દક્ષિણ ગુજરાતમાં ભારે વરસાદને કારણે અનેક વિસ્તારોમાં જળભરાવની સ્થિતિ સર્જાઈ છે અને જનજીવનને પણ હાલાકીનો સામનો કરવો પડી રહ્યો છે.
આ પરિસ્થિતિમાં સૌ નાગરિકોને અપીલ છે કે જરૂર વિના ઘરની બહાર ન નીકળો અને પાણી ભરાયેલા રસ્તાઓ પરથી વાહન પસાર કરવાનું જોખમ ન લો.
જો વરસાદી પાણીમાં વાહન ડૂબી જાય તો ઇન્શ્યોરન્સ ક્લેમ માટે વાહનની સ્થિતિ દર્શાવતા જરૂરી ફોટા અને વીડિયો સુરક્ષિત રીતે લઈ રાખો. ખાસ કરીને પાણીમાં ડૂબેલા વાહનને ચાલુ કરવાનો પ્રયાસ ન કરો અને તાત્કાલિક તમારી ઇન્શ્યોરન્સ કંપનીનો સંપર્ક કરો.
તંત્ર દ્વારા આપવામાં આવતી સૂચનાઓનું પાલન કરીએ અને મુશ્કેલીના આ સમયમાં એકબીજાના સહયોગી બનીએ.
સાવચેતી રાખીએ, સુરક્ષિત રહીએ.
સાયબર ગુનાઓ સતત નવા સ્વરૂપ ધારણ કરી રહ્યા છે. સાવચેતી અને જાગૃતિ જ તેની સામેનું સૌથી અસરકારક રક્ષણ છે.
કોઈપણ અજાણી લિંક, શંકાસ્પદ કોલ કે સંદેશ પર આંખ બંધ કરીને વિશ્વાસ કરતા પહેલા તેની ખાતરી કરો. તમારી વ્યક્તિગત અને બેંકિંગ માહિતી અજાણ્યા વ્યક્તિ સાથે શેર ન કરવી.
સાવચેત રહો, સુરક્ષિત રહો.
#GujaratPolice
આવતીકાલે અમદાવાદમાં થશે પ્રભુ જગન્નાથની 149મી રથયાત્રા..
આપણાં અમદાવાદમાં ભગવાન જગન્નાથની જે રથયાત્રા નીકળે છે એ ભારતની બીજી સૌથી મોટી રથયાત્રા છે. જો તમે કોઈ કારણસર જગન્નાથપૂરી રથયાત્રાના દર્શન નથી કરી શક્યા, તો એજ મહિમા સાથે તમે અમદાવાદની રથયાત્રાના દર્શન કરી શકો છો.
આવતીકાલે એટલે કે 16 જુલાઇ અષાઢી બીજના રોજ પ્રભુ શ્રી જગન્નાથ, ભાઈ બલરામ અને બહેન સુભદ્રા નગરચર્યાએ નીકળશે. દર વર્ષની જેમ આ વર્ષે પણ લાખો ભક્તો આ રથયાત્રાનો લાભ લેશે. મીડિયામાં આખો દિવસ ‘જય રણછોડ’ ના જયનાદ ગુંજશે.
આશરે 20 કિલોમીટર લાંબી આ ભવ્ય રથયાત્રા સવારે જમાલપુર મંદિરથી નીકળશે અને બપોરે મોસાળ એટલે કે સરસપુર ખાતે પહોંચશે. પ્રભુ મામાના ઘરે થોડો વિરામ લેશે અને હજારો-લાખો ભક્તોને મહાપ્રસાદનો લ્હાવો પણ મળશે.
આ રથયાત્રામાં શણગારેલા ગજરાજની શાહી સવારી, ધાર્મિક થીમથી શણગારેલા 100થી વધુ ટ્રક અને 30થી વધુ અખાડાઓ અને અઢળક કરતબો આ રથયાત્રાને વધુ સુંદર બનાવે છે. વાજતે ગાજતે આ રથયાત્રા સાંજે જમાલપુર મંદિર પરત પહોંચે છે અને ત્યારબાદ મહાઆરતી સાથે રથયાત્રા પૂર્ણ થાય છે.
#Rathyatra #AhmedabadRathyatra
गुजरात में वीएचपी की बड़ी घोषणा।
वीएचपी ने गुजरात के डांग ज़िले में एक बड़े 'घर वापसी' अभियान की घोषणा की है।
सभी 301 गांवों में हनुमान मंदिर बनाए जाएंगे।
वीएचपी का कहना है कि 175 गांवों में पहले से ही सोलर-पावर्ड हनुमान मंदिर हैं।
वीएचपी धर्म-परिवर्तन विरोधी सख़्त कानूनों के लिए भी ज़ोर देगी।
OP CHANAPORA, Shopian
Based on specific intelligence input from @JmuKmrPolice, a joint search operation was launched by the #IndianArmy, @JmuKmrPolice and @crpf_srinagar in the Gen area of Chanapora, Shopian. During the search operation, an exchange of fire took place between security forces and terrorist.
One LeT terrorist, identified as Zakir Ganai, has been eliminated in the firefight. Arms, ammunition and other war-like stores were recovered.
Operation is in progress.
#Kashmir
@adgpi@NorthernComd_IA@PRODefSrinagar
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया हैं।देश के करोड़ो हिंदू आस्थावान और राम भक्तों की तरह मैं भी फिलहाल राहत महसूस कर रहा हूं।
मेरी चंपत राय से निजी कोई खुन्नस या दुश्मनी नहीं हैं।मैं चंपत राय से कभी नहीं मिला।चंपत राय हिंदू है,अविवाहित है और संघ के पूर्णकालिक प्रचारक रहे,राम मंदिर आंदोलन से जुडे बाद में विश्व हिंदू परिषद के बड़े नेता बने और फिर राम मंदिर के कर्ताधर्ता बने।
हिंदू होना और संघ से जुडे होने की बस यही एक अदृश्य डोर मेंरे और चंपक राय के बीच जुड़ी थी।
मैं राम में आस्था रखने वाला एक सामान्य परिवार का सामान्य हिंदू हूं।मैं हिंदू हूं क्योकि हिंदू घर में जन्मा हूं।मैं हिंदू हूं और आत्मा के अमरत्व में विश्वास करता हूं। पुनर्जन्म और कर्मफल में भी मेरा विश्वास हैं।मेरा हिंदू धर्म ही मुझें शक्ति देता है कि अधर्म के खिलाफ खुलकर बोल और लिख सकूं।प्रतिशोध की कायर हिंसा के बल पर नहीं,अपनी आस्था,अपने विचार,अपनी अहिंसा और अपने धर्म की अक्षुण्ण शक्ति पर।
मेरे हिंदू धर्म का दर्शन मुझें हर परिस्थिति का खुल कर सामना करने और उसका समाधान निकालने,सच बोलने की स्वतंत्रता और क्षमता देता हैं।दूसरे धर्म में जैसे बंधन है,वैसा कोई बंधन मेरा धर्म मुझ पर नहीं लगाता। इसलिए हिंदू होकर जितना स्वतंत्र मैं रह सकता हूं,उतना स्वतंत्र किसी धर्म में नहीं रहा जा सकता।
मेरा धर्म मुझे काल और परिस्थिति के दबाव से मुक्त करता हैं,क्योकि मेरा धर्म काल को सदा घुमता चक्र और अनादि अनंत मानता हैं,क्योकि वह आत्मा को अच्छेद्य, अक्लेद्य और अशोष्य मानता है,क्योकि आत्मा को वह नित्य,सर्वव्यापक,अविकारी,स्थिर और सनातन मानता हैं। मेरा धर्म मुझे जन्म और मृत्यु से परे ले जाता हैं।दूसरा कोई दर्शन नहीं जो मुझे ऐसी मुक्ति दे सके।
मेरा धर्म मुझें मेरे और ईश्वर के बीच सीधा संबंध रखने की अनुमति देता हैं।मेरे ओर मेरे ईश्वर के बीच कोई पोप नहीं है। मुझें किसी मुल्ला और मौलवी से फतवा नहीं लेना हैं। मैं किसी शंकराचार्य या किसी मंहत के अधीन नहीं हूं। मेंरा धर्म किसी संस्था या संगठन का बंधक नहीं हैं। मेरे हिंदू धर्म से मुझें निकालने की ताकत मेंरे धर्म ने किसी को नहीं दी।
मेरा हिंदू धर्म मुझे पूरी स्वतंत्रता देता हैं कि मैं अपना अराध्य,अपनी पूजा पद्धति और अपनी जीवन शैली अपनी आस्था के अनुरूप चुन सकूं।मैं मंदिर रोज मंदिर जाकर भी हिंदू हूं और ईश्वर को न मानकर भी हिंदू रह सकता हूं। मेंरे धर्म में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं गंगा में डुबकी मार रहा हूं या घर में नल के पानी से नहा रहा हूं।बिना किसी कर्मकाड़ के भी मैं हिंदू धर्म में रह सकता हूं।यह सारी धार्मिक स्वतंत्रता मेरा धर्म मुझे देता हैं।
मेरे हिंदू धर्म में कर्म का फल भुगतना ही हैं। सबका सत्य उसके साथ जाएगा।अपनी करनी के फल से कोई मुक्ति मेरे धर्म में नहीं है।कोई निस्तार नहीं हैं। इस जन्म में नहीं तो अगले जन्म में अपने कर्म का फल भुगतना होगा।
करनी के फल से मेरे धर्म ने किसी अवतार को नहीं छोड़ा,तो मैं और चंपत राय किस खेत की मूली है।
एक सच्चे हिंदू होने के नाते मैंने जो सच था,वह लिखा और बोला।किसी को अपमानति करने और किसी को छोटा दिखाने,किसी को शर्मिदा करने की मेरी मंशा नहीं थी। मेरे लिखे से किसी को ठेस पहुंची हो तो उसके लिए माफी मांग सकता हूं,लेकिन सच से समझौता करके चुप नहीं रह सकता।
जो सच है,वह कहना ही हैं। आज,कल और हमेशा। यही मेंरा धर्म हैं।
चंपत राय और दिनेश मिश्रा के इस्तीफे से इस मामले का पटाक्षेप हुआ।अब इस मामले को फिलहाल पूर्ण विराम देता हूं।
आप सभका साथ देने के लिए धन्यवाद ।
प्रभु राम की जयजयकार करने वाले और भगवान राम को अपना अराध्य मानने वाले फर्जी भक्तों ने मर्यादा पुरूषोत्तम राम के रघुकुल की रीत पर अयोध्या में कालिख पोत दी।
मुहं में राम और मन से रावण वाले इस गिरोह ने राम भक्त का मुखौटा ओढ़कर राम मंदिर को अपने लूट और अनैतिक कर्मो का अड्डा बना दिया।
अपने ही हिंदू धर्म में जन्में,पले बढ़े और राम नाम की माला जपने वाले ऐसे राक्षसों का असली चाल,चरित्र और चेहरा सामने आने के बाद भी हिंदू समाज के स्वघोषित ठेकेदार चुप हैं।जो चुप है,उन्हें राम से नहीं राम के नाम पर मिलने वाले दान से मोह हैं।
अयोध्या में प्रभु राम के चरणों में बैठ कर भगवान राम और हिंदू धर्म को बेचने वाले कालनेमि गिरोह के कारण हिंदू आस्था और जीवन परंपरा में विश्वास करने वाले लोगों का मन दुख से भरा और शर्म से झुका हैं।
राम के रघुकुल की रीत हैं ‘प्राण जाए पर वचन न जाई’।हिंदू धर्म धारण करने वाले विधर्मियों ने राम के घर को पवित्र रखने,शुचिता का पालन करने,मर्यादा में रहने,आस्था से खिलवाड़ न करने,अनैतिक काम न करने की कसम खाने के बाद भी अपने वचन को तोड़ा और पूरे हिदू समाज को और सनातन को शर्मिदा करने का पाप किया हैं।
राम मंदिर के कार्टेल ने जो धोखाधड़ी की हैं,उसके कारण पूरे हिंदू समाज की विश्वसनीयता,वचनबद्धता और उत्तरदायित्व को गहरा नुकसान पहुंचा है।
एफआईआर की औपचारिकता निभा दी गई। एफआईआर में टिन्नू को लपेट लिया लेकिन टिन्नू के चंपू को बचा लिया गया।एफआईआर में चंपत राय,अनिल मिश्रा और गोपाल राव का नाम क्यो नहीं हैं? चंपत राय,अनिल मिश्रा और गोपाल राव ने अभी तक इस्तीफा क्यो नहीं दिया? मोटी चर्बी के बेशर्मो से अभी तक इस्तीफा क्यो नहीं मांगा गया? नाकारा, निक्कमें और सार्वजनिक धिक्कार के पात्र इन लोगों पर सार्वजनिक बयान क्यो जारी नहीं किया गया? क्यो अभी तक ट्रस्ट को भंग नहीं किया गया?
अयोध्या में राम लाखों घी के दिए से खुश नहीं होंगे,राम तो अपने अयोध्या में,अपने परिसर में चरित्रवान,नैतिकता से परिपूर्ण,मर्यादा का पालन करने वाले अपने भक्तों को अपने आसपास पाकर खुश होंगे।
राम मंदिर में हमारे राम उदास और निराश हैं।हमारे प्रभु राम को निराशा और उदासी से बाहर निकालने की जिम्मेदारी हम सबकी है।
માહિતી: અમદાવાદ-વેરાવળ વંદે ભારત એક્સપ્રેસ હવે નવા રૂટ ઉપર દોડશે. તારીખ હજી જાહેર થઇ નથી. હાલનાં સુરેન્દ્રનગર, રાજકોટ રૂટની બદલે હવે આ ટ્રેન ધોળકા, ધંધુકા, બોટાદ, ધોળા, ઢસાથી જેતલસર કનેક્ટ થઈને જુનાગઢ પહોંચશે.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि “12 साल में देश कांग्रेस के कूचक्र से आजाद हुआ।कांग्रेस ने देश को लाचार बना दिया था।देश को एहसास कराया था कि विकास धीरे-धीरे होता है और इसे हिंदू ग्रोथ रेट का नाम दिया था।विफलता कांग्रेस की थी लेकिन कलंक हिंदू आबादी पर लगाया गया।
मोदी का कांग्रेस पर “हिंदू ग्रोथ रेट” और “विफलता कांग्रेस की थी लेकिन कलंक हिंदू आबादी पर” का बयान भविष्य में बीजेपी की रणनीति और राजनीति का खुला संदेश है।
तय है हिंदू, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पर बीजेपी अब खुल कर खेलेगी।हिंदू और हिंदुत्व बीजेपी के केंद्र में रहने वाला है।
विपक्ष को प्रधानमंत्री को गंभीरता से लेना चाहिए। विपक्ष की भविष्य में चुनौतियाँ बढ़ने वाली हैं।
भारत की प्रजनन दर (Total Fertility Rate TFR) देश के इतिहास में पहली बार रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे गिर गई है।
एएफ पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार महज एक दशक में 2.3 टीएफआर से घटकर 1.9 पर आ गई है।
इस रिपोर्ट को ईलॉन मस्क ने एक्स पर साझा किया है।
इसके अनुसार दिल्ली की प्रजनन दर अब 1.2 पर है, जो फिनलैंड से भी कम है।
यह एक बड़ा घटनाक्रम है।
भारत में प्रजनन दर का गिरकर 1.9 होना और दिल्ली का 1.2 पर आ जाना एक ऐतिहासिक जनसांख्यिकीय बदलाव है।
