@awasthis@TNNavbharat जितना @AnandAkash_BSP जी को पहले कोई नहीं जानता था, उतना इन 2 सालों के अंदर बच्चा-बच्चा जान चुका है। और मुझे यह भी लगता है कि शायद @Mayawati जी की भी यही रणनीति हो, जिससे हर रोज़ मीडिया में BSP बनी रहे और पार्टी लगातार चर्चा में रहे।
अभी सत्ता में नहीं हैं, इसलिए कर रहे हैं। जब सत्ता में थे, याद है न अखिलेश जी ने क्या-क्या कारनामे किए थे? याद दिलाऊँ?
और ख्वाब छोड़ दो कि दलित अखिलेश को वोट करेगा।
मौजूदा समय में बहुजनों के नेता अखिलेश यादव जी ही हैं।
अगर उन्हें लगता हो कि मायावती जी और कांग्रेस भी उनके हमदर्द हैं, तो ये उनकी सबसे बड़ी गलतफहमी है।
हमें दुख इस बात का है कि OBC, दलित और मुस्लिमों की आवाज़ अखिलेश यादव जी उठा रहे हैं।
और इनमें से कुछ लोग फिर भी अखिलेश यादव जी की बुराई करते रहते हैं।
कल जब सच्चाई समझ आएगी, तब शायद बहुत देर हो चुकी होगी वो लोग बाद में पश्चाताप करेंगे, देख लेना।
1. जैसाकि यह विदित है कि श्री आकाश आनन्द को कल बी.एस.पी. में वापिस लेकर व पार्टी का पुनः राष्ट्रीय संयोजक बनाकर इनको पार्टी के कार्यो में लगा दिया है।
2. लेकिन आज अधिकांशः मीडिया में इस बात को काफी बढ़ा-चढ़ाकर लिखा है कि श्री आकाश आनन्द को चार बार पार्टी से निकालकर अब पुनः पार्टी में वापिस ले लिया है और इनको फिर से पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बना दिया है।
3. जबकि इस सम्बन्ध में इनको मैं यह भी अवगत कराना चाहती हूँ कि श्री आकाश आनन्द की शादी होने से पहले ही वे पार्टी में काफी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे, जिसकी वजह से इनको पार्टी से कभी भी नहीं निकाला गया है।
4. लेकिन इनका रिश्ता श्री अशोक सिद्धार्थ के साथ होने के बाद से फिर इन्होंने अपने ख़ुद के स्वार्थ मे श्री आकाश आनन्द की इमेज को काफी कुछ ख़राब करने का प्रयास किया है।
* जिसके कारण फिर श्री आकाश आनन्द में सुधार लाने के ख़ास उद्देश्य से इनको पार्टी से कई बार निकालना भी पड़ा है और ग़लती का एहसास होने के बाद फिर इनको वापिस भी लेना पड़ा है।
5. लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि श्री अशोक सिद्धार्थ के संन्यास लेने के बाद से अब ऐसी कोई भी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिये कि पार्टी को फिर से इनको अलग करना पडे़।
6. अर्थात् जिस प्रकार से इन्होंने शादी से पहले पार्टी को कभी भी कोई शिकायत का मौक़ा नहीं दिया है, जिसके कारण इनको कभी भी पार्टी से निकालना नहीं पड़ा है और अब श्री अशोक सिद्धार्थ के संन्यास लेने के बाद तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है कि इनको अब आगे कभी भी पार्टी से निकालने की ज़रूरत पडे़गी और अब वे राजनीति में आगे ही बढ़ेंगे, ऐसी सभी को पूरी-पूरी उम्मीद भी है।
7. इसलिए मीडिया को यह सब सच्चाई को उजागर करते हुये तब इनके बारे में पार्टी से कई बार निकालने का उल्लेख करना चाहिये तो यह बेहतर होगा।
आदरणीय बहन कु. मायावती जी, सादर चरणस्पर्श।
आपने मुझे क्षमा किया और बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की ज़िम्मेदारी दोबारा सौंपी। इस भरोसे के लिए मैं तहे दिल से आपका आभारी हूँ, और इसे मैं हल्के में कभी नहीं ले सकता हूँ।
