Delhi Police exposed Lies of Abhijeet Dipke!
CJP lied that Dipke kept requesting to allow him talk to his family because his grandmother died, but police denied.
Delhi Police released Video Proof that police asked him to talk to his family or wants to go to his home.
It was Abhijeet Dipke who denied.
He wanted to use his grandmother's dead body for his cheap politics.
Dipke is bigger fraud and chameleon than Kejriwal.
Shame!
पत्रकार रेखा पूरे 9 घंटे हैदराबाद पुलिस की पूछताछ के बाद अपनी 5 महीने की बच्ची को गोद में लेकर पुलिस मुख्यालय से बाहर निकलते हुए
अब आप सोच रहे होंगे कि पत्रकार रेखा का कोई बहुत बड़ा गुनाह होगा
जी हां इनका गुनाह यह था कि इन्होंने गलत के खिलाफ बोला
इन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवन्त रेड्डी। के भ्रष्टाचार पर दो मिनट का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डाला था
और उसके बाद तेलंगाना की साइबर सेल पुलिस ने इनको पूरे 9 घंटे तक पूछताछ के लिए कमरे में बंद करके रखा और उनके साथ उनकी 5 महीने की मासूम बच्ची भी थी
अब कोई बुद्धिजीवी इस पर आवाज नहीं उठा रहा है
अब यह किसी नारीवादी को गलत नहीं लगेगा
क्योंकि यह काम तो कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने किया है
अब आप कल्पना करिए अगर कोई महिला पत्रकार किसी बीजेपी शासित राज्य के मुख्यमंत्री के लूट के खिलाफ वीडियो बनाई होती और वहां की पुलिस उसकी 5 महीने की बच्ची के साथ 9 घंटे तक कड़ी पूछताछ की होती तब इस देश में क्या माहौल होता
@elonmusk What u & ur Starlink have done in Ukraine -Russia war ... evryone saw
U want to become the boss of universe..BT sorry , This is new India .
We are the Boss
INDIAN EXPRESS KI FATT GAYI? DISTANCING FROM MISLEADING ARTICLE ON ECI?
1st expose by @JethmalaniM on payments linked to CONgress & then SC refusing reliability of IE "report", IE seems to be on backfoot & has pushed Damini Nath to play against Agenda Peddlist Ritika Chopra.
Damini Nath now writes that any disagreement between 3 ECs is not the 1st instance & has happened many times before. It's all about final decision which comes with unanimity or majority. She also says that Ritika Chopra doesn't even cover ECI.
I won't say (as said in this video) that IE has retracted completely as earlier Hit-Job article is still there, but through Damini Nath, now it seems to be wanting to dilute the heat it's facing.
BJP must cut all advertisements to Indian Express & hit where it hurts the most....POCKETS OF PRESTITUTES! Afterall, they sell soul of journalism for money only, right?
फ्लाईदुबई की उड़ान के को-पायलट का नाम सामने आया। @WSJ के अनुसार उसका नाम हमाम अल हमामी है।
उसका इरादा कैप्टन को मार कर विमान का नियंत्रण अपने हाथ लेकर इज़राइल में गिराना था।
उसके कट्टरपंथी विचारों के कारण ओमान उस पर पहले प्रतिबंध लगा चुका था।
इसके बावजूद फ्लाईदुबई ने उसे संवेदनशील वायु मार्ग पर ड्यूटी दे दी।
अगर कैप्टन स्मित ने उसके मंसूबे नाकाम नहीं किए होते तो सैंकड़ों लोगों की जान विमान और ज़मीन दोनों जगहों पर जा सकती थी।
कुछ लोग इतिहास पढ़ते हैं, कुछ उसे जीते हैं। और कुछ ऐसे होते हैं जो अपने खून से उसे लिख देते हैं।
