विकास दिव्यकीर्ति जैसे लोग फ्लो में कुछ भी बोल जाते हैं कि 3000 वर्षों तक ब्राह्मणों का लिखाई-पढ़ाई पर 100 प्रतिशत आरक्षण रहा।
ऐतिहासिक तथ्यों पर विचार करें तो क्षत्रिय, वैश्य, कायस्थ तथा न जाने कितने ही शूद्रों ने संस्कृत, प्राकृत, पाली, तमिल, तेलुगु सहित अनेक भाषाओं में लेखन किया है।
तो क्या ये लोग अनपढ़ थे?
मैं चाहता हूं कि यह वीडियो विकास दिव्यकीर्ति सर तक पहुंचे और वह इसका उत्तर दें।
ब्राह्मणों के दिल का दर्द @DrKumarVishwas बता रहे है @zingabad पर
अमीर शादी करते है तो 50 लाख का लहंगा, 1 करोड़ की अंगूठी, 5 करोड़ का होटल लेते है
लेकिन मंत्र पढ़ने वाले पंडित का 5100 देने का समय जब आता है तो 5 बार गिनते है जबतक रंग ना आ जाए नोट का हाथ में …
आगे भी सुनिए ये वीडियो आपका दिल छू जाएगी
@SavalRohit@NewsLeaderLive
वेदोक्त कर्म-सिद्धांत तथा संस्कार-अनुपालन व विभिन्न अहैतुकी-साधनाएं जिनके दर्शन मात्र से मानव-जीवन के दैनिक-क्रियाओ मे अक्षरश: उतर जाए ऐसे परम-वंदनीय अतुल्य-तेजस्वी साक्षात शंकरप्रभु के सगुणावतार चारो पीठों के जगद्गुरु शंकराचार्यों के श्री चरणों में बारंबार दंडवत प्रणाम हैं 🚩🙏
जगद्गुरू शंकराचार्य श्री निश्चलानंद सरस्��ती जी ने राष्ट्र और धर्म के प्रती हो रहे षडयंत्र का निरंतर खुलासा व विरोध करते रहें हैं। पर तत्कालीन सरकारें मनमानी करती रही।
@RTforIndia_ इस्लामिक सिद्धांतों के आधार पर “कालनेमी” द्वारा एक नए संप्रदाय की स्थापना की व्यवस्था की जा रही हैं जिसका मूल उद्देश्य ही विखंडनकर के सनातन धर्म का विनाश करना है।
समस्त देशवासियों को अनंत बलशाली महावीर ब्राह्मण कुल शिरोमणि परम ब्रह्म परमात्मा भगवान श्री परशुराम के जयंती महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं✨🙏🚩
#परशुराम_जयंती