पिछले कुछ समय ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। सबसे बड़ी सीख यह है कि यह मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है। परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी और मान्यवर श्री कांशीराम जी ने जो रास्ता दिखाया, और जिस पर आपने अपना पूरा जीवन लगा दिया, उस पर चलना मेरा सौभाग्य है।
इसलिए आपके दिशा-निर्देशन में पार्टी और मूवमेंट का हित ही मेरे लिए सर्वोपरि रहेगा। मैं अपने सभी व्यक्तिगत हितों को त्यागकर, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ, संगठन को मज़बूत करने के लिए दिन-रात काम करूँगा।
आपने मुझ पर भरोसा किया है। अब उसे अपने काम से सही साबित करना मेरी ज़िम्मेदारी है।
जय भीम, जय भारत।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि परमूपज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व उनके परम अनुयायी मान्यवर श्री कांशीराम जी की देश भर में बहुजन-हित हेतु ज़बरदस्त त्याग-तपस्या, आजीवन कड़ा संघर्ष व उनके उच्च आदर्श हमेशा ही प्रेरणा के स्त्रोत रहे हैं, जिस पर चलकर ही बी.एस.पी. ने देश की राजनीति में अभूतपूर्व सफलतायें अर्जित की हैं और अब ख़ासकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव को लेकर सर्वसमाज के साथ उत्साहपूर्ण ज़बरदस्त तैयारी भी की जा रही है।
2. यहाँ यह भी कहना हैं कि मेरा निजी नहीं बल्कि पूरा ’बहुजन समाज’ ही मेरा विराट परिवार है और उनका हित व कल्याण मेरे लिये सर्वोपरि है और हमेशा ही रहेगा। इसी को मद्देनज़र रखते हुये व ख़ासकर पार्टी में अनुशासन बनाये रखने के लिये ही मेरे द्वारा पिछले कुछ दिनों में, अनेकों सख़्त फैसले भी लिये गये हैं और इसको लेकर मेरे अपने भाई-बहन व उनके परिवार के लोग कभी भी अपवाद नहीं रहे हैं, जो कि जग-ज़ाहिर है।
3. वैसे तो श्री आकाश आनन्द का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक ही रहा है, लेकिन इनको लेकर पिछले दिनों कुछ ऐसे कारण भी रहें हैं जिसकी वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ ज़रूरी परिवर्तन भी करने पड़े हैं और फिर अन्ततः श्री आकाश आनन्द के ससुर श्री अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए मजबूर भी होना पड़ा है।
* जिसके बाद से श्री आकाश आनन्द के व्यक्तित्व व कार्यशैली आदि में काफी कुछ बदलाव भी लोग देख रहे हैं, जिसका ख़ास प्रमाण पार्टी में वापिसी हेतु अभी हाल ही में सोशल मीडिया ’एक्स’ पर किया गया उनका एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा भी है।
4. इसको लेकर पार्टी के अधिकांशः लोगों का यही कहना है कि श्री आकाश आनन्द के अनुरोध को स्वीकार करते हुये उनकी पूर्व की दी गई ज़िम्मेवारियों के साथ इनको पार्टी में पुनः कार्य करने का मौक़ा दिया जाये, जिसके लिए इनके पिता के साथ-साथ इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द ने भी अपनी सहमति जताई है। वास्तव में श्री ईशान आनन्द ने तो अपनी मिशनरी भावना प्रदर्शित करते हुये यह भी कहा है कि वे बिना किसी पद के ही पार्टी में मा. बहनजी के दिशा-निर्देशन में जो भी उनको कार्य सौंपे जायेंगे तो उसे वे अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से ज़रूर निभायेंगे।
