स्कूल के विद्यार्थी कह रहे हैं कि जाति देखकर उनके शिक्षक ही भेदभाव करते हैं. ये वीडियो कहाँ और कब की है, इसकी पुख़्ता जानकारी किसी के पास हो ज़रूर साझा करें.
हिंदू राष्ट्र बनाने पर आमादा झुंड को ऐसे मुद्दों पर बोलते कभी देखा आपने? RSS-BJP के वे लोग भी बताएँ जो जातिगत भेदभाव, आरक्षण और संविधान पर हमलावर हैं.
'जाति जनगणना करने से जातिवाद बढ़ जाएगा' कहकर जाति जनगणना रोकने वाले भी ऐसे दृश्य देखकर शर्मिंदा होंगे. बिना गिने जातिवाद बढ़ता देखकर पछता रहे होंगे.
स्कूल तक जातिवादी हो गये, फिर जातिवाद को ख़त्म कौन करेगा?
अ���ावली पर्वतमाला, जो मरुस्थलीकरण और प्रदूषण से हमारी प्राचीन ढाल है, खतरे में है! सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने 100 मीटर से नीचे की पहाड़ियों की परिभाषा बदल डाली है है, जिसकी वजह से पूरे देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और #SaveAravaliHills अभियान पूरे देश में ट्रेंड कर रहा है। आइए उत्तर भारत के फेफड़ों की रक्षा के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें!
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#SaveAravalli
देश मे असली आरक्षण तो मुगलो और अंग्रेजो के जमाने से ब्राह्मण ही ले रहे है.
जब SC, ST, OBC पढने लगे,उन्होने अपना हर स्थान पर हक और प्रतिनिधित्व मांगा तो यही ब्राह्मण आरक्षण का रोना रोने लगे.
डॉ बाबासाहेब आंबेडकर जी ने संविधान के माध्यम से आपको वो हक और अधिकार दिलाए.
जय भीम 💙🙏🏻
ब्राह्मणो का आरक्षण....
देश के हर उचे पद पर ब्राह्मण आरक्षण है.देश के आजादी से लेकर अब तक सर्वोच्च न्यायालय पर सिर्फ ब्राह्मण आरक्षण रहा है .दो या तीन SC वर्ग से होंगे.
विद्यापीठो मे प्रोफेसर, HOD पदो पर सब ब्राह्मण आरक्षण.
कोलेजियम, लेट्ररल एन्ट्री आरक्षण से ब्राह्मणो की नियुक्ती होती है.
���िर भी आरक्षण के विरुद्ध दिन रात ब्राह्मण ही रोते रहते है.
क्यूँकी ब्राह्मणो के सामने जिनको खडे रहने का हक नही था वो आज उनके बराबरी में आकर बैठ गये है. इसी दर्द के कारण 52 आरक्षण का रोना रोते है.
आरक्षण ये आपका हर स्थान पर प्रतिनिधित्व है. जिसपर सिर्फ ब्राह्मण कब्जा जमाये बैठे है.
Thank you Dr Babasaheb Ambedkar 🙏🏻💙
We are because, he Was
अंधभक्तो ki नज़र से भक्ति आस्था है क्योंकि गौबर गौमुत्र का Overdose का असर 😂
पर आप किसी मनोचिकित्सक से पूछेगें तो कहेंगे कि यह एक मानसिक बीमारी ki शिकार है और इसका इलाज नहीं kiya तो 😂😂😂
2014 के बाद मानसिक बीमारी ko संख्या में बढ़ोतरी आई है ।
अरावली पहाड़ियों को जेसीबी मशीन के ऑपरेटरों ने पहाड़ उखाड़ने से ��ना कर दिया है, ऑपरेटरों में एकता हो रही है और कहा जा रहा है कोई भी नहीं जायेगा।।
अरावली बचाओ अभियान अब पूरे देश में फैल चुका है, कैसे भी करके अरावली को बचाना ही होगा।
बीजेपी के राष्ट्रीय नेताओं को प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी जी को और श्री अमित शाह जी को मैं खुली चेतावनी देती हूँ यदि आप सही मायने में ईमानदा�� है। तो ईवी��म की बजाय चुनाव बैलेट पेपर से चुनाव कराये।
सुनें आदरणीय बहनजी ने क्या कहा ?
इस विडियो से यह अंतर साफ़ दिख रहा है कि किसे दूध की ज़्यादा ज़रूरत है।
एक तरफ़ देश भुखमरी की मा₹ झेल रहा है वहीं दूसरी ओर पोंगा पंडा लोग कीमती दूध को नदी में बहा कर बर्बाद रहे हैं, शर्मनाक!
सभी साथी पोस्ट को शेयर करें जबतक इस जातीय आतंकवादी की गिरफ्तारी न हो जाए 😡
रिया रावत नाम की यह लड़की खुलेआम सोशल मीडिया पर जाटव व वाल्म���कि समाज को इतनी गंदी जातिसूचक गालियां देकर उनका अपमान कर रही है जिसकी कोई सीमा नहीं
@noidapolice @Uppolice कृपया जल्द से जल्द इस महिला के ऊपर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करके इसे जेल भेजें, अन्यथा समाज का यह अपमान बर्दाश्त करने योग्य नहीं है
@Bahujansenaa @BhimArmy_BEM @NCSC_GoI @CP_Noida @dgpup @DelhiPolice
हार की हताशा में भाजपाइयों की गुंडागर्दी शुरू!
