We’re going to bring this heroic young man, and his family, into the White House with, perhaps, the boy he saved, to give him a High Civilian Honor. Very brave, he deserves it! President DONALD J. TRUMP
पटना में प्रोटेस्ट के दौरान 30 से 40 छात्र, बिहार पुलिस की लाठियों से डरकर शौंचालय में घुस गए थे, पुलिस ने एक एक करके बाहर निकालकर बुरी तरह पिटाई की।
पुलिस वाले एक लात में शौचालय का दरवाजा तोड़ देते थे, कुछ छात्र तो सच में शौंच क्रिया के लिए बैठे थे, उन्हें नंगा ही बाहर निकालकर पीटा।
यूपी की फैक्ट्रियों में गेहूं के साथ पत्थर की पिसाई: फैक्ट्री का ऑपरेटर बोला- 'मालिक ज्यादा मुनाफे के लिए आटे में सफेद पत्थर का चूरा मिलाते हैं', आटा देशभर में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बिक रहा; रिपोर्टर ने मजदूर बनकर आटे की फैक्ट्री में 25 दिन गुजारे, जानें कैसे एक्सपोज हुआ यह खेल
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आज बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता पड़ोसी राज्यों से दिल्ली और नोएडा इलाकों में सड़कों पर उतर आए हैं और जहां भी उन्हें कॉकरोच आंदोलन से जुड़ा कोई युवा दिखता है, तो वे उसे बुरी तरह पीट रहे हैं..
पुलिस हर जगह अब मूकदर्शक बन का तमाशा देख रही हैं।
📍 जंतर मंतर, नई दिल्ली
राष्ट्रीय वीर हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यम पंडित का एक वीडियो सामने आया है।
वीडियो में वह जंतर मंतर पर मौजूद कुछ युवकों को रोककर उनकी पहचान पूछते, धर्म के आधार पर सवाल करते, गाली-गलौज करते, धमकाते, माफ़ी मंगवाते और कथित तौर पर मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
घटना का वीडियो सत्यम पंडित ने खुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा:
"जंतर मंतर पर जाकर कुछ कॉकरोचों का इलाज करा, जो कहते हैं करके दिखाते हैं।"
लाठीचार्ज का ज़िम्मेदार ~ तड़ीपार तड़ीपार
चंदा चोरों का सरदार ~ तड़ीपार तड़ीपार
पेपर चोरी का सरकार ~ तड़ीपार तड़ीपार
GenZ दिन ब दिन खतरनाक होते जा रहे है, इस सरकार का ग़लत जनरेशन से पाला पड़ गया
पटना में प्रोटेस्ट के दौरान कूट दिए गए विधायक जी का एक और वीडियो आया है।
नए वीडियो एंगल से पता चल रहा है कि BJP के विधायक जी को चप्पल से भी पीटा गया है।
Believe it or not:2
धर्मेंद्र प्रधान जी @dpradhanbjp के नेतृत्व में देश के विश्वविद्यालयों में जिस लेवल के घोटाले हो रहे हैं पेपर चोरी उसका केवल एक छोटा सा हिस्सा है। उसका बड़ा हिस्सा बेहद डरावना है, वह गंगा ग्लास के घोल कर पी जाने जैसा है। दरअसल यह बात साफ नजर आने लगी है कि पेपर लीक समेत तमाम घोटाले केवल इसलिए हो रहे हैं जिससे ज्यादा से ज्यादा RSS के लोगों को सिस्टम में फिट किया जा सका। चलिए इसकी एक बानगी दिखाते हैं।
यह आलोक चक्रवाल हैं बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति। यह पूरी तरह से अयोग्य हैं।प्रधानमंत्री मोदी @narendramodi ने इनके खिलाफ लगे आरोपों का संज्ञान लिया था जो ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