5. ऐसे में अब पार्टी काफी सोच-विचार करने के बाद पार्टी व मूवमेन्ट के हित में श्री आकाश आनन्द को पुनः बी.एस.पी. का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कन्वेनर) बनाकर इनको फिर से पार्टी में कार्य करने का मौक़ा दे रही है। उम्मीद है कि श्री अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति सेे संन्यास लेने के बाद से अब पार्टी में सब कुछ ठीक व सुचारू ढंग से चलेगा और पार्टी संगठन में भी बार-बार परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा, हालाँकि यह काफी कुछ श्री आकाश आनन्द के ऊपर भी निर्भर करेगा।
6. इन्ही कुछ ज़रूरी बातों के साथ ही अब मैं पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आज लिये गये इस फैसले के साथ ही श्री आकाश आनन्द के राजनैतिक उज्जवल भविष्य की कामना के साथ ही इनको (श्री आकाश आनन्द) व इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द को तथा इनके पिता श्री आनन्द कुमार को भी अपना बहुत-बहुत प्यार व आशीर्वाद देती हूँ। इतना ही नहीं बल्कि पिछले दिनों हर परिस्थिति में मेरा साथ निभाने के लिए ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के सभी लोगों का व अपने सभी शुभचिन्तकों आदि का भी मैं पूरे तहेदिल से व सम्मान के साथ उनका आभार भी प्रकट करती हूँ।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि परमूपज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व उनके परम अनुयायी मान्यवर श्री कांशीराम जी की देश भर में बहुजन-हित हेतु ज़बरदस्त त्याग-तपस्या, आजीवन कड़ा संघर्ष व उनके उच्च आदर्श हमेशा ही प्रेरणा के स्त्रोत रहे हैं, जिस पर चलकर ही बी.एस.पी. ने देश की राजनीति में अभूतपूर्व सफलतायें अर्जित की हैं और अब ख़ासकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव को लेकर सर्वसमाज के साथ उत्साहपूर्ण ज़बरदस्त तैयारी भी की जा रही है।
2. यहाँ यह भी कहना हैं कि मेरा निजी नहीं बल्कि पूरा ’बहुजन समाज’ ही मेरा विराट परिवार है और उनका हित व कल्याण मेरे लिये सर्वोपरि है और हमेशा ही रहेगा। इसी को मद्देनज़र रखते हुये व ख़ासकर पार्टी में अनुशासन बनाये रखने के लिये ही मेरे द्वारा पिछले कुछ दिनों में, अनेकों सख़्त फैसले भी लिये गये हैं और इसको लेकर मेरे अपने भाई-बहन व उनके परिवार के लोग कभी भी अपवाद नहीं रहे हैं, जो कि जग-ज़ाहिर है।
3. वैसे तो श्री आकाश आनन्द का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक ही रहा है, लेकिन इनको लेकर पिछले दिनों कुछ ऐसे कारण भी रहें हैं जिसकी वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ ज़रूरी परिवर्तन भी करने पड़े हैं और फिर अन्ततः श्री आकाश आनन्द के ससुर श्री अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए मजबूर भी होना पड़ा है।
* जिसके बाद से श्री आकाश आनन्द के व्यक्तित्व व कार्यशैली आदि में काफी कुछ बदलाव भी लोग देख रहे हैं, जिसका ख़ास प्रमाण पार्टी में वापिसी हेतु अभी हाल ही में सोशल मीडिया ’एक्स’ पर किया गया उनका एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा भी है।
4. इसको लेकर पार्टी के अधिकांशः लोगों का यही कहना है कि श्री आकाश आनन्द के अनुरोध को स्वीकार करते हुये उनकी पूर्व की दी गई ज़िम्मेवारियों के साथ इनको पार्टी में पुनः कार्य करने का मौक़ा दिया जाये, जिसके लिए इनके पिता के साथ-साथ इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द ने भी अपनी सहमति जताई है। वास्तव में श्री ईशान आनन्द ने तो अपनी मिशनरी भावना प्रदर्शित करते हुये यह भी कहा है कि वे बिना किसी पद के ही पार्टी में मा. बहनजी के दिशा-निर्देशन में जो भी उनको कार्य सौंपे जायेंगे तो उसे वे अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से ज़रूर निभायेंगे।
