Aloksharmaaicc Tumhare yahan chori ho agar to blame chor per mat dena. Khud ko hi blame kar lena ki Yaar maine hi kamjor taala lagaya tha. Matlab Hadd hoti hai gobarbhakti ki.
@LegalAdvisour राम और श्याम 'एक ही' घर में रहते हैं. मतलब एक समय पर एक ही आदमी रहता है. श्याम के कमरे में पंखा लगा है. तो जब राम रहता है घर में उस समय श्याम नहीं रहता. राम श्याम का कमरा यूज़ करता है.
पॉवर कारपोरेशन के वकीलों से लिखवाकर निदेशक वित्त ने ग्रांट थॉर्टन को दी है क्लीन चिट: ऊर्जा मंत्री बताएं निजीकरण के बाद सरकार सब्सिडी देगी या नहीं: निजीकरण के विरोध में प्रांत व्यापी विरोध प्रदर्शन जारी: प्रयागराज में हुआ बुद्धि शुद्धि यज्ञ।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि ऊर्जा मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा जी यह स्पष्ट करें कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत निगम के निजीकरण के बाद सरकार निजी घरानों को सब्सिडी की धनराशि देगी या नहीं। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट देने के मामले में पॉवर कॉरपोरेशन के पैनल पर काम कर रहे अधिवक्ताओं से राय लेकर निदेशक वित्त ने फाइल पर क्लिन चिट दे दी है। निजीकरण के विरोध में आज 187 वें दिन प्रांत व्यापी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। आज प्रयागराज में बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया गया।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा जी से पूछा है कि वह बताएं कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले 42 जनपदों का निजीकरण हो जाने के बाद निजी कंपनी को उत्तर प्रदेश सरकार सब्सिडी की धनराशि देगी या नहीं देगी। संघर्ष समिति ने कहा कि विगत वर्ष किसानों, बीपीएल उपभोक्ताओं, बुनकरों आदि की सब्सिडी की धनराशि 22000 करोड रुपए से ऊपर की है। यह धनराशि सरकार ने सब्सिडी के रूप में दी है। माननीय ऊर्जा मंत्री और पावर कारपोरेशन के चेयरमैन घाटे के नाम पर निजीकरण करने की दलील देते समय इस धनराशि को जोड़कर घाटा बता रहे हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 01 अप्रैल 2024 से किसानों को ट्यूब वेल के लिए मुफ्त बिजली देने का ऐलान किया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी किए गए संकल्प पत्र में यह लिखा था कि बीपीएल उपभोक्ताओं को 03 रुपए प्रति यूनिट की दर पर बिजली दी जाएगी। इसी प्रकार बुनकरों आदि को भी लागत से कम मूल्य पर बिजली दी जाती है जो सरकार की और पार्टी की घोषित नीति के अनुसार है। अब जब निजीकरण की दलील देते समय यह कहा जा रहा है कि सरकार यह बोझ नहीं उठा सकती तो ऊर्जा मंत्री को आम जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि बिजली का निजीकरण हो जाने के बाद सरकार यह सब्सिडी की धनराशि का भार उठाएगी या नहीं जिससे निजीकरण को लेकर आम जनता धोखे में न रहे ।
उधर दूसरी ओर निदेशक वित्त निधि आरंग का एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। यह पता चला है कि अमेरिका में पेनल्टी लगने के मामले में और झूठा शपथ पत्र देने के मामले में ट्रांजैक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट देने के लिए निदेशक वित्त ने पावर कारपोरेशन के पैनल पर काम कर रहे कुछ अधिवक्ताओं से विधिक राय लेकर क्लीन चिट दे दी है। संघर्ष समिति ने कहा की निदेशक वित्त निधि नारंग के फर्जीवाड़ा लगातार सामने आ रहे हैं फिर भी निधि नारंग पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है इससे स्पष्ट हो जाता है कि पावर कारपोरेशन के चेयरमैन और निधि नारंग की मिली भगत है और निजीकरण के पीछे मेगा स्कैम होने जा रहा है।
