Navodayan, DUite
JNUite, Follower of Tribal life/ideology, like Challenges and Struggles in Life, Hardcore believer of #Humanitarian_and_Egalitarian society
This ‘no shaking hands’ is such a silly thing that India has started. It’s unbecoming of a nation like ours. Either play properly within the spirit of the game or don’t play at all.
दिल्ली में सवर्ण यूट्यूबर्स का एक बड़ा गैंग है।रूचि तिवारी, अमनीषा पाल और दीपक लाल आदमी इसमें शामिल हैं। चित्रा त्रिपाठी जैसे दुकड़हे पत्रकारों ने इन्हें संरक्षण दिया हुआ है। इसे गोरखपुर या पूर्वांचल गैंग भी कहा जा रहा है।
रूचि तिवारी, अमनीषा पाल और झंडू लाल दीपक आदि आदि। एक साथी कहते हैं कि हर जगह पहुंचकर चिल्लाना, बदतमीजी करना, मुँह में जबरदस्ती माइक ठूंसना, दलितों पिछड़ों को हड़काना इन लोगों का काम है. ये लोग आपस में ही कैमरामैन और ऑडियंस बनते रहते हैं। इस गैंग में तकरीबन 50 लोग शामिल हैं।
आगे की कहानी यह है कि यूजीसी एक्ट हटाने के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान रुचि तिवारी दिल्ली विश्विद्यालय पहुंच गई।
पहले दो वीडियो में आपको वो दिख जाएगा कि वो कैसे जबरदस्ती दलित छात्रों को ट्रोल कर रही है। किसी के मुंह में माइक घुसेड़ कर कह रही कि 5000 साल से पानी नहीं पिए हो जब एक लड़की ने प्रतिवाद किया तो उसे धकेल गिरा दिया। लड़के लड़कियां नाराज हो गए तो विक्टिम गेम शुरू हो गया कि कपड़ा फट गया। हिंसा कत्तई समाधान नहीं है। लेकिन पत्रकारिता के नाम पर लुच्चई, जातिगत अहंकार और किसी को नीचा दिखाना भी ठीक नहीं है।
आपको क्या लगता है UGC के नए नियमों को लेकर जो सवर्णों में आक्रोश दिखाई दे रहा है वो स्थायी है? अगर आपके पास इसका जवाब "हां" में हैं तो आप बड़ी गलतफहमी के शिकार हैं। सच यह है कि जो विरोध कर रहे हैं वह मोदी और भाजपा के समर्थक हैं और रहेंगे।
मुझसे कई लोगों ने कहा कि भाईसाहब आप तो ब्राह्मण हैं आपको तो इन नए नियमों का विरोध करना चाहिए? क्यों करे भाई? तुम मेरे कहने से इस देश के अल्पसंख्यकों से नफरत करना तो बंद नहीं किए?
तुम वही हो जो जम्मू में मेडिकल कॉलेज बंद होने पर ताली पीटते हो। तुम वही हो जो कैंपस में दलितों आदिवासियों के साथ बदसलूकी करते हो। तुम मत दो कांग्रेस और सपा, या फिर किसी विपक्षी पार्टी को वोट, तुम बीजेपी को ही वोट दो। इस देश का पढ़ा लिखा सवर्ण तुम्हारे साथ नहीं खड़ा है।
@JVVNLCCare मैं आपका एक उपभोक्ता हूँ| पिछले 3 दिन से मेरे गाँव औंद खेड़ा तहसील महवा जिला दौसा में लाइट नहीं आ रही है| मकर संक्रांति त्यौहार भी सारे पड़ोसियों का अँधेरे में व्यतीत हुआ है| बिजली विभाग के स्थानीय प्रशासन को भी कई बार अवगत करवा दिया गया है| कोई कार्यवाही नहीं!!
@RajCMO@hlnagar@DrKirodilalBJP दौसा जिले के औंद खेड़ा में पिछले 3 दिन से बिजली न आने के कारण कई घर अँधेरे में हैं| बिजली विभाग को अवगत करवाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है| @RajendrMahwaBJP कृपया ध्यान दे|
SHAME ON YOU @IndiGo6E, One of my biggest events of the year is in danger of getting cancelled because of your absolute incompetence.
Since morning 10AM, we are here at the Pune airport. Our flight was first rescheduled from 1:05PM to 1:25PM, then 3:30PM, and now 6PM.