आसान शब्दों में कहें तो इसका मतलब है कि देश में अब आबादी को स्थिर रखने के लिए जितने बच्चों के जन्म की जरूरत होती है (जिसे रिप्लेसमेंट लेवल कहा जाता है और यह 2.1 होता है), भारत उससे नीचे आ चुका है।
यानी आने वाले दशकों में भारत की आबादी बढ़ने के बजाय घटने लगेगी।
इस बदलाव के भारत पर दूरगामी और गहरे प्रभाव होंगे।
'डेमोग्राफिक डिविडेंड' का अंत होगा।
भारत के पास इस समय युवाओं की सबसे बड़ी आबादी है, जिसे 'जनसांख्यिकीय लाभांश' कहते हैं।
लेकिन कम जन्मदर का मतलब है कि आने वाले 20-30 सालों में कामकाजी युवाओं की संख्या घटने लगेगी और बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ेगी।
अर्थव्यवस्था और कार्यबल पर दबाव पड़ेगा।
कार्यबल में कमी आने से आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है।
चीन, जापान और यूरोपीय देशों की तरह भारत को भी "अमीर होने से पहले बूढ़े होने" के संकट का सामना करना पड़ सकता है।
क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ेगा।
दिल्ली (1.2) और दक्षिण भारतीय राज्यों में प्रजनन दर बहुत कम है, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यह अब भी अपेक्षाकृत अधिक है।
इससे भविष्य में राज्यों के बीच जनसांख्यिकीय और राजनीतिक असंतुलन पैदा होगा।
सामाजिक और स्वास्थ्य संरचना पर असर होगा।
सरकार को अब स्कूलों और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के बजाय बुजुर्गों की देखभाल, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ज्यादा खर्च करना होगा।
‘अकेले रहने वाले बुजुर्गों' की संख्या में भारी इजाफा होगा।
यह बदलाव दिखाता है कि शिक्षा, शहरीकरण और आर्थिक विकास के कारण भारतीय परिवार अब छोटे हो रहे हैं।
यह एक विकसित समाज की निशानी तो है, लेकिन बिना सही नीतिगत तैयारी के यह भविष्य में एक बड़ा आर्थिक और सामाजिक संकट भी बन सकता है।
કોઈપણ બ્રાન્ડ બેંકરપ્ટ થઈ જાય, અથવા તો એ કંપનીનો એવો ખરાબ સમય આવે કે એનું રેવન્યુ અટકી જાય, લોકોનો વિશ્વાસ ખોવાઈ જાય ત્યારે એ બ્રાન્ડ શું કરે?
મોટાભાગના કિસ્સાઓમાં બ્રાન્ડ શટડાઉન થઈને પોતાની નવી આઇડેન્ટિટી બનાવવાનો પ્રયાસ કરતી હોય. નવું નામ, નવો લોગો, નવી વેબસાઈટ... ટૂંકમાં નવું જીવન..
આ જ થિયરી પોલિટિકલ પાર્ટીઓ માટે પણ લાગુ પડે પણ અહીં તે ડાયરેક્ટ નામ-ઠામ બદલ્યા વગર નરેટિવ સેટ કરવા નવા બાળકને જન્મ આપે છે, જે એના પેરેન્ટર્સ માટે ડાયરેક્ટ રોજીરોટી બની જાય.
બસ આ જ નવું બાળક એટલે – Cockroach Janta Party
પાયો અને પ્લાનિંગ તો જૂનું છે, પણ ચિફ જસ્ટિસ ઓફ ઈન્ડિયાની એક કમેન્ટને આધાર બનાવીને ભાજપ ઉપર તૂટી પડેલું આક્રોશથી ભરેલું યુવાનોનું ટોળું એટલે Cockroach Janta Party..
હવનમાં ઘી હોમાય અને ભડકો થાય એમ ભડકો થવો સ્વાભાવિક હતો. કેમકે હાલની સરકારની ડિક્શનરીમાં એકાઉન્ટીબિલિટી શબ્દ જ નથી.
