“क्रांति दिवस पर शहीदों को नमन”
DIG रेंज मेरठ श्री कलानिधि नैथानी द्वारा आज दिनांक 10.05.2026 को स्मारक पहुंचकर, देश की आज़ादी के पहले संग्राम में हिस्सा लेने एवं अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनका नमन किया..
#KrantiDiwas
आज दिनांक 10.05.2026 को क्रांति दिवस के अवसर पर #SSPMRT द्वारा थाना सदर बाजार स्थित अमर शहीद धनसिंह कोतवाल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। #MeerutPolice#UPPolice
गुर्जर संसद 📌
विचार संग्रह - टिप्पणी !
यूँ तो वीरो की इस क़ौम को एक पटल पर लाना कोई आसान कार्य नहीं और यदि इस ओर कोई प्रयासरत रहता भी है तो उसके साथ मुश्किलें आना स्वाभाविक है !
आयोजन करना और उसको सफल बनाना तो अलग अलग परिपेक्षों में समझा जा सकता है , किसी भी यज्ञ/हवन रूपी आयोजन को आयोजित करना आयोजकों पर निर्भर है और सफल बनाना आहुतिकर्ताओ पर !
त्रुटि/गलती किसी भी आयोजन का एक भाग है, आमंत्रण-निमंत्रण , आव-भाव , आदर-सत्कार में कोई भी कमी रह जाना भी एक स्वाभाविक सी बात है , लेकिन इन्ही त्रुटियो के बीच आयोजन का हो जाना और सफलता पूर्वक हो जाना एक बड़ी बात है !
विचारणीय है की , गुर्जर संसद जैसी पहल एक नई सोच और दिशा को जन्म दे सकती है , सभी को एक पटल पर लाने की यह पहल सराहनीय है और क़ौम की ऊर्जा को समाहित करने में अहम योगदान देगी , इत्यादि विचारो से अलग इक्कीसवी सदी इस दौर में साथ बैठने और विचारो को गढ़ने की पहल अच्छी है और सरहानीय है !
प्रथमदृष्टिया , अभी गुर्जर संसद एक नवयुग का नव-आयोजन है, समयानुसार त्रुटियां दूर होंगी और आयोजन भी धीरे धीरे ज़िला स्तर से देश स्तर की ओर बढ़ेगा!
आयोजनकर्ताओं को प्रोत्साहन और आलोचकों के योग्य विचारो पर कार्य करने का आग्रह!
🙏🏼
🚨 तीतरो ���ें गुर्जर परिवार पर क्रूर हमला!
20-25 दलित युवकों ने अचानक लाठी-डंडों से पीटा:
• 2 के सिर फटे
• लड़के का हाथ टूटा
• माँ घायल
अब इंस्पेक्टर FIR बदलने का दबाव डाल रहा! वायरल ऑडियो में सब साफ सुनाई दे रहा।
क्या गुर्जर समाज की इज्जत बेकार? न्याय दो!
आवाज उठाओ, RT करो!
50 साल से मांडल में गुर्जरो के माथे पर कलंक लगा हुआ है जो हमे गुलामी का अहसास कराता रहता हैं हम इसको हटाकर रहेगे या लड़कर मर जायेगे।
अब तक 16 बार कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो चुकी हैं अगली सुनवाई 10 मार्च 2026 को होगी सरकार अपने वादे के मुताबिक़ मजबूत पक्ष रखें ।
🚨 Subramanian Swamy का बड़ा खुलासा! 💥
“योगी का बलून फ्यूज हो गया है… अब ज़्यादा दिन नहीं चलेगा।
ठाकुरवाद कर रहा है, साधु होकर अहंकार में डूब गया है।”
“अमित शाह तो गुंडा है…
जज की खोपड़ी तक तुड़वा चुका है!” 😳
BJP की असलियत, उसी के घर से 😏
पैरों तले ज़मीन से इंसान के जमीर तक दोनों में भारी हलचल होने लगती है जब आप 36 बिरादरी की जगह 35 बिरादरी के नेता घोषित हो जाते है ,और वो बची हुई एक बिरादरी आपकी अपनी हो !
