At @isro, I had the opportunity to meet the women scientists associated with Chandrayaan-3. I bow to our Nari Shakti and applaud their contribution to Indian science.
इन दस्तावेजों के मुताबिक कुकी शरणार्थियों को जून 1968 में कांग्रेस ने मणिपुर में बसाया था. मैतेईस ने उन्हें स्वीकार किया और खुले दिल और बांहों से उनका स्वागत किया।
अब वे 'शरणार्थी' मैतेई लोगों के गांवों को जला रहे हैं और अपना एक अलग राज्य चाहते हैं।
जल्द ही वे अलग देश की मांग करेंगे.
अच्छा खेला कांग्रेस!!
ये डॉक्टर अदनान अली है।
16 साल से एनेस्थीसिया का डॉक्टर है , पुणे में रहता था।
कई किताबों में इसके लेख छप चुके हैं।
लेकिन अब ये आतंकवादी निकला।
ISIS के लिए भारत में भर्तियां करता था और फण्ड जुटाता था।
NIA ने इसे पुणे से गिरफ्तार किया है।
मौलवी जी को सुन कर,प्रभु-कृपा से मुझे फ़ारसी के मशहूर कवि मसीह थानेसरी जी की सैंकड़ों वर्ष पूर्व,सीता जी पर फ़ारसी में लिखी कविता याद आ गई जो नेशनल म्यूज़ियम में आज भी सुरक्षित है।
तन–श रा पैरहन उरियान् न दीदे
चू जान् अन्दर तन् ओ तन् जान् न दीदे।
تنش را پیرهن عریان ندیده
چو جان اندر تن و تن جان ندیده
सीताजी के कपड़ों ने भी उन्हें कभी कपड़ों के बिना नहीं देखा था।
जिस तरह आत्मा शरीर के अन्दर रहती है,लेकिन शरीर ने कभी आत्मा को नहीं देखा।
Even Sitaji ji’s clothes had never seen her without clothes, just as soul lives inside body,but the body has never seen the soul.
सैफ़ अली ख़ान की बेटी सारा अली ख़ान ने एक फ़िल्म कि थी #Atrangi_Re” जिसमें डायलॉग था की-
“मैं ठाकुर की लड़की और वो क़तई मियाँ भाई, ये है असली लव स्टोरी”….!!
कुछ दिन पहले मैंने गुजरात के कच्छ में कॉलेज की 3000 से अधिक बेटियों को हमारे पूर्वजों कि गौरव गाथा और सच्चा प्रेम क्या होता है वो बताया था, उसी स्पीच का छोटा सा अंश आपके लिए।
#KnowTheTruth #OurHistory
देवेंद्र जी आपण गृहमंत्री असताना जर १८ वर्षाच्या मुलीचा वस्तीगृहामध्ये बलात्कार होऊन खून होत असेल तर या नराधमांमध्ये आपल्या सरकार विषयीची भीती राहिलेली नाही,
गृहमंत्री म्हणून आपण या राज्यातील विद्यार्थिनींना सुरक्षितता देऊ शकत नसाल तर राजीनामा द्यावा.
@Dev_Fadnavis#WillYouListen
द बरेली स्टोरी
रेपिस्ट चांद कुरैशी से निकाह करने का अंजाम , बदले में मिला हिंदू लड़की को टुकड़ा-टुकड़ा करने का षडयंत्र।
बरेली में चुपके-चुपके चल रही थी मुस्लिम परिवार में दलित युवती को ठिकाने लगाने की साजिश, 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज।
https://t.co/fKimk8gtiA
कर्नाटक क्रूग मध्ये अहमद रोज मेसेज करून फोन करून एका हिंदू भगिनी ला त्रास देत होता..
मग काय तिने अगदी प्रेमाने त्याला भेटायला बोलावले आणि आपल्या बजरंग दल च्या बजरंगि कार्यकर्ते ने त्याच्या व्यवस्थित कार्यक्रम केला...
असाच कार्यक्रम व्हायला पाहिजे ना
जेल से आने के बाद की पहली धर्मसभा-मिला समस्त हिन्दू समाज और हिन्दू संगठनों का साथ,सहकार और सम्मान…🙏🏻
सामाजिक सदभाव समिति #लालपुर(गुजरात) द्वारा आयोजित #धर्मसभा में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ और ग्रामवासीयो को #लव_Gहाद के विषय में जागरूक किया…
हमने पिछले तीन वर्षों से एक छोटा सा प्रयास शुरू किया है- “इण्डियन आर्मी” के वीर बलिदानी सेना के जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार को “एक लाख” तक की आर्थिक सहायता करते है,
जो बलिदान हमारे जवान मातृभूमि के लिए करते है उसके सामने हम कुछ भी करे वो कम ही है किंतु समाज में इस बात की जागरूकता आये कि हम सबको मिलकर हमारे सेना के परिवार का ध्यान रखना चाहिए और इसे हमारा कर्तव्य समझकर करना चाहिए इसके पीछे ये ही हमारा उद्देश्य है…
1)वर्ष 2021 में हमने गुजरात के वीर बलिदानी भारत माता के वीर सपूत श्री #दीपक_बोरसे जी के परिवार को एक लाख की धन राशि फिक्स्ड डिपोजिट करवा के दी थी
2) वर्ष 2022 में हमने गुजरात के वीर बलिदानी भारत माता के वीर सपूत श्री #प्रदीपसिंह_कुशवाह जी के परिवार को एक लाख की धन राशि फिक्स्ड डिपोजिट करवा के दी थी
3) और इस वर्ष 2023 में हमने गुजरात के वीर बलिदानी भारत माता के वीर सपूत श्री #महिपतसिंह_जडेजा जी के परिवार को एक लाख की धन राशि फिक्स्ड डिपोजिट करवा दी है
हम चैन से सो पाए इसलिए ही वो सो गया,
वो भारतीय फौजी ही था जो आज हुतात्मा हो गया..!!🇮🇳
जय श्री राम🚩
सॅल्युट @Dev_Fadnavis ji
"वडिलांना कॅन्सरचा आजार, उपचारासाठी मुंबईतील टाटा हॉस्पिटलला आणावे लागले. टाटा हॉस्पिटलमध्ये देश भरातून कॅन्सरचे रुग्ण उपचारासाठी येतात त्यामुळे टाटा हॉस्पिटला लोड प्रचंड होता.
हे बघून व्यथित न होता तेंव्हाच मनात ठरवलं की, नागपूर मध्ये टाटा सारख
1/5
मेरी मु-स्लिम बहनों की इसी पीड़ा को मैंने अपनी #ऊना की धर्म सभा में कहते हुए UCC की बात कही थी और इस बात पर मुझे जेल भेज दिया गया।
मेरी धर्म सभा में मुस्-लिम बहने भी आती है और वे मुझे कहती है कि हम,हमारे परिवार के पुरुषों के बीच सुरक्षित नहीं है, कभी ससुर तो कभी देवर हलाला करता है,हमारे लिए भी आवाज़ उठाइए दीदी।
मगर सोचिए मैंने आवाज़ उठाई तो भीड़तंत्र ऐक्टिव हो गया, मेरे ख़िलाफ़ “सर-तन-से-जुदा” की नारेबाज़ी की, हिन्दूओ के मकानों पर पत्थरबाज़ी की और इस भीड़तंत्र के आगे प्रशासन भी झुक गया और मुझ निर्दोष को 5 दिन की जेल मिली।
तारिक फतह के निधन पर संघ ने जताया शोक।
कहा- उनके योगदान को हमेशा रखा जाएगा याद।
तारिक फतह इस्लामी कट्टरता के घोर विरोधी थे।
पाकिस्तान में 1977 में उन पर राजद्रोह का आरोप लगाया गया , उन्हें पत्रकार के रूप में काम करने से रोका गया।
https://t.co/BS9si1n6ZZ