Every time we ask the crew if the flight will actually take off or get cancelled, there is zero clarity. No answers, no accountability.
And this isn’t just a delay, because of this mess, my lakhs of investment for this event is at risk of going to waste.
Who’s responsible for that?
Who’s answerable for the losses?
I need answers, Indigo. And so do hundreds of passengers stuck here today.
@tribalvoice99@Kapil_Jyani_ Vo to Thik hain bhai but race ki stage same honi chahiye uske bad jise dubona hain vo dubaye aur jise aage jane ha vo jaye…but initial stage mein hi discrimination nhi hona chahiye
What the @RajPoliceHelp doing is utterly shameful..equating womanhood as criminal..if anybody did wrong punish him according to law in harshest manner..why police is parading them in woman clothe..is woman clothes are the symobol of shaming and crime???@NCWIndia
गेहलोत साहब के osd देवाराम जी को ये बात मैंने समझाने की कोशिश की थी| उस एरिया में परंपरा के नाम पर दकियानूसी और कूप मंडूक सोच का अभी भी प्रभाव है इसलिए संस्कृति के नाम पर वोट आपको नहीं मिलेंगे| वोही हुआ गेहलोत साहब का बेटा 2 लाख से चुनाव हारा|
@Medhareports Ma'am पत्रकारिता सुविधा अनुसार नहीं होती है। अपनी पत्रकारिता के लिए उनके भोलेपन या सादगी या जंगल के जीवनशैली को दिखाने के बजाय उनके दुःख और उस दुःख के निवारण को दिखाइए ये न कर सको तो कमसे कम उनके दुःख और सादगी को एनजीओ की तरह बेचिए मत।
@Medhareports ये दिखाइए कि किस तरह 5 th शेड्यूल को ट्राइबल एरिया में डाइल्यूट किया गया। ये भी दिखाइए कैसे ट्राइबल सब प्लान के तहत ट्राइबल डेवलेपमेंट के लिए मिलने वाले फंड को अन्य कामों में खर्च किया जा रहा है। कैसे ट्राइबल एरिया में सरकार और कॉरपोरेट मिलकर लूट मचा रहे हैं।
@Medhareports ये भी बताइए कि कैसे तथाकथित हिंदुओं के रक्षक RSS के सबसे मजबूत गढ़ मध्यप्रदेश में ट्राइबल की इतनी खराब हालत क्यों है?? ट्राइबल के घर भगवा झंडा मिल जाएगा पर खाने के लिए अनाज नहीं है, तो पूछिए कि इनके घर भगवा पहुंचाने वाले लोग इनके घर सुविधा क्यों नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
NO means NO
क्या ये समझना इतना कठिन है?
पितृसत्ता सरहद, जाति, धर्म, भाषा नहीं देखती।
हर घर की दीवारों की ईंटों के बीच दबी होती है, जो चुपचाप इंतज़ार करती है , महिला के एक ना का।
और एक ना उसकी मौत के लिए काफ़ी है।
https://t.co/uiN61Zjde7
ये वो सवाल है जिनको हटाने के लिए रविंद्र सिंह ढाई करोड़ रुपये BAP के विधायक जय कृष्ण पटेल को देने के लिए तैयार हो गया था।
आख़िर इन क्षेत्रों से बीजेपी नेता रविंद्र सिंह और रामनिवास मीणा कितनी अवैध कमाई कर रहे है ?
टोडाभीम के लोग बताए कि ये सवालों में कितनी सच्चाई है ?
खनिज अभियंता करौली ने झूठी रिपोर्ट सरकार को भेजी और कहाँ कि कोई फार्म हाउस नहीं बना है।
लेकिन ये तस्वीर देखकर आप भी बता सकते हैं कि ये न तो करौली कलेक्ट्रर का ऑफ़िस और न ACB का कार्यालय, न ये चिड़ियाघर और न वन विभाग का ऑफ़िस है।
मेरा ACB और सरकार से सवाल है कि ये जंगल की जमीन पर किसका कब्जा है ?
ये रिपोर्ट भेजने वाला सरकारी अफसर कौन है ?
विधानसभा में क्या सरकार झूठ बोल रही है ?
क्या खनन माफ़िया रविंद्र सिंह और रामनिवास मीना के सहारे से सरकार माफियाओं को बचाने के लिए और राजनैतिक बदले की कार्यवाही कर रही है।
@RoatKantiBhai@roat_mla