5. ऐसे में अब पार्टी काफी सोच-विचार करने के बाद पार्टी व मूवमेन्ट के हित में श्री आकाश आनन्द को पुनः बी.एस.पी. का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कन्वेनर) बनाकर इनको फिर से पार्टी में कार्य करने का मौक़ा दे रही है। उम्मीद है कि श्री अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति सेे संन्यास लेने के बाद से अब पार्टी में सब कुछ ठीक व सुचारू ढंग से चलेगा और पार्टी संगठन में भी बार-बार परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा, हालाँकि यह काफी कुछ श्री आकाश आनन्द के ऊपर भी निर्भर करेगा।
6. इन्ही कुछ ज़रूरी बातों के साथ ही अब मैं पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आज लिये गये इस फैसले के साथ ही श्री आकाश आनन्द के राजनैतिक उज्जवल भविष्य की कामना के साथ ही इनको (श्री आकाश आनन्द) व इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द को तथा इनके पिता श्री आनन्द कुमार को भी अपना बहुत-बहुत प्यार व आशीर्वाद देती हूँ। इतना ही नहीं बल्कि पिछले दिनों हर परिस्थिति में मेरा साथ निभाने के लिए ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के सभी लोगों का व अपने सभी शुभचिन्तकों आदि का भी मैं पूरे तहेदिल से व सम्मान के साथ उनका आभार भी प्रकट करती हूँ।
@UttamYadav_10@aajtak अगर सपा में इतना ही दम है, तो गठबंधन क्यों कर रही है? अकेले चुनाव लड़े और जीतकर दिखाए। अखिलेश जी को भी पता है कि अकेले लड़ने पर सपा की स्थिति कितनी सीटों तक सिमट सकती है। इसलिए गठबंधन की जरूरत पड़ रही है।
आज दिनांक 05-10-2026 को आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी के निर्देशानुसार जनपद लखनऊ स्थित मान्यवर मसीहा साहब श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल, पुरानी जेल रोड, लखनऊ में आगामी 9 अक्टूबर को मान्यवर मसीहा साहब श्री कांशीराम जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित होने वाले विशाल कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया।
#9_अक्टूबर_चलो_लखनऊ
#जयभीम #BSP #लखनऊ #मिशन_2027
बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 04.10.2026
(1) बी.एस.पी. प्रमुख बहन कु. मायावती जी द्वारा उत्तराखण्ड स्टेट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक में ख़ासकर चुनाव आयोग के एसआईआर पुनरीक्षण के बाद वोटर लिस्ट की ताज़ा स्थिति तथा यूपी व पंजाब के साथ वहाँ होने वाले आगामी विधानसभा आमचुनाव हेतु अच्छे व दमदार उम्मीदवारों के चयन की प्रगति समेत अन्य चुनावी तैयारियों की भी गहन समीक्षा की गयी।
(2) विशेषकर ग़रीबों, युवाओं, महिलाओं व कमज़ोर तबकों के लोग वोट देने के संवैधानिक अधिकार से वंचित ना रह जायें, इसके लिये उनके नाम वोटरलिस्ट में शामिल करने का प्रयास पार्टी स्तर पर लगातार जारी रखने का निर्देश।
(3)उत्तराखण्ड सरकार की विभिन्न ग़रीब व जनविरोधी कार्यशैली की तीव्र निन्दा। राज्य सरकार जनहित व जनकल्याण पर कम ध्यान देकर बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों के हित के प्रति ज़्यादा समर्पित लगती है, जो अहम चुनावी मुद्दा।
