मोदी सरकार में ही वित्त सचिव रहे सुभाष चंद्र गर्ग ने तो हिंदी में भी ख़ुलासा कर दिया कि GDP ग्रो�� रेट 7.8% नहीं बल्कि 2.6% है। मुद्रास्फीति 2.5% है और उसे घटा देंगे तो ग्रोथ लगभग 0% है!
@lokmat शासनाने मंदिर बंद ठेवून काय काम केले? पाण्याची सोय नाही बाथ��ूम ची सोय नाही दहा बारा तास भक्त दर्शनासाठी रांगेत उभा राहतात आणि तेथील ट्रस्टी पैसे घेऊन दर्शन देतात व्हीआयपी दर्शन देतात अतिशय फालतू सिस्टीम आहे ट्रस्टची भाविकांची अतिशय गैरसोय आहे तिथे बातमी देताना विचार करावा.
काय म्हणता फडणवीस @Dev_Fadnavis गृहमंत्र्यालय खिशात असल्यावर कुठल्याही पदावर नसलेल्या भाजपच्या लोकांना पोलीसांचा ताफा? टॅक्स देणारयाचे ट्रॅफिकमध्ये कंबरडे मोडत आहे1-2 तास ताटकळत बसाव लागत पण शुन्य असलेल्या भाजप��्या लोकांना पोलीस रस्ताकरून देण्यासाठी आहेत.
व्वाहरे महाराष्ट्र शासन
पत्रकार: हर बार विरोध ज़रूरी है?
यश: RSS की विचारधारा हो या कोई घटिया फ़िल्म हमे समझने का शौक न��ीं है
और जो 3 दिन में सेना खड़ी करने का दावा करते हैं,ज़रा अरुणाचल जाकर दिखाएँ।
सा�� जा चुकी है, मोदी की चमक भी
अब बस WhatsApp University के Uncle बचे है वो भी गायब हो जाएंगे!🔥🔥
नेपाल…
स्कूल चल रहा था…
स्कूल के हेडमास्टर को एक फ़ोन आया…
सर ऊपरी इलाक़ों में बाढ़ आ चुकी है…
जल्दी सुरक्षित जगह पर चले जाइए
वरना सब ख़त्म हो जाएगा…
हेडमास्टर राजेन्द्र डडाबी ने तुरंत दौड़कर अपनी स्कूल की घंटी बजायी…
सभी 1643 बच्चों को मैदान में इकट्ठा किया…
और एक ही निर्देश दिया…
सभी बच्चे मेरे पीछे आएँगे…
हेडमास्टर सभी 1643 बच्चों को ऊँचे पहाड़ पर लेकर गए…
एक घंटे बाद सभी बच्चों और शिक्षकों ने अपनी आँखों से स्कूल को बहते हुए देखा…
लेकिन एक फ़ोन और एक शिक्षक की जागरूकता की वजह से
सभी 1643 बच्चों की जान बच गई…!!!
पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एन वी रमन्ना
ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में 2021 में जो कहा था वह सुनेंगे तो आपको समझ में आ जायेगा कि सुभाष चंद्रा को लाभ कैसे मिला किसने दिया।
NCLT में मनमानी नियुक्तियां से बेहद नाराज उन्होंने कहा था "हम एक लोकतांत्रिक देश में हैं, कानून के शासन का पालन करते हैं। हम संविधान के तहत काम कर रहे हैं। आप ऐसा नहीं कर सकते।” अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट, 2021 सरकार ��ो सिफारिशों पर निर्णय लेने का अधिकार देता है।
पूर्व सीजेआई बोले कि मैंने देखा है कि एनसीएलटी के लिए चयन समिति ने 9 ज्यूडिशियल मेंबर्स और 10 तकनीकी सदस्यों की सिफारिश की थी। इसके अलावा वेटलिस्ट में 10 और लोगों के नाम रखे थे। आपने क्या किया? वेटलिस्ट से पांच नाम और सेलेक्ट लिस्ट से तीन नाम चुने। यह तो हद है।"
-
22 लाख होम लोन न चुकाने पर मध्यम वर्ग के लोगों का घर नीलाम हो जाता है! इस नाइंसाफी के ख़िलाफ़ मध्यवर्ग को आवाज़ उठाना चाहिए। पर वो कहाँ उठाएगा। वह तो ‘राष्ट्रवाद के चिलम में धर्म की अफ़ीम’ पी रहा है और उधर असली माल सुभाष चंद्रा जैसे अरबपति को उड़ाने को मिल रहा है…
ZEE टीवी के मालिक सुभाष चंद्रा
कुल कर्ज 22,006 करोड़
चुकाया मात्र 6.5 करोड़
नोट : भाजपा के समर्थन से राज्यसभा सांसद भी बने थे सुभाष चंद्रा
#ZeeTv#India#SubhashChandra