बुधवार की सुबह। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड 1073 आसमान में थी। सब कुछ सामान्य था, तभी कॉकपिट के भीतर वह हुआ जिसकी कल्पना से भी रूह कांप जाए। आरोप है कि ओमान के सह पायलट ने चाकू निकाला और भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर एक के बाद एक वार कर दिए। मंशा सिर्फ एक पायलट को मारने की नहीं थी, पूरे विमान को जमीन पर गिरा देने की थी।
एक मिनट। बस एक मिनट में विमान तैंतीस हजार फीट से सत्रह हजार चार सौ फीट नीचे आ गया। कल्पना कीजिए उन यात्रियों की जिनके कानों में कॉकपिट से चीखें आ रही थीं और पैरों तले जमीन की जगह खाली आसमान था।
उस क्षण कैप्टन स्मित के पास दो रास्ते थे। दर्द के आगे झुक जाना या दर्द को पीछे छोड़ देना। उन्होंने दूसरा रास्ता चुना। शरीर से खून रिसता रहा, घाव जलते रहे, पर उन्होंने हमलावर का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। उसी खुले दरवाजे से उम्मीद भीतर आई। विमान में सवार दो ऑफ ड्यूटी पायलटों और यात्रियों ने हमलावर को दबोच लिया। विमान सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतरा।
उस उड़ान में 174 यात्री थे। इनमें 27 बच्चे भी थे। 27 मासूम जिन्हें शायद यह भी नहीं पता कि आज वे किसकी वजह से अपनी मां की गोद में हैं।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा नायक कहा और उनकी बहादुरी को सलाम किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके अदम्य साहस की सराहना करते हुए कहा कि भारत को उन पर गर्व है। जो देश राजनीति में एक दूसरे से दूर खड़े रहते हैं, वे आज एक भारतीय के लिए एक स्वर में बोल रहे हैं।
वर्दी सिर्फ कपड़ा नहीं होती, वह एक वचन होती है। कैप्टन स्मित ने उस वचन को अपने खून से निभाया।
कैप्टन, आप जल्द स्वस्थ हों। देश आपकी राह देख रहा है।
जय हिंद।
#कैप्टन_स्मित_मच्छार #असली_नायक #साहस
साहिल वकोड़े IIT बॉम्बे के छात्र थे। परीक्षा चल रही थी। पूरा प्रश्नपत्र AI एप्प को अपलोड कर के उत्तर कॉपी में लिख रहे थे। प्रोफेसर ने पकड़ लिया। बाहर ले गए, डाँटा और कहा कि संस्थान के नियम स्पष्ट हैं आप चोरी करते पकड़े गए तो सस्पेंड किए जा सकते हो।
साहिल ने बाद में आत्महत्या कर ली। माँ-बाप ने पोस्टमार्टम के बाद भी शव नहीं लिया क्योंकि उन्हें न्याय चाहिए। न्याय पाने के लिए उन्होंने मोदी एक्ट की धाराएँ लगवा दीं प्रोफेसर पर।
एक लड़का आरक्षण से IIT पहुँचा। कम नंबर न आए, इसलिए चोरी कर रहा था। वह टॉपर बनना चाह रहा था। पर एक मनुवादी शिक्षक ने उसे कॉलेज के कानून बताए, सस्पेंड किया भी नहीं। उसने आत्महत्या कर ली।
क्या एक दलित को फोन ले जाने अनुमति नहीं होनी चाहिए? क्या ऐतिहासिक प्रताड़ना के कारण उसको ओपन मोबाइल परीक्षा देने की अनुमति नहीं होनी चाहिए?
आज एक ब्राइट स्टूडेंट, जो जेट इंजन बना सकता था AI से पूछ कर, हमारे बीच इसलिए नहीं रहा क्योंकि उससे पहले ही चरण में रोक लिया गया। मोदी एक्ट इसीलिए बना ही है।
प्रोफेसर को फाँसी होनी चाहिए।
@ajitanjum कांग्रेस के सुराख़ किया... ये लिखो अंजुम जी
कांग्रेस का बागी है दीपांशु
जीतने वाले को प्रत्याशी बनायंगे नहीं और सपना देखेंगे मोदी को हराने के लिए
@PNRai1 मैं व्यापारी हूँ
मैंने किसी दुकानदार को माल बेचा 3 लाख का
उसने 2 महीने में 6 बार में 50k क हिसाब से पेमेंट दिया.. और मेरे 300x6= 1800 रूपए सिर्फ़ पेमेंट लेने में चले गए...
ये है UPI