लखनऊ, 4 अक्तूबर 2026, रविवार: बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद बहन कु. मायावती जी ने बी.एस.पी. उत्तराखण्ड स्टेट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ आज यहाँ अहम बैठक में ख़ासकर चुनाव आयोग के एसआईआर पुनरीक्षण के बाद वोटर लिस्ट की ताज़ा स्थिति तथा यूपी व पंजाब के साथ वहाँ होने वाले आगामी विधानसभा आमचुनाव हेतु अच्छे एवं दमदार पार्टी उम्मीदवारों के चयन की प्रगति समेत अन्य और भी चुनावी तैयारियों की गहन समीक्षा की गयी।
बी.एस.पी. सेन्ट्रल कैम्प कार्यालय, माल एवेन्यू में आयोजित इस बैठक में वोटरलिस्ट की एसआईआर उपरान्त पोलिंग बूथ स्तर तक की कमेटियों के पुनर्गठन को युद्ध स्तर पर पूरा किये जाने की स्थिति की समीक्षा की गयी तथा कमियों को समयबद्ध तरीक़े से पूरा करने के निर्देश दिये गये। उल्लेखनीय है कि एसआईआर उपरान्त लगभग 9 लाख वोटरों के नाम वोटरलिस्ट से हटा दिये गये हैं, किन्तु विशेषकर ग़रीब, युवा, महिलायें व कमज़ोर तबकों के लोग वोट देने के अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित ना रह जायें इसके लिये उनके नाम वोटरलिस्ट में शामिल करने का प्रयास पार्टी स्तर पर ज़रूर जारी रहना चाहिये।
बैठक में उत्तराखण्ड सरकार की ख़ासकर ग़रीब व जनविरोधी कार्यशैली की तीव्र निन्दा करते हुये कहा गया कि भाजपा सरकार जनहित व जनकल्याण पर कम ध्यान देकर बड़े- बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों के हित के प्रति ज़्यादा समर्पित लगती है, जिनके धनबल पर भी वे लोग चुनाव को अपने पक्ष में प्रभावित करते रहते है, जो अहम चुनावी मुद्दा भी है।
यूपी की तरह ही सघन चुनावी तैयारियों के साथ-साथ बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी की आगामी 9 अक्टूबर को पुण्यतिथि को, पूर्व के निर्देशानुसार, पूरी मिशनरी भावना से आयोजित करने पर बल देते हुये मा. बहनजी ने कहा कि यूपी-दिल्ली सीमा पर बी.एस.पी. सरकार द्वारा स्थापित भव्य ’बहुजन प्रेरणा केन्द्र’ में रख-रखाव का सरकारी कार्य जारी रहने के दौरान लोगों की भीड़ एकत्र होने पर किसी दुर्घटना आदि की संभावना से बचने के लिये इस वर्ष वहाँ कार्यक्रम आयोजित नहीं किये जा रहे हैं। इसीलिये पूरे यूपी के सभी मण्डलों के लोग राजधानी लखनऊ आकर यहाँ विशाल गुम्बद आकार के भव्य ’मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ पर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे, जबकि अन्य राज्यों के लोग ज़ोन-स्तर पर खुली संगोष्ठी आयोजित कर मान्यवर श्री कांशीराम जी, को अपने श्रद्धा-सुमन व भावभाीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
जारीकर्ता:
बी.एस.पी. यूपी स्टेट कार्यालय
12 माल एवेन्यू, लखनऊ
@UttamYadav_10 एक बात तो माननी पड़ेगी—जितने भी अनपढ़ तुम्हारे जैसे लोग हैं, वे अभी भी SP के साथ हैं, और सिर्फ़ पढ़े-लिखे लोग BSP के साथ हैं।
जैसे अभी SP मुस्लिम समाज से किसी को राज्यसभा के लिए नहीं भेज रही है, इसलिए इस बार वह भी सिर्फ़ BSP को ही वोट करेगा।
@NkNandanLive@journalist_syed@Mayawati@AnandAkash_BSP@PalVishwnathbsp@Rajpathup तुम्हें ही कुछ दिक्कत रहती है। इतना बोलते ही क्यों हो फिर तुम? तुम्हें ही तमीज़ नहीं है कि बड़ों से कैसे बात करते हैं।
और इसमें जाति कहाँ से आ गई?
थोड़ा जातिवादी मानसिकता से बाहर निकलो और समाज के लिए कुछ सोचो। तुम BSP को जिताने के लिए कोशिश करो, वही अपने समाज के लिए बेहतर होगा।