मरीचा चौक, सराय में राजद कार्यकर्ता पर भाजपाई गुंडे और उसके भाई ने चाकू से हमला किया!
इन अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी कर चुनाव आयोग अपनी निष्पक्षता सिद्ध करे! @CEOBihar@ECISVEEP
BJP के राज में दलितों का दमन।🚨⚠️
यूपी के औरैया में जातिवादी गुंडों ने फावड़े और अन्य हथियारों से दलित समुदाय की एक महिला पर जानलेवा हमला किया। पीड़ित महिला को गंभीर चोटें आई है।
हमलवार राजपूत बताए जा रहे हैं। ��्रशासन इन दोषियों पर BNS एवं SC-ST Act के तहत कठोर कार्रवाई करे।
खदान हमारी फैक्ट्री 52 कि
जंगल हमारा लकड़ी 52 कि
जल हमारा बड़े-बड़े बांध 52 के
जमीन हमारी बंट अडानी अंबानी धन्नासेठों को रही है
यदि आप जाग गए तो उनका राज खत्म हो जाएगा इसलिए धार्मिकता को बढ़ाया जा रहा है और #ईवीएम से चुनाव कर सत्ता की सेटिंग की जा रही है
“ये जो लाखों - लाखों की संख्या मे लोग आये हुए है तो इनको यहाँ दूसरी पार्टियो की तरह मजदूरी देकर दिहाड़ी पर नहीं ��ाया गया है
बल्कि ये लोग अपने खून पसीने की कमाई के पैसों से ही खुद चलकर आज के अपने 9 अक्टूबर के प्रोग्राम में मुझे सुनने के लिए आये है।”
~ आदरणीय बहन कु• मायावती जी
जिला गोरखपुर के थाना चिलुआताल क्षेत्र में सफाईकर्मी के बेटे 8वीं कक्षा के नाबालिग छात्र हर्ष मौर्य को जातंकवादियों द्वारा अगवा कर हार्डवेयर की दुकान में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने और थूक चटवाने की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है।
जातंकवादियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने इस बर्बरता का न केवल वीडियो बनाया, बल्कि उसे वायरल भी किया, मानो कानून और प्रशासन का उन्हें कोई भय ही न हो।
यह घटना सिर्फ एक बच्चे पर हमला नहीं, बल्कि पूरे बहुजन समाज की गरिमा, संविधान और इंसानियत पर सीधा प्रहार है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आपके गृह ज़िले में हुई यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था की विफलता उजागर करती है, बल्कि हमारे समा��� में गहरे बैठे जातंकवाद की सच्चाई भी सामने लाती है।
हम @UPGovt से त्वरित न्याय, दोषियों पर कठोर कार्रवाई, और पीड़ित मासूम बच्चे को सुरक्षा व न्याय की माँग करते हैं।
@CMOfficeUP
पहलगाम में धर्म पूछकर मारा गया, और यहां मेरे पति की जाति देखकर।
मेरे पापा प्रेम शंकर झा ने मेरे सामने राहुल को गोली मार दी, उसे फांसी होनी चा��िए।
: तनु प्रिय झा
'मैं हिंदू धर्म में पैदा जरूर हुआ, लेकिन हिंदू रहते मरूंगा नहीं।' डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर का यही विचार भाजपा और संघ के लोगों को चुभता है। इसलिए वे बाबा साहब से नफरत करते हैं और उनका बार-बार अपमान करते है। लेकिन बाबा साहब का संघर्ष और विचार अमर है। #JaiBhim
बाबा साहब का अपमान क्यों ? अमित शाह ने कहा कि 'अंबेडकर का नाम लेना फैशन हो गया है। अगर डॉ अंबेडकर का नाम लेने की जगह भगवान का नाम लेते तो 7 जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।' लेकिन गृहमंत्री जी, दलित-बहुजन समाज ने वर्षों तक काल्पनिक भगवानों के नाम पर सिर्फ अन्याय और शोषण झेला है।
अमि��� शाह और उनकी पार्टी के लिए बाबा साहब का नाम लेना फैशन होगा लेकिन दलित-बहुजन समाज बाबा साहब को अपना मसीहा मानता है। उनके लिए डॉ. अंबेडकर किसी भी काल्पनिक भगवान से बड़े हैं।
बाबा साहब ने केवल जातिवाद के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ी, बल्कि समानता और अधिकारों की वो नींव रखी जो आज भारत के संविधान का आधार है।अमित शाह का बयान केवल एक अपमानजनक टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह यह दिखाता है कि मौजूदा सरकार डॉ. अंबेडकर की विचारधारा से कितनी असहज है।
इतिहास गवाह है कि ब्राह्मणवादी ताकतें हमेशा से अंबेडकर के विचारों को कमजोर करने की कोशिश करती रही हैं। बाबा साहब ने इन्हीं ताकतों को चुनौती दी थी, और आज दलित-बहुजन समाज उसी चुनौती को आगे बढ़ा रहा है।
बाबा साहब ने हमें सिखाया कि स्वर्ग में नहीं, बल्कि इस धरती पर समानता और न्याय के लिए लड़ना है।
उपचुनाव से पहले बीजेपी पदाधिकारियों की कार से पकड़ी गई शराब की खेप?
इस तरह भाजपा हमारी पवित्र देवभूमि को प्रदूषित कर रही है?
क्या इससे बीजेपी आईटी सेल के विदूषकों की हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचेगी?