ग़ज़ब की बेशर्मी है भाई अमेरिकी सेना ने हमारे तीन जहाजों पर मिसाइल से हमला किया, तीन भारतीयों की हत्या कर दी।
लेकिन लाल आँखें दिखाना तो दूर, मोदी ट्रम्प के साथ “हीं हीं खी खी” कर रहे हैं।
ट्रम्प मोदी को बच्चों की तरह थपकी दे रहा है।
#G7
🚨SHOCKING | Violent clash breaks out in Uttarakhand's Chamoli after bikes of Nihang pilgrims returning from Gurudwara Hemkund Sahib collided with a car, leading to a confrontation in which swords were drawn
🚨 SHOCKING VIDEO 🚨
An Indian Army officer to openly confess about the killing of 3 Muslim men in fake encounters, claiming it was driven by his hatred of Muslims.🇮🇳☪️
This is not just a disturbing confession—it raises serious questions about religious hatred, abuse of power, and increasing hatred against Muslims in India. Will Indian authorities launch an investigation, or will this be swept under the rug?
इतने सालो बाद मुझे लगने लगा है की नफ़रत को मुहब्बत से नहीं मिटाया जा सकता।
वजह ये है की आप मार खाने के बाद मुहब्बत दिखाए गे तो लोगो को लगता है सामने वाला डर गया।
नफ़रत को मिटाने का कोई और ही तरीका होगा।
ये वही साध्वी जी है जिन्होंने कुछ दिनों पहले मटन की दुकाने बंद कराने के लिए हो हल्ला और खूब तमाशा किया था,
आज यही साध्वी जी बड़े चाँव से मटन और बियर का आनंद ले रही है, वाह रे पाखंड।
RSS कार्यालय से मिला बारूद अगर यही मदरसा से मिलता तो गोदी मीडिया चूड़ियां तोड़कर विधवा विलाप करती ओर तनातनी सड़कों पर उतर आते अब सब खामोश क्यों है क्या कानून सबके लिए अलग अलग है?
Nisha killed by Ankit.
Maivish killed by Shivam.
Heena killed by Deepak.
Rajina killed by Nitesh.
All these Muslim girl converted to hinduism.
They did “love-marriage” with support of hindu RW orgs & police.
All of them were murdered by their hindu husbands.
#BhagwaLoveTrap#BLT
अहमदाबाद में मेडिकल छात्र को दाढ़ी होनी की वजह से फाइनल एग्जाम देने से रोका गया।
हर शोबे में मुसलमानों क��� टारगेट किया जा रहा है ताकि मुसलमान पिछड़ा हुआ रहे।
इंसानों की मौत पर जश्न मनाना गिद्ध और जंगली जानवरों की प्रवृत्ति है। कुछ लोग ‘दूसरों’ की नफ़रत में इतने कुंठित एवं घृणित हो चुके हैं, कि उनकी मौत का जश्न मनाते हैं। पूरी दुनिया के इंसानियत पसंद लोग जिन फ़लस्तीनियों की शहादत पर जायनिज्म आतंकवाद की प��रज़ोर मुखालफत कर रहे थे। वहीं कुछ ऐसे भी घृणित थे, जो निहत्थे, मासूम फ़लस्तीनियों की मौत का जश्न मना रहे थे।
मैं व्यक्तिगत तौर पर आदित्य शर्मा समेत अमेरिकी हमले में मारे गए तीनों भारतीयों की मौत पर ग़मज़दा हूँ। भले ही आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने उन फ़लस्तीनी मासूम बच्चों, महिलाओं, निहत्थे नागरिकों की मौत पर जश्न मना चुके हों, लेकिन मैं अपने अंदर उस शैतानियत को कभी भी पनपने नहीं दूंगा। जो ��ला गया उसे तो वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन यह ज़रूर परखा जा सकता है कि किसके अंदर इंसानियत है, और किसके अंदर शैतानियत!
मेरी संवेदनाएं आदित्य के लिए हैं। मैं परवरदिगार से दुआ करता हूँ कि आदित्य का परिवार इस सदमे से जल्द से जल्द बाहर आए।