बीबीसी हिंदी के मुताबिक, तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) अस्पताल के एसएनसीयू में 21 सितंबर की रात आग लगने से पांच नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी।
मृतकों में पीर ख़ान की पांच दिन की बेटी भी शामिल थी। पीर ख़ान ने बताया, “मैं अपनी बेटी को नहीं ढूंढ रहा था. मैंने सबसे पहले जिन 12 बच्चों को देखा, उन्हें बाहर निकाला. हमारी पाँच दिन की बच्ची की दम घुटने से मौत हो गई.”
4 PM न्यूज की पत्रकार शाहीन और नफीसा भारत की मज़बूत इरादे और हिम्मत वाली पत्रकार है ,
दिल्ली पुलिस ने शाहीन और नफीसा के साथ जो पिटाई की है उसके जख्म पूरे भारत के लोगो ने देखें है , लेकिन अब इस पूरे मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है ,
शाहीन और नफीसा दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के प्रोग्राम में रिपोर्टिंग करने गयी थी , मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मेक्स हॉस्पिटल की एक यूनिट का उद्घाटन करने आयी हुई थी , इसके बाद किसी बात पर पुलिस ने इन दोनों पत्रकार को थाने ले गयी और वहां उनकी पिटाई की , धार्मिक पहचान बताने पर और ज़्यादा पीटा ,
लेकिन अब एक सोचने वाली बात है अगर शाहीन और नफीसा अपने ऊपर हुए जुल्म का वीडियो बनाकर दुनिया को नहीं दिखाती तो आप और हमको कैसे पता लगता कि दिल्ली पुलिस ने इनके साथ कभी कुछ किया भी होगा , ऐसा नहीं है कि दिल्ली पुलिस के सभी अधिकारी ऐसे आचरण वाले होते है , लेकिन ऐसी हरकतों से पूरे पुलिस प्रशासन को शर्मसार होना पड़ता है ,
दिल्ली पुलिस में इस समय कुछ ऐसे लोग मौजूद है जिन्हे संविधान की कद्र नहीं है उनका काम नेताओ के इशारे पर काम करने का है , वो पहले आगे से आर्डर लेते है और फिर अपना काम करते है लेकिन इन दोनों बहादुर बेटियों ने अपने ऊपर गुजरी आपबीती को दिखाकर दिल्ली पुलिस के अधिकारियो की पोल खोल दी,
अब आप सोच सकते हो दिल्ली पुलिस ने कितने मुसलमानो की इस तरह जिंदगी खराब की होगी ,
साल 2020 तक हज यात्रा पर एक हाजी का तक़रीबन दो लाख रुपया खर्च आता था। 2020 में कोविड आया तो हज नहीं पाया, उसके बाद साल 2023 में हज फिर से शुरू हुआ, लेकिन कोविड और सोशल डिस्टेंसिंग नॉर्म्स का हवाला देकर हज को दो लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख 90 हज़ार रुपया कर दिया गया, इसके बाद कुछ ‘एडजस्ट’ करके हज को तीन लाख 40 हज़ार रुपया कर दिया गया।
अब कोविड बीत चुका है। सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नॉर्म्स भी अनिवार्य नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद हाजियों से उतनी ही फीस वसूली जा रही है, जितनी कोविड का हवाला देकर वसूली गई थी। अब @KirenRijiju बताएं क्या अभी भी कोविड चल रहा है? जो हाजियों पर इतनी भारी भरकम कीमत वसूली जा रही है।
हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मोहब्बत और अक़ीदत का हक़ीक़ी इज़हार सिर्फ़ अल्फ़ाज़ में नहीं, बल्कि इस बात में है कि हम आप ﷺ के बताए हुए रास्ते पर चलें, आप ﷺ की सीरत को अपनी ज़िंदगी के हर शोबे में मशअल-ए-राह बनाएं और आप ﷺ को अपना सबसे बड़ा आइडियल मानें।
दुनिया में लोग अपनी महबूब और अज़ीम शख़्सियतों को याद करने के लिए किसी एक दिन को ख़ास करते हैं, लेकिन हज़रत मुहम्मद ﷺ से हमारा रिश्ता किसी एक दिन तक महदूद नहीं है। हम हर रोज़ आप ﷺ का नाम अक़ीदत से लेते हैं, आप ﷺ पर दुरूद व सलाम भेजते हैं और अपनी ज़िंदगी को आप ﷺ की तालीमात और सीरत के मुताबिक़ ढालने की कोशिश करते हैं।
हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से यह मोहब्बत और रिश्ता हमारी ज़िंदगी में हमेशा, हर दिन और हर लम्हे होना चाहिए। हमारी गुफ़्तगू, हमारे अख़लाक़, हमारे मामलात और हमारे किरदार में आप ﷺ की तालीमात नज़र आनी चाहिए। यही नबी करीम ﷺ से हमारी मोहब्बत और अक़ीदत का सबसे ख़ूबसूरत और हक़ीक़ी इज़हार है।
और यही वह अज़मत है जो हमारे नबी हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को इंसानी तारीख़ की तमाम अज़ीम शख़्सियतों में सबसे मुमताज़ मक़ाम अता करती है। आप ﷺ की अज़मत का एतराफ़ सिर्फ़ आपसे मोहब्बत करने वालों ने ही नहीं किया, बल्कि आपके मुख़ालिफ़ीन और दुनिया के बहुत से ग़ैर-मुस्लिम मुफ़क्किरीन और इतिहासकारों ने भी आपकी अज़ीम शख़्सियत, बेमिसाल किरदार और तालीमात का एतराफ़ किया है।
Zomato का डिलीवरी बॉय सोनू खाना लेकर मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र में स्थित Ganga Heights सोसाइटी पहुँचा था.
डिलीवरी में थोड़ी देरी हो गई थी, जिसको लेकर ऑर्डर देने वाले निवासी आशीष ने सोनू को उल्टी सीधी बातें कहनी शुरू कर दीं .
डिलीवरी बॉय सोनू, अपनी सफाई दे ही रहा था कि आशीष ने उसे पीटना शुरू कर दिया.
इसी बीच आशीष की पत्नी भी आ गई और उसने आशीष को इशारा किया कि वो सोनू को घर के भीतर ले आए. घर के अंदर पति पत्नी ने डिलीवरी बॉय सोनू को फिर पीटा..
पुलिस ने पीड़ित डिलीवरी एजेंट की शिकायत और CCTV फुटेज के आधार पर मामला दर्ज तो कर लिया है लेकिन अभी तक हमलावर पति पत्नी की गिरफ्तारी नहीं की है .
@dgpup
उत्तर प्रदेश के बरेली में योगेंद्र-भुवनेश्वर ने दंगा भड़काने के लिए ताजिया जुलूस में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगवाए थे
पुलिस जांच में दोनों पकड़े गए
हैदराबाद की एक हाउसिंग सोसायटी में इस शख्स ने मुस्लिम परिवार के बच्चे को “पाकिस्तानी” कहा था। उसके बाद बच्चे ने तुंरत प्रतिवाद किया। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। अब शख्स अपने कृत्य के लिए “सॉरी” बोल रहा है। सवाल यह है कि इस शख्स ने उस बच्चे को पाकिस्तानी ही क्यों कहा? यह शख्स उसे अमेरिकी, इटेलियन, अरबी, इंडोनेशियाई आदि भी कह सकता था, लेकिन इसने उसे पाकिस्तानी ही कहा! क्योंकि यह जानता था, भारतीय मुसलमान को अपमानित करने के लिए इससे भद्दी कोई और गाली नहीं हो सकती। भारतीय मुसलमान को पाकिस्तानी बता दो, फिर वह अपनