डीडवाना-कुचामन जिले के ग्राम पंचायत पीह के सरपंच श्री अमरचंद जाजड़ा जी के छोटे भाई देवकरण जी का अजमेर जिले के गेगल थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में निधन अत्यंत पीड़ादायक एवं दुःखद है।
सरकार व प्रशासन से निवेदन हैं कि मामले की निष्पक्ष, त्वरित एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करें !
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
@RajCMO@PoliceRajasthan@AmarchandJajra
डीडवाना-कुचामन जिले में भाजपा नेता श्री अमरचंद जाजड़ा के भाई श्री देवकरण जी का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन अत्यंत पीड़ादायक एवं चिंताजनक है। प्रशासन तत्परता से निष्पक्ष एवं गहन जांच कर रहा है, ताकि सत्य जल्द से जल्द सामने आए और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हो।
ईश्वर दिवंगत की पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
हनुमान बेनीवाल 2013-2018 का दौर पुरे देश मे VVIP की गाड़ियां पर लाल बत्ती पर रोक लग गयी थी।
लेकिन एक मात्र निर्दलीय MLA हनुमान बेनीवाल थे जिन्होने लाल बत्ती नही हटाकर पुरे राजस्थान के धुआंधार दौरे चर्चा मे रहते थे
RLP 🔰✊
मैं भजनलाल और जवाहर मैडम को पूछ रहा हूँ कि मैडम क्या मुझे रोक लिया भरतपुर आने से? ?
और यहाँ छोड़ो जब भी मुझे कोई चुनौती देगा कि यहाँ आकर दिखा दे तो वहीं चला जाऊंगा - @hanumanbeniwal
आज बीकानेर जिला मुख्यालय पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी द्वारा आयोजित विशाल धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पधारे किसानों-युवाओं एवं आमजन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
@RLPINDIAorg@hanumanbeniwal
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, राजस्थान की जनता आपसे एक सीधा सवाल पूछ रही है। जब किसी आम आदमी पर मुकदमा दर्ज होता है तो पुलिस तुरंत सक्रिय हो जाती है, लेकिन जब मामला प्रमोद शर्मा जैसे व्यक्ति से जुड़ा हो ,जो खुद को आपका रिश्तेदार बताता है तो कानून की रफ्तार धीमी क्यों पड़ जाती है ? जमीन हड़पने, कूट रचित दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी से जुड़े मामले में जब प्रमोद शर्मा पर दर्ज मुकदमे में माननीय हाईकोर्ट ने भी उसे राहत देने से इनकार कर दिया तो आप बताइए,उसकी गिरफ्तारी कब होगी ? और यदि वो पुलिस की पहुंच से बाहर हैं तो क्या सरकार उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित करवाने का साहस दिखाएगी ? आपकी सरकार भ्रष्टाचार और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की बातें करती है। मंचों से बड़े-बड़े भाषण दिए जाते हैं कि कानून सबके लिए बराबर है। फिर जनता जानना चाहती है कि यह बराबरी सिर्फ विपक्ष और आम लोगों के लिए है या मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों पर भी लागू होती है? अगर कोई और व्यक्ति होता तो अब तक कितनी कार्रवाई हो चुकी होती ?
राजस्थान की जनता देख रही है कि सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है। मैं मुख्यमंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि क्या रिश्तेदारी कानून से बड़ी हो गई है? क्या प्रशासन को यह संदेश दिया गया है कि कुछ लोगों को विशेष संरक्षण देना है? अगर ऐसा नहीं है तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों?
आज राजस्थान का युवा, किसान और आम नागरिक यह सवाल पूछ रहा है कि आखिर प्रमोद शर्मा को लेकर सरकार का रुख इतना नरम क्यों है ? इसलिए मैं फिर पूछता हूं कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पा रही है तो उनकी गिरफ्तारी पर इनाम कब घोषित करोगे ? या फिर जनता यह समझे कि सरकार रिश्तेदारी निभाने में ज्यादा व्यस्त है और कानून का राज सिर्फ भाषणों तक सीमित है ?
लोकतांत्रिक रूप से ज्ञापन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन देने गए RLP के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित कर दिया जाता है मगर प्रमोद शर्मा के लिए कुछ नहीं क्यों ?
क्या प्रमोद शर्मा और उसके जैसे भूमाफियों को कानून से बचने का कोई वीआईपी पास आपने दे रखा है ?
@RajCMO@PoliceRajasthan
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
को स्मरण दिलाना चाहता हूँ कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना कोई अपराध नहीं है। कुचामन में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ता बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर ज्ञापन देने गए थे, लेकिन उन्हें पहले शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया और बाद में उन पर राजकार्य में बाधा डालने जैसे झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए। इतना ही नहीं, उन्हें पकड़ने के लिए हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की तरह इनाम भी घोषित कर दिया गया। यह आपकी सरकार की नैतिकता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
जनता की आवाज़ को मुकदमों और भय के माध्यम से दबाने का प्रयास किसी भी लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को शोभा नहीं देता। सरकार और प्रशासन का दायित्व निष्पक्षता से कार्य करना है, न कि राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर विपक्षी विचारधारा के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना,ऐसे में डीडवाना-कुचामन के जिला पुलिस अधीक्षक (SP) ने जिस प्रकार अपनी जिम्मेदारियों को भूलकर RLP कार्यकर्ताओं को पकड़ने के लिए इनाम घोषित किया है, वह उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। राजस्थान की जनता यह सब देख रही है।
सरकार और प्रशासन को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को मुकदमों, धमकियों और इनाम की घोषणाओं से दबाया नहीं जा सकता। सत्ता के अहंकार में उठाए जा रहे ऐसे कदमों को जनता देख रही है और समय आने पर उसका लोकतांत्रिक रूप से जवाब भी देगी।
हम लोकतांत्रिक अधिकारों के इस खुले दमन की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि निर्दोष कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएँ। लोकतंत्र में विरोध की आवाज़ को कुचलने का जो प्रयास सरकार कर रही है, वह प्रयास अंततः जनशक्ति के सामने पराजित होगा।
मैं पुनः मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूँ कि जनता की आवाज़ न कभी झुकी है और न कभी झुकेगी। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता आपकी गलत नीतियों से डरने वाला नहीं है।
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आज जयपुर आवास पर भैराणा धाम को रिको की अवाप्ति से बचाने के लिए आंदोलित साधु संतो ने जयपुर आवास पर मुलाकात की,उन्होंने मुझे सरकार के साथ हुई वार्ता से अवगत करवाया और कई मुद्दों पर गहन चर्चा की | संतो ने यह स्पष्ट किया कि 27 मई की रात्रि को रिको को हटाने सहित अन्य मांगों पर जो सहमति सरकार की तरफ से व्यक्त की गई हम उस पर तटस्थ है और जब तक रिको वापिस नहीं लिया जाता तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा | मैने साधु - संतो से कहा कि इस आंदोलन में हर कदम पर आपके साथ है और भैराणा धाम की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा |
मैं राज्य सरकार से यह स्पष्ट कहना चाहता हूं कि साधु - संतो को बरगलाए नहीं और उन्हें धोखा नहीं दे अन्यथा यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा |
मैंने मेरे घर पधारे साधु - संतो से आर्शीवाद भी लिया |
@RajGovOfficial