विद्यालय समय कोरोनाकाल से पूर्व के काल की भाँति गर्मियों में 8 से 1 और सर्दियों में 9 से 2 होना ही चाहिए। वर्तमान समय में माध्यमिक विद्यालयों में भी यही चल रहा है। माध्यमिक के बड़े बच्चों से अधिक समय बेसिक के बच्चों को किसीभीकीमत पर नहीं होना चाहिए @myogiadityanath@myogioffice
@PoojaaShrivas10@myogiadityanath@myogioffice@basicshiksha_up समझ नहीं आता
हर 6ठे माह याद क्यों दिलाना पड़ता है कि जी आपके AC रूम के बाहर बहुत गर्मी पड़ रही है
अब बाहर बहुत सर्दी पड़ रही है
वैसे तो इन्हें वंचित वर्ग मानते हैं जिनके पास ठंड, गर्मी से बचाव के साधन नहीं हैं
फिर बच्चों की सुरक्षा हेतु समय परिवर्तन की हर बार मान मुरव्वत क्यों
जब आपके द्वारा लगाए हुए पौधे में फूल/फल आता है तो उस फूल में आपको अपनी मेहनत का प्रतिफल मिल जाता है।
और इसका बेहतरीन अनुभव और आंनद एक शिक्षक के अलावा शायद ही कोई और ले सकता हो।
हां बच्चों के अल्हड़ बचपन को तराशते हैं,
"हम परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक"
#YogiBasicEducationModel
विगत 6 वर्षों में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा परिषद में 1.64 लाख शिक्षकों की भर्ती सम्पन्न हुई है।
जो लोग रिटायर हो रहे हैं एवं जहां पर अतिरिक्त शिक्षकों की आवश्यकता पड़ती है, वहां पर निरंतर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है: #UPCM@myogiadityanath
भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए पूरे प्रदेश में 1-8 तक के विद्यालयों का समय परिवर्तन होना चाहिए और विद्युत विभाग को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि बिजली कटौती विद्यालय समय के दौरान न की जाए। बच्चे वास्तव में बड़ी तकलीफ़ में हैं और शिक्षक असहाय हैं। 😒😟 @thisissanjubjp@CMOfficeUP
भीषण गर्मी ,धूप और उमस को देखते हुए पूरे प्रदेश में 1-8 तक के परिषदीय विद्यालयों का समय परिवर्तन अति आवश्यक है साथ ही विद्युत विभाग को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बिजली कटौती विद्यालय समय के दौरान न की जाए
बच्चे और शिक्षक सभी गर्मी से बेहाल और असहाय हैं। @basicshiksha_up
आदरणीय @DistrictEtawah सर जी,भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए पूरे जनपद में 1-8 तक के विद्यालयों का समय परिवर्तन होना चाहिए और विद्युत विभाग को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि बिजली कटौती विद्यालय समय के दौरान न की जाए। बच्चे वास्तव में बड़ी तकलीफ़ में हैं और शिक्षक असहाय हैं।
भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए पूरे प्रदेश में 1-8 तक के विद्यालयों(प्राइवेट-परिषदीय) का समय परिवर्तन होना चाहिए और
विद्युत विभाग को इस बात का खयाल रखना चाहिए कि बिजली कटौती विद्यालय समय के दौरान न की जाए। बच्चे वास्तव में बड़ी तकलीफ़ में हैं और शिक्षक असहाय हैं।