मेरे पिता श्रद्धेय पूरन सिंह पूर्व सरपंच जी जुलाई से अगस्त 35दिन हॉस्पिटल में रहे न्यूरोलॉजी आपरेशन हुआ अभी 22/09/25 ग्वालियर मीटिंग के दिन से 2बार पैरालाइसिस अटैक के चलते हॉस्पिटल में एडमिट हैं, प्रकृति एवं बहुजन महापुरुषों की अनुकंपा उनपर बनी रहे और जल्द स्वस्थ लाभ मिल जाए।
वास्तव में प्रकृति कितनी परीक्षा लेती है, कितना कठोर बनकर जीना पड़ता है।
कल मध्यप्रदेश के जिला छिंदवाड़ा में 73दिनों से लापता आराध्या वर्मा व अवनी वर्मा बेटियों के लिए @AzadSamajParty के नेतृत्व में आन्दोलन कर जब ज्ञापन देने पहुंचे तो पुलिस प्रशासन ने गेट बंद कर दिया उसी गेट को फांदकर कलेक्टर छिंदवाड़ा को ज्ञापन दिया यदि 15दिन के अंदर परिवार को न्याय नहीं मिलता है तो @ASPK4MP द्वारा छिंदवाड़ा में प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी @DGP_MP
जी मामले को संज्ञान में लेकर उचित व त्वरित कार्यवाही कराएं। @BhimArmyChief भाई जिन्दाबाद।
व्यक्तियों को कुचल कर वो, विचारों को नहीं मार सकते।
देशभक्ति, पराक्रम एवं बलिदान के अद्वितीय प्रतीक शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी की जयंती पर उन्हें क्रांतिकारी सलाम।
बढ़ रहा है @AzadSamajParty परिवार।
25/09/25 को मध्यप्रदेश के जिला छिंदवाड़ा में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief सांसद जी के संघर्ष से प्रेरित होकर भाजपा, कांग्रेस व गौडवाना गणतंत्र पार्टी को छोड़कर माता-बहनों सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने @ASPK4MP का दामन थामा।
ब्राह्मण समाज के व्यक्ति द्वारा क्षत्रिय समाज पर बोलना इस प्रकार की कोई भी वीडियो कितनी सही है? जबाब दीजिए। जिस प्रकार से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, वह अशोभनीय है।
युवा और उनके परिवार आज टूटे हुए हैं। बीते रविवार को UKSSSC की भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होना सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है, यह उनके सपनों, मेहनत और विश्वास के साथ किया गया बड़ा अन्याय है।
यह पेपर लीक इसलिए होता है क्योंकि इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले बच्चे गरीब मजदूरों, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं। उनके संघर्ष, त्याग और मेहनत का यह अपमान है।
अब युवा छात्रों ने न्याय की मांग में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भूख हड़ताल पर बैठकर अपनी आवाज़ उठाई है। और इसके बावजूद उन्हें ज़बरदस्ती उठा लिया जा रहा है, उनकी लड़ाई और पीड़ा को दबाने की कोशिश की जा रही है।
लेकिन मुख्यमंत्री @pushkardhami जी, याद रखिए, पेपर लीक का विरोध अब सिर्फ सोशल मीडिया या हल्द्वानी-देहरादून तक सीमित नहीं रहा। बड़कोट, उत्तरकाशी में युवाओं, महिलाओं और अभिभावकों ने हाथों में मशाल लेकर सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की। यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं था, यह अपने भविष्य और न्याय के लिए उठी एक सच्ची और दिल से निकली आवाज़ थी।
इन संघर्षरत बच्चों को ‘जिहादी’ कहकर अपमानित करना सिर्फ़ उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चिंता और शर्म की बात है। छात्रों की मांग पूरी तरह जायज़ थी, लेकिन इसे BJP IT सेल ने पहले नेपाल के Gen Z से जोड़ा और फिर मुख्यमंत्री ने “नकल जिहाद” का नाम दे दिया।
हम उत्तराखंड सरकार से मांग करते हैं कि पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, स्नातक स्तरीय परीक्षा रद्द की जाए और तुरंत सीबीआई जांच कराई जाए।
छात्रों का दर्द सिर्फ उनका नहीं, उनके परिवारों का दर्द भी है। उनकी लड़ाई हमारे समाज की लड़ाई है। इसे दबाया नहीं जा सकता। हम उनके साथ हैं। उनके अधिकार, उनके सपने, उनका भविष्य—हम इसे कोई भी कीमत चुकाकर सुरक्षित कराएँगे।