मेरी तहकीकात में पता चला है कि यह पहले शेयर दलाल थे SEBI के निशाने पर रही कई कंपनियों में निदेशक रहे फिर धर्मेंद्र और संघ के सूरमाओं की कृपा से बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वीसी बने जबकि इनके पास वांछित योग्यता भी नहीं थी। व्यापक विरोध के बावजूद दो साल पहले इन्हें एक साल का सेवा विस्तार मिल गया।
अब इनके पाप देखिए। कैसे धर्मेंद्र प्रधान और संघ के सूरमाओं का दरबार लगाते हुए इन्होंने इस देश के युवाओं का हक मारा। गजब यह है कि इनके बारे में सारी सूचनाएं मेरे संघी मगर रीढ़ वाले मित्रों से मिली। बाद में मैने इनकी पूरी तहकीकात की।
आलोक चक्रवाल ने अपनी पत्नी नीलांबरी दवे को भी बिना योग्यता के सौराष्ट्र विश्वविद्यालय में कार्यवाहक कुलपति का पद दिला दिया। ग़जब यह रहा कि सौराष्ट्र विश्वविद्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान 15 वर्षों तक कुलपति आलोक चक्रवाल ने एक दिन भी कोई कक्षा नहीं ली। नियुक्तियों में इनके कारनामे देखिये उसके बाद NAAC पर आयेंगे।
1.स्टोर इंचार्ज गणेश शुक्ला की पत्नी प्रीति शुक्ला की नियुक्ति एचआरडीसी में।
2.क्लर्क प्रेम शंकर द्विवेदी की पत्नी आर्ची वर्मा की नियुक्ति एचआरडीसी में।
3.मीटिंग सेल के अशोक तिवारी के पुत्र की नियुक्ति एलडीसी (क्लर्क) पद पर।
4.क्लर्क के.के. भोई के पुत्र की नियुक्ति क्लर्क पद पर।
5.सीनियर क्लर्क राजेश बत्रा के पुत्र यश बत्रा की नियुक्ति अकादमिक असिस्टेंट पद पर।
6.कर्मचारी संतोष तिवारी के पुत्र सौरभ तिवारी की नियुक्ति सेक्शन ऑफिसर (रजिस्ट्रार कार्यालय) पद पर।
7.डिप्टी रजिस्ट्रार अभयदीप तिवारी की रिश्तेदार शिवानी तिवारी की नियुक्ति क्लर्क पद पर।
8.कुलपति आवास (वीसी बंगला) में पदस्थ मनोज उपाध्याय की पत्नी अंजली उपाध्याय की नियुक्ति जूनियर क्लर्क पद पर।
9.वित्त विभाग के श्रीकांत कड़ेकर के पुत्र प्रणव कड़ेकर की नियुक्ति परीक्षा विभाग में क्लर्क पद पर।
10.ऑडिट कार्यालय के असिस्टेंट दिलीप गुप्ता के पुत्र अभय गुप्ता की नियुक्ति जूनियर क्लर्क पद पर।
11.कर्मचारी गणेश प्रसाद यादव के पुत्र विजय यादव की नियुक्ति क्लर्क पद पर।
12.सीनियर क्लर्क राजेश पोर्ते की पत्नी रितु पोर्ते की नियुक्ति सूचना प्रकोष्ठ में।
13.गोपनीय विभाग के सेक्शन ऑफिसर के.के. तिवारी की पुत्री श्रद्धा तिवारी की नियुक्ति लैब असिस्टेंट पद पर।
14.पुस्तकालय मे कार्यरत राधेश्याम की बेटी ज्योति ठाकुर।
15.इंजीनियरिंग विभाग मे सहायक प्राध्यापक डॉ अनुराग सिंह की पत्नी श्रीमती प्रभा सिंह।
इन नामों के अतिरिक कई अन्य नाम और है जिनके परिजन या रिश्तेदार की नियुक्ति हुई। उपरोक्त नियुक्तियों के कारण यह संदेह उत्पन्न हो रहा है कि विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष एवं प्रतिस्पर्धात्मक होने के बजाय सीमित व्यक्तियों एवं उनके परिजनों तक केंद्रित होती जा रही है। जो सर्वाधिक शर्मनाक है वो यह है कि यह धर्मेंद्र की तस्वीर लगाकर उनके साथ खड़ा होने का दावा कर रहे हैं।
पता चला है कि कल और रविवार है जिसके चलते बहुत ज्यादा भीड़ आ सकती है,
ऐसे में सरकार आज रात हमें हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने की कोशिश कर सकती है।
: अभिजीत दीपके