@MVVNLHQ@ZoneAmausi complain to 3 mahine se darj hai jab tak bada hadsa na ho jaye tab tak adhikari jagte kaha hai april se yahi natak hai ab mansoon ayega or logo ko marne ke liye bola jayega. @AKSharmaOffice@EMofficeUP
@upsrtc_lko@ItUpsrtc@lucknowtraffic@lkopolice pure charbagh me ayse he beech ke bus rok ke sawari bharte piche log paresan jaam se lekin inko farak na kyuki paise pahuch jate honge itta he hum. ummed karte @Uppolice se.
pure din ye msg ata or hota kuch na... is msg ko ab koi serious na leta.... is tarah se har baar galat update dene se trust he na rahega or kabhi sahu hua to log dhyan na denge @CentreLucknow
@PiyushGoyal ap filhal jangadna isi dhoop me karaeye bijli ke rate mehnge kar dijiye garmi ko padne dijiye log dhoop me ghar ghar ghum ke marte to mare 2 mahine ke liye ye kaam tala thodi ja sakta
"दूसरे के मकान पर बुलडोज़र चलाया!
फर्जी एनकाउंटर दिखाया!
जबकि RSS से था मेरा बच्चा!!"
ग्रेटर नोएडा के 15 साल के ब्राह्मण बालक गोपाल शर्मा की निर्मम हत्या पर पिता का बयान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट! वो भी बदल दी?
फर्जी बुलडोज़र? झूठा एनकाउंटर?
जो गोपाल के पिता कह रहे वो सत्य है ? तो इसकी जांच अब CBI के हाथों देनी चाहिए
एक पुत्र की इतनी निर्मम हत्या - पिता के दर्द को समझना होगा - उन्हें न्याय दिलाना होगा
@narendramodi kal janhadna vale aye the garmi se behaal lekin apne vote bank me apko ye na dikhta., arey ye kuch din ruk bhi sakta itti tez dhoop me bichare ghum rahe ghar ghar koi pani tak na puchta
ब्राह्मण बच्चे की आंख निकाली गई, गुप्तांग काटा गया !
भीमवादी जश्न मना रहे ! मीडिया की No Coverage.
-दिलीप पाण्डेय
यूपी में एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है । 21 मई को बच्चा गायब हुआ और 23 मई को लाश मिली । खबरगांव के यूट्यूूब चैनल ने पीड़ित परिवार से बात की तो पता ये लगा कि बच्चे के नाखूनों में कील ठोंकी हुई थी । आंखों को निकाला गया । गुप्तांग काटा गया । तेजाब फेंका गया और गलत काम करके तड़पा कर मारा गया ।
याद कीजिए हाथरस केस, जिसमें दलित बच्ची का केस था । फर्जी तरीके से ठाकुरों को फंसाया गया, बाद में सारे लोग छूट गए । जो एक व्यक्ति फंसा हुआ है उसके बारे में गांव में क्या चर्चाएं रहीं ये कोई आज भी जाकर पूछ सकता है, पूरा मामला असल में क्या है समझ में आ जाएगा । हाथरस केस में भीम आर्मी ने प्रोपागेंडा किया और पूरा नोएडा के फिल्म सिटी का मीडिया वहां पहुंचकर कर अखंड कवरेज करने लगा जबकि यहां क्योंकि ब्राह्मण बच्चा है तो सबका जमीर ठंडा पड़ गया इसलिए क्योंकि शायद सुनियोजित रूप से अंडेकरवाद और पेरियारवाद को देश में बढ़ाया जा रहा है जिसके मूल में ही ब्राह्मण विरोध है ।
मतलब ब्राह्मण लड़की रुचि तिवारी की मॉब लिंचिंग की कोशिश हो, यूजीसी लाया जाए, ब्राह्मण बच्चे की आंख निकाल ली जाए लेकिन मीडिया को कुछ नहीं कहना है, जबकि तमाम मीडिया न्यूज चैनलों में सभी अहम पदों पर अधिकांश सामान्य वर्ग के लोग ही काबिज हैं उसमें भी ब्राह्मण ज्यादा हैं ।
मैंने एक फोटो भी अपलोड किया है । सामान्य वर्ग के अधिकारों की मांग उठाने वाले एक ट्विटर चैनल पर जब इस बच्चे के लिए मांग उठाई गई तो एक भीमवादी ने उस मृतक बच्चे को ही मां बहन की गाली देते हुए लिखा है कि मर गया अच्छा हुआ ।
आप खुद सोच सकते हैं कि फुलेवाद के नाम पर देश में किस तरह ब्राह्मण विरोधी घृणा फैलाई जा रही है और इसका दुष्परिणाम किस तरह पूरे देश में लगातार सामने आ रहा है ।
-दिलीप पाण्डेय
शेयर, फॉलो, रीट्वीट,