@ukcmo@pushkardhami
#UKSSSC #PaperLeak #JusticeForStudents #Dehradun #StudentsRights #SaveOurFuture #HungerStrike #StudentsRightsMatter
यह शर्मनाक है कि भारत की शान बढ़ाने वाले हॉकी के जादूगर, पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार विजेता ओलंपियन मोहम्मद शाहिद जी के परिवारजन बनारस में सड़क चौड़ीकरण के लिए अपने घर को गिराने के लिए तैयार हैं, बस एक दिन की मोहलत माँगने के लिए हाथ जोड़कर और पैर पकड़कर गिड़गिड़ा रहे हैं।
लेकिन भाजपा सरकार की बुलडोजर राजनीति में न इंसानियत बची है, न ही देश के नायकों का सम्मान।
1980 मॉस्को ओलंपिक में भारत को गोल्ड दिलाने वाले शाहिद साहब का परिवार आज सड़क पर खड़ा कर दिया गया।
भाजपा की मुस्लिम विरोधी नीति अब खिलाड़ियों तक पहुँच गई है। जिनसे देश ने तिरंगे को ऊँचा लहराने का गौरव पाया, आज उनके परिवार को अपमानित किया जा रहा है।
यह घटना सिर्फ एक खिलाड़ी के परिवार पर हमला नहीं है, बल्कि भाजपा की मुस्लिम विरोधी मानसिकता और बुलडोजर राजनीति की असलियत है।
मुसलमानों को डराने, तोड़ने और अपमानित करने का सिलसिला अब हमारे राष्ट्रीय नायकों तक पहुँच गया है।
भाजपा सरकार बताये कि क्या यही है उसका ‘खेलों का सम्मान’? क्या यही है ‘सबका साथ, सबका विकास,सबका विश्वास ’?
सच्चाई यह है कि भाजपा की नीति मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाने की है।
हम @UPGovt से माँग करते हैं कि ओलंपियन मोहम्मद शाहिद जी के परिवार को तुरंत सम्मानजनक आवास, मुआवजा और सुरक्षा दी जाए।
देश के नायक का यह अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ए सच्चा संघर्ष है, जातंकवादियों तुम्हारे षड़यंत्र कुछ नहीं कर सकते हैं क्योंकि ए 21वीं सदी हमारी है और हमारे आदर्श व नेता माननीय @BhimArmyChief सांसद जी हैं।
मेरे दलित, पिछड़े, आदिवासी व मुस्लिम बहुजन समाज के बंधुओं याद रखना इन समाजों के गद्दारों की बातों में मत आ जाना..
क्योंकि हम हरबार ऐसे ही ठगे व बरगलाए जाते हैं और हमारे उत्थान के लिए जितने भी महापुरुषों ने काम किया उन्हें कहीं एजेंट या क्या क्या नहीं बोला गया और उसका दुष्परिणाम यह रहा कि हमें जिस संघर्ष के समय में उनका साथ देना था हम दुश्मनों की बातों में आकर नहीं दिए और हमारी पीढ़ियों को उसका लाभ नहीं मिल पाया।
अब एक बात याद रखना हम बहुजन लोग मिलकर डॉक्टर, वकील व इंजीनियर बना सकते हैं पर नेता नहीं क्योंकि गुलाम बिकाऊओं के दौर में माननीय चन्द्र शेखर आजाद जी जैसे निडर ईमानदार नेता नहीं जो हम जैसे वंचित शोषितों जिनकी जमीनें रजिस्ट्री होने के बावजूद दबाई जा रही हैं बहन बेटियों घर से उठाई जाती हैं मॉब लिंचिंग कर मार दिया जाता कहीं भी जातिवाद के नाम पर नीचा दिखाया जाता है उनकी आवाज उठाने के लिए प्रकृति के द्वारा भेजे गए फरिस्ते के समान है।
आज हमारे इतने नेता हैं उनसे किसी को कोई समस्या नहीं है क्यों क्योंकि वो हम पर अत्याचार होने पर मौन रहते हैं और इसके उलट माननीय @BhimArmyChief जी ने अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले हम जैसे की नौजवान तैयार किए हैं जो शासन, प्रशासन, नेता व अत्याचार करने वालों की आंखों में आंखें डालकर बात करते हैं जो उन्हें रास नहीं आ रहा है इसलिए हमारे आदर्श व नेता माननीय चन्द्र शेखर आजाद जी को टारगेट किया जा रहा है।
यदि आज हमने अपने नेता का साथ नहीं दिया तो आने वाले समय में कोई हमारी आवाज तक नहीं उठाएगा।
हम मरते दम तक उनके साथ हैं और जो भी चाहे हमारी समाज का बिकाऊ हो वो भी गलत आरोप लगाएगा उसे बहुजन समाज द्वारा बख्शा नहीं जाएगा पहले हमसे टकराना होगा।
@AzadSamajParty जिन्दाबाद।