#दादरी_प्रकरण
ये दोहरे रवय्ये, ये जालसाज़ीया अब नहीं चलेंगी, क्योंकि ये दौर खामोशी का नहीं ��ेबाकी का है।
चेतावनी⚠ :- दलगत राजनीति से ऊपर समाज के प्रति चिंतन, वास्तविकता से ओतप्रोत कुछ कडवे घूंट सहन कर सको तो सेवन करो।
सहमति असहमति जताने के लिए प्रत्येक व्यक्ति स्वतंत्र है।
अतुल प्रधान :- माननीय, जुझारू, क्रांतिकारी, मेहनती, दबे कुचलो कि एक मजबूत आवाज सरधना से विधायक बडे भाई अतुल प्रधान, देश प्रदेश के भिन्न भिन्न कौनो मे जाकर समाज के लिए आपने जो क्रांति कि मशाल जलाई उसको कोई नकार नहीं सकता लेकिन आपके गृह जनपद में आपकी विधानसभा में उस मशाल कि लो अंधकार में कैसे बदली समझ से परे है।
जिन युवाओं ने आपके संघर्ष को तरजीह दी, देश प्रदेश में आपके नारे बुलंद किए उनको आपने नेतृत्व विहीन भीड़ बताकर "बहारी" करार दिया।
और हमें गर्वित करता है अपने उन आंदोलनकारियों का जज्बा जिन्होंने आपकी मिठी गोलियों व दिखावटी पैरवी को जेल में रहते ठुकराया।
मेल मिलाप कि औपचारिकताओं के दौर के बाद आपने समाज के अधिवक्ताओं कि मेहनत, समाज के क्रांतिकारी "बहारी" युवाओं के चार दिनों के संघर्ष के फल को अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जी कि ज़ाजम पर सजाकर, जो महान एहसान आपने समाज के ऊपर किया है उसके लिए समाज आपका सदैव ऋणी रहेगा।
समाज के लिए आपके संघर्षों को नकारा नहीं जा सकता,लेकिन दादरी प्रकरण में आपकी भुमिका को दरकिनार नहीं किया जा सकता सवाल पुछा जाएगा।
2 इकरा हसन:- गुर्जर समाज कि लाडली बेटी, देश मे��� नाम कमाने वाली कैराना सांसद बहन इकरा हसन, जीतने कि मुख्य वजह तत्कालीन सांसद / प्रत्याशी का समाज से ज्यादा पार्टी मोह।
समाज ने बेटी मानकर वोट दिया, लेकिन बेटी के हालात ये है कि बेटी को याद दिलाना पड़ता है कि आपका एक समाज है , उसके प्रति भी आपका कुछ दायित्व बनता है, लेकिन चलो समाज जब भुतपूर्व करेगा तो कई दशकों तक समाज को भुला नहीं पाओगी।
वक्त सदा किसी का नहीं रहा माननीय सांसद महोदया।
3. राजकुमार भाटी जी:- आदरणीय, प्रखर वक्ता, बुद्धिजीवी, कुतर्क करने वालों को तर्कों से मात देने वाले विधानसभा दर विधानसभा गुर्जर समाज कि गिनती करवाकर "गुर्जर चौपाल" का दंब भरकर गुर्जरों में राजनैतिक चेतना का पुनर्जन्म करवाकर समाजवादी कि कालीन पर सजाने के लिए संघर्ष करने वाले राजकुमार भाटी जी कि चेतना, जागरुकता दादरी में कैसे दम तोड़ गई? क्या संघर्ष बस वोट तक?
"गुर्जर चौपाल" से PDA चौपाल तक का आपका ये समाजिक संघर्ष याद रखा जाएगा।
4 मुखिया गुर्जर:- संघर्ष , क्रांति का पर्याय चोंकी थानों पर चढाई करवाकर प्रशासन को कई बार घुटनों पर लाने वाले आदरणीय क्रांतिकारी मुखिया गुर्जर जी ,ये क्रांतियाँ मेरठ दादरी में खामोश कैसे हो गई?कैसी आपका दहाड़ को सुनने के लिए गुर्जर समाज तरस गया? आपने तो अन्य जिलों के गुर्जरों के नेताओं को "नेती" कि संज्ञा दि थी , अब अपनी बारी आई तो अपने ही जिले में वो संज्ञा अपना ली या कोई नीजी राजनैतिक / समाजिक मजबूरी का शिकार हो गए?
या जन्मभूमि को कर्मभूमि बनाने के इच्छुक नहीं रहे?
जिनसे ��म्मीद बेबाकी कि थी, उन्होंने खामोशी इख्तियार करके समाज को राजनैतिक हाकिमों को सौंप दिया।
जो सत्ताधारी है उनकी तो सत्ता के नखरे समझ आते है, लेकिन तुम्हारे तो आका भी खुलकर खेल रहें हैं तो तुम्हारी क्या मजबूरी रही?
समाज के ये सभी क्रांतिकारी चेहरे कोई व्यक्तिगत लडाई लडते हुए या कोई व्यक्तिगत जुर्म करके जेल नही गए बल्कि समाज के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ लड़ाई लडते हुए इन्होंने स्वेच्छा से गिरफ्तारी दि है।
और अब शासन प्रशासन कि प्रताडना के विरुद्ध जेल में भुख हड़ताल पर बैठे है।
और समाज के संगठनों ने इनके जज़्बे को सलाम/प्रोत्साहित करने कि बजाय खामोशी इख्तियार कर रखी है।
अगर हम घरों में बैठ कर भी अपने इन क्रांतिकारी भाईयों के लिए बोल / लिख नही सकतें तो मंचों से एकता / सौ कोस के गुर्जर कि एक माँ" जैसे खोखले नारे देने बंद कर देने चाहिए।
अरे लड नही सकते तो बोलों, और बोल नहीं सकते तो लिखों, और अगर लिख नही सकते तो लिखने बोलने वालों का साथ दो।
लेकिन इस गंभीर मामले को दरकिनार/ या इसपर खामोशी इख्तियार मत करो।
#ReleaseGurjars