निजीकरण के विरोध में आज लगातार 187 वें दिन प्रदेश भर में बिजली कर्मचारियों ने समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर विरोध प्रदर्शन किया। आज प्रयागराज की पवित्र धरती पर ऊर्जा मंत्री और पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एवं प्रबन्धन को सद्बुद्धि देने हेतु "बुद्धि शुद्धि यज्ञ" किया गया जिसमें सैकड़ो बिजली कर्मियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
@narendramodi@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@ChiefSecyUP@UPGovt@UPPCLLKO@yadavakhilesh@RahulGandhi@Mayawati@aajtak@ABPNews@ZeeNews@News18India@ndtv@timesofindia@IndianExpress@TheEconomist@EconomicTimes
ग्रांट थॉर्टन के बारे में पॉवर कारपोरेशन की स्वीकारोक्ति से उठे बड़े सवाल : ग्रांट थॉर्टन ने सितम्बर 2024 के टेण्डर के सम्बन्ध में एकाउण्टेंट की भर्ती का विज्ञापन भी निकाल दिया था : निदेशक वित्त निधि नारंग की बर्खास्तगी की मांग :
ग्रांट थॉर्टन और निजीकरण को लेकर भ्रष्टाचार के बड़े खुलासे के बाद संघर्ष समिति ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग की है कि निजीकरण के मामले में इतना बड़ा घोटाला सामने आने के बाद वे तत्काल हस्तक्षेप कर निजीकरण की आंड़ में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कार्यवाही करें। संघर्ष समिति ने निदेशक वित्त निधि नारंग की निजी घरानों के साथ मिली भगत को लेकर उनकी बर्खास्तगी की मांग की है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन द्वारा आज देश शाम जारी किये गये प्रेस नोट को संघर्ष समिति द्वारा लगाये गये घोटाले के आरोप की पुष्टि बताते हुए कहा है कि मार्च 2024 के टेण्डर एवं निजीकरण को लेकर बड़ा घोटला सामने आया है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ग्रांट थॉर्टन द्वारा सितम्बर 2024 के टेण्डर के सापेक्ष दिसम्बर 2024 में 19 महीने के लिए लेखाकारों की भर्ती का विज्ञापन भी निकाल दिया था। यह विज्ञापन दिसम्बर 2024 में नौकरी डॉट कॉम के पोर्टल पर निकाला गया था। संघर्ष समिति ने इस विज्ञापन का डॉक्यूमेंट जारी करते हुए कहा कि इसमें कार्य स्थल बरेली, लेसा, सीतापुर, रायबरेली, वाराणसी, आगरा, मथुरा, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, केस्को आदि उत्तर प्रदेश के विद्युत वितरण निगमों के सभी वितरण क्षेत्रों का नाम लिखा है। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि ग्रांट थॉर्टन और निदेशक वित्त निधि नारंग की मिली भगत नहीं थी तो किस आधार पर ग्रांट थॉर्टन ने सितम्बर 2024 में टेण्डर के सापेक्ष दिसम्बर 2024 में नियुक्तियों के लिए विज्ञापन निकाल दिया।
संघर्ष समिति ने कहा कि आज जारी किये गये प्रेस नोट में पॉवर कारपोरेशन ने कहा है कि वर्तमान में उक्त टेण्डर पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सवाल यह है कि सितम्बर 2024 के जिस टेण्डर की टेक्निकल बिड खोली जा चुकी है उस टेण्डर को 7 महीने से निदेशक वित्त निधि नारंग क्यों दबाये रहे। सवाल यह भी है कि सितम्बर 2024 के टेण्डर में ग्रांट थॉर्टन के प्रतिभाग करने की बात निदेशक वित्त निधि नारंग ने निजीकरण हेतु ट्रांजैक्शन कसंलटेंट के टेण्डर में ग्रांट थॉर्टन की नियुक्ति के समय टेण्डर मूल्यांकन समिति को क्यों नहीं बताया।
@narendramodi@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@ChiefSecyUP@UPGovt@UPPCLLKO@aajtak@ABPNews@ZeeNews@News18India@ndtv@timesofindia@IndianExpress@TheEconomist@EconomicTimes