भारत के महान संत, असमानता और छुआछूत के खिलाफ मजबूत स्तंभ, वंचित समाज के मार्गदर्शक महापुरुष, परम पूज्य नारायण गुरु जी के परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें @ASPK4MP की ओर से शत - शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
आज संसद भवन परिसर में उन कर्मचारियों की आवाज़ बुलंद की, जो वर्षों से देश की सेवा कर रहे हैं और अब अपने बुढ़ापे के सहारे पुरानी पेंशन से वंचित किए जा रहे हैं।
ये वही कर्मचारी हैं जिन्होंने जीवन का सबसे सुनहरा समय देश और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने अपने खून-पसीने से सरकारी तंत्र को चलाया, न्याय दिलाया, योजनाओं को गांव-गांव तक पहुँचाया और देश की प्रगति का रास्ता बनाया। आज रिटायरमेंट के बाद जीवन का सबसे बड़ा सहारा पुरानी पेंशन उनसे छीनकर बाजार आधारित NPS का झुनझुना उन्हें पकड़ा दिया गया है।
NPS शेयर बाजार का खेल है, जबकि OPS में राज्य की गारंटी होती है। क्या एक कर्मचारी को अपने भविष्य की सुरक्षा शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर छोड़ देना न्याय है?
👉 आज राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, और हिमाचल जैसे कई राज्य पुरानी पेंशन योजना की वापसी कर चुके हैं। तो केंद्र सरकार चुप क्यों है?
2004 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने जो ऐतिहासिक गलती की थी, मौजूदा प्रधानमंत्री @narendramodi जी के पास उसे सुधारकर लाखों-करोड़ों कर्मचारियों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को हल करने का मौका है।
OPS को समाप्त करना इन संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
अनुच्छेद 21 – जीवन और गरिमा का अधिकार।
अनुच्छेद 41 – राज्य वृद्धावस्था में सुरक्षा देगा।
@AzadSamajParty कर्मचारियों के हित से जुड़े इस मुद्दे में पूरी तरीके से उनके साथ खड़ी है। साथ ही @mygovindia@DOPPW_India@PIBPersMin से मांग करती है कि–
1–नई पेंशन स्कीम (NPS) को समाप्त कर सभी केंद्र व राज्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) बहाल की जाए।
2. जो राज्य OPS लागू करना चाहते हैं, उन्हें केंद्र सरकार का पूर्ण सहयोग दिया जाए।
3. कर्मचारियों के वृद्धावस्था के सम्मानजनक जीवन के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाई जाए।
यह सिर्फ एक आर्थिक मुद्दा नहीं है — यह सामाजिक सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा है।
बूढ़े मां-बाप की तरह, एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को भी सुरक्षा चाहिए-न कि शेयर बाजार की सट्टेबाजी।
जय भीम, जय भारत, जय संविधान।
देश के नौजवान साथियों के लिए पूर्व राज्यपाल परि.सत्यपाल मलिक जी का संदेश इसे अमल में लाएं और आगामी चुनावों में गरीब, मजदूर व वंचित शोषितों की आवाज बुलंद करने वर्तमान सरकार को सत्ता से बाहर कर @AzadSamajParty की सरकार बनाएं और माननीय @BhimArmyChief सांसद जी को देश का प्रधानमंत्री बनाकर उन्हें आदरांजलि अर्पित करें
कल @AzadSamajParty@ASPK4MP मध्यप्रदेश के इंदौर संभाग का एकदिवसीय कैडर शिविर माननीय प्रभारी महोदयों जी के मुख्यातिथि में संपन्न हुआ जय भीम जय भीम आर्मी।
@BhimArmyChief भाई जिन्दाबाद।
संघर्ष के साथी मध्यप्रदेश में भीम आर्मी के मजबूत स्तम्भ @AzadSamajParty के स्थापना दिवस 15/03/2020 से नौकरी छोड़कर पूर्णतः पार्टी संगठन के लिए समर्पित माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief सांसद जी के विश्वसनीय सिपाही भाई श्रद्धेय @RahulValmikiASP जी को @ASPK4MP के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने पर अनंत मंगलकामनाएं वरिष्ठ नेतृत्व का आभार।
ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब की प्रतिमा लगाने के समर्थन में कल @BhimArmy_BEM के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय @VinayRatanSingh व @AzadSamajParty के राष्ट्रीय महासचिव माननीय @Ravinder_ASPK जी के नेतृत्व में @ASPK4MP भीम आर्मी के सिपाहियों का उमड़ा जनसैलाब यह लड़ाई स्वाभिमान व मान-सम्मान की है। हम माननीय @BhimArmyChief सांसद जी के सिपाही बहुजन महापुरुषों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे जितने भी साथियों ने उपस्थित होकर इतनी गर्मी में आन्दोलन को सफल बनाया सभी को साधुवाद जय भीम।
दिनांक 05/06/25 दिन गुरुवार को जातंकवादी (जातिवादी) संजीव श्रीवास्तव @BhindCollector द्वारा भूमाफियाओं का संरक्षण कर 4गांव के किसानों की 2हजार बीघा जमीन हड़पने को लेकर भिंड कलेक्टर को हटाने के लिए मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में जिला मुख्यालय पर माननीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51@ChouhanShivraj जी के नाम से भीम आर्मी @AzadSamajParty मध्यप्रदेश के नेतृत्व में ज्ञापन दिया जाएगा सभी साथी तैयार हो जाएं ए किसानों के हित की लड़ाई है, हम किसानों को भूमिहीन नहीं होने देंगे।
आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित "अस्तित्व बचाओ–भाईचारा बनाओ" प्रबुद्ध जनसम्मेलन में अपनों के बीच अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए।
1. ओबीसी की जातिवार जनगणना का मुद्दा:
केन्द्र सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की जाति आधारित जनगणना को जानबूझकर न कराना, सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ एक सोचा-समझा षड्यंत्र है। यह बहुजन समाज की वास्तविक संख्या और उनके अधिकारों को दबाने का एक प्रयास है।
2. आरक्षण और संविधान पर विश्लेषण:
वर्तमान शासन व्यवस्था आरक्षण को निष्प्रभावी करने तथा संविधान की मूल भावना को कमज़ोर करने में लगी हुई है। हमें परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सतत जागरूक और संगठित रहना होगा।
3. EVM प्रणाली का लोकतंत्र पर प्रभाव:
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से चुनाव कराना लोकतंत्र की पारदर्शिता और जनविश्वास के विरुद्ध है। यह व्यवस्था शासक वर्ग के षड्यंत्र का हिस्सा प्रतीत होती है, जिसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को नियंत्रित करना है।
4. दलित, पिछड़े, आदिवासी वर्ग एवं अल्पसंख्यकों व मुस्लिमों पर बढ़ते अत्याचार:
वर्तमान समय में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम समाज पर होने वाले अत्याचारों में चिंताजनक वृद्धि हो रही है। यह न केवल संवैधानिक मूल्यों पर आघात है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न करने वाला संकट है।
5. प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की मांग:
सरकारी क्षेत्र के निजीकरण के कारण आरक्षण प्राप्त अवसर सीमित होते जा रहे हैं। अतः यह आवश्यक है कि प्राइवेट सेक्टर में भी अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग को आरक्षण मिले, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
6. मंडल कमीशन की सिफारिशों का पूर्ण क्रियान्वयन:
मंडल कमीशन ने सामाजिक न्याय को स्थापित करने हेतु जिन सिफारिशों को प्रस्तुत किया था, उनका पूर्ण रूप से लागू किया जाना समय की आवश्यकता है।
सिक्किम में बीती रात हुए भयानक भूस्खलन में भारतीय सेना का एक कैंप इसकी चपेट में आ गया। इस हादसे में तीन वीर जवानों के शहीद होने और नौ जवानों के लापता होने की सूचना अत्यंत पीड़ादायक है।
शहीदों को विनम्र आदरांजलि।
हम प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि लापता जवान सकुशल मिलें और उनके परिजनों को कठिन समय में अटूट साहस मिले।