जब तक तंत्र को पारदर्शी एवं जबाबदेह नहीं बनाया जाएगा तब तक लोकतंत्र सही मायनों में स्थापित नहीं होगा, सत्ता निरंकुश होगी तथा जनता की आवाज़ कुचली जाती रहेगी।
@ndtvindia चर्चा होनी चाहिए था कि कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा पालनाघर क्यों नहीं बनाया गया। मजदूरों के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए पालनाघर बनाया जाना अनिवार्य है।
Hon'ble @Naveen_Odisha Sir
आपने इतिहास रच दिया है
पूरे देश के संविदाकर्मी आपको नायक के रूप में देख रहें हैं
भविष्य में जब भी संविदाकर्मियों को न्याय देने की बात होगी तो आपके नाम के बगैर ये चर्चा अधूरी होगी
सभी संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों की तरफ से कोटि कोटि धन्यवाद सह आभार सर
@Manisha50583698@AnupamPKher@YouTube अनुपम खेर साहब को माफ किया जाना चाहिए क्योंकि पैसे लेकर निर्देशक और स्क्रिप्ट के अनुसार बोलना उनका पेशा है। लेकिन एक बात का तो अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि देश में बेरोज़गारी और भूख का आलम क्या है ? भूख कुछ भी करा सकती है।
जैसे कोई बालक अपने पप्पा से टॉफी के लिए झूठ बोल रहा है
दुनिया गवाह है, खेर साहब आपकी जरूरत अंधभक्तो को है
पढे लिखों को नहीं | @AnupamPKher Misinterpretation of facts के इसे देख सकते हैं
Lal Qiley Se Goonj - Nehru se Modi Tak | Full Episode https://t.co/qy8BOuze41 via @YouTube
@SonuSood सोनू जी आपके कार्यों का प्रशंसक हुँ। सोनू के स्कूल दाखिले की भी जिम्मेदारी आपने ले ली। मैं आप से ये जानना चाहता हुँ कि क्या बिहार राज्य के सभी सोनू का दाखिला स्कूल में कराना चाहते हैं ? यदि नहीं तो ये काम नीतीश जी को ही करने दें। क्यों कि ये सवाल सिर्फ एक सोनू का नहीं।