પુલ તૂટે, પેપર ફૂટે, આગ લાગે, જાણે કેટલાયે મરે.. સંવેદનાના નામે એક ટ્વિટ અને મૃતકોને છૂટા પૈસાનો ઘા. આવા અનેક મુદ્દાઓ ભેગા થાય ત્યારે ભડકો થાય. છતાં પણ વિપક્ષ ઊંધે માથે થાય તો પણ ભાજપના લોયલ વૉટરોને તોડી શકે નહીં એ પણ જગ જાહેર છે.
એટલે જ જન્મ થાય આવી Cockroach Janta Party નો.
આ વખતે તો જન્મનો સમય પણ વિપક્ષને ફાયદો કરાવે એવો જ પસંદ કર્યો છે. બીજી વાત એ કે, આ ડિજિટલ પાર્ટી કોણે શરૂ કરી, ફાઉન્ડર્સનો ઇતિહાસ શું છે, કોણ મોટા ચહેરાઓ સપોર્ટ અને જોર શોરથી પ્રમોટ કરી રહ્યા છે, અને મુખ્ય તો નરેટિવ શું છે એ બધુ જ તમે જુઓ એટલે મગજમાં એક સવાલ તો આવે જ કે આ સ્ક્રિપ્ટ ક્યાંથી લખાઈ રહી છે? અને જવાબ પણ સહેજે’ય અઘરો નથી.
યુવાનોનો આક્રોશ જે મુદ્દાઓ પર છે તે 100% સાચો અને ગંભીર છે, પણ એ ધ્યાનમાં રાખવાની પણ જરૂર છે કે વિપક્ષ તેનો રાજકીય ફાયદો તો નથી ઉઠાવી રહ્યું ને?
કેમકે આ સમયે પણ એક હકીકત સંતાડીને રાખવામાં આવી છે કે ભાજપ ખરાબ તો સારું કોણ? કોંગ્રેસ? આપ?
Gen Z ની એકતા સરકાર પાડી ને જ રહેશે. તો લાવશે કોને? કોંગ્રેસને? આપને? ગઠબંધન જો ગળથૂથીમાં જ છે તો જાહેર કરવામાં વાંધો શું છે?
પણ જો એ અત્યારે જાહેર થઈ ગયું તો બિન-રાજકીય યુવાઓનો સપોર્ટ ઘટવા લાગશે એ પણ એ લોકો સારી રીતે જાણે છે.
વિપક્ષે આ વખતે યુવાઓના સેન્ટિમેન્ટને સ્માર્ટલી આગળ કરીને સરકાર સામે પ્રોક્સી વોર શરૂ કરી છે. સરકારને ઘેરવા માટે આ એક અસરકારક સોશિયલ મીડિયા મુવમેન્ટ બની છે, વળી આવનારા સમયમાં પેટ્રોલ, ડિઝલ, ગેસ, મોંઘવારી અને બીજું ઘણું બધુ થશે એ સમય પણ નજીક છે.
પરંતુ લાંબા ગાળે આ કેમ્પેઈન ત્યારે જ સફળ ગણાશે જ્યારે તે વિરોધની સાથે-સાથે દેશને એક મજબૂત અને સ્પષ્ટ રાજકીય વિકલ્પ આપી શકશે. જે એમની પાસે છે પણ એ વિકલ્પ ઉપર દેશને વિશ્વાસ નથી. એટલે જ સોશિયલ મીડિયા મેનિપ્યુલેશનનો સહારો લેવો પડે છે.
સારી વાત એ છે કે વિપક્ષે સરકારને કાન સીધો નહીં તો ઊંધો પકડાવ્યો ખરા! આ વખતે પ્રયાસ સારો છે. બસ હવે આ કોક્રોચની દિશા કઈ બાજુ વળે છે એ ઉપર આધાર છે..
#CockroachJantaParty