Hey @ICICIBank@ICICIBank_Care
As i am loyal customer to you i have to concern
First is reversal of my credit card as every time i made to payment on time .
Second Please change my relationship manager she is not helping me .
Kindly look into this matter
Hey @Flipkart@flipkartsupport why my request for return the item is not happening.. your ekart service partner is pathetic. It was scheduled to pickup on 24th april 2026 but not happened and now they canceled my request by own ..again i have raised request for pickup and refund
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
“अगर आदमी के पास माल व दौलत की दो वादियाँ हों, तो वह तीसरे की तलाश में रहेगा और आदमी का पेट तो बस कब्र की मिट्टी ही भर सकती है”
(बुख़ारी 6436)
#HadithOfTheDay
रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:-
"ऐ औरतों की जमात! ज़कात दो - ख़्वा अपने ज़ेवरात से ही क्यों ना दो क्यों के क़यामत के दिन जहन्नुम वालों में तुम सबसे ज़्यादा होंगी...!!
(तिरमिज़ी 635)
अल्लाह फरमाता है :-
“ऐ ईमान वालो, जब जुमा के दिन नमाज़ के लिये पुकारा जाये तो अल्लाह के ज़िक्र की तरफ़ लपको, और ख़रीद व फ़रोख़्त छोड़ दो। यह तुम्हारे लिये बेहतर है, अगर तुम समझो”
(सूरह जुमा 62)
#HadithOfTheDay
अल्लाह तआला फरमाया है=
"ऐ ईमान वालो! यहूद और नसारा को दोस्त न बनाओ, वह एक-दूसरे के दोस्त हैं, और तुम में से जो शख़्स उनको अपना दोस्त बनाएगा तो वह उन्हीं में से होगा, बेशक अल्लाह ज़ालिम लोगों को राह नहीं दिखाता।"
(सूरह मायदा आयत न. 51 )
@muwahid_786@_DailyHadith__
अल्लाह तआला फरमाता है -
ऐ ईमान वालो! तुम पर रोज़े फ़र्ज़ कर दिए गये हैं जैसा की तुमसे पहले लोगो पर फ़र्ज़ किए गये, ताकि तुम परहेज़गार (तक़वा वाले) बन जाओ।
( सूरह बकराह आयत न.183)
@_DailyHadith__@muwahid_786
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया:-
“जन्नत का एक दरवाजा है, जिसे रय्यान कहते है, क़यामत के दिन सिर्फ रोज़ेदार ही उस दरवाज़े से दाखिल होंगे, इसके सिवा और कोई इसमे से नहीं दाखिल होगा, पुकारा जाएगा रोज़ेदार कहाँ है? वह खड़े हो जाएँगे, इनके सिवा इससे और कोई नहीं अंदर जाने पाएगा और जब ये लोग अंदर चले जाएँगे तो दरवाज़ा बन्द कर दिया जाएगा”
(बुख़ारी 1896)
#HadithOfTheDay
रसूल अल्लाह ﷺ ने फरमाया:-
उस शख्स की नाक खाक आलूद (बर्बाद)हो, जिस की जिंदगी में रमज़ान का महीना आया और उसकी मगफिरत हुए बगैर वह महीना गुज़र गया।"
(जामे तिर्मिज़ी हदीस न.3545)
@_DailyHadith__@muwahid_786
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
“ज़ुमा के दिन में एक ऐसी घड़ी आती है जिसमें अगर कोई मुसलमान बंदा खड़ा नमाज़ पढ़ रहा हो और कोई चीज़ अल्लाह से माँगे तो अल्लाह उसे वह चीज़ ज़रूर देता है, हाथ के इशारे से आपने बताया की वह वक़्त बहुत थोड़ा सा है”
(बुख़ारी 935)
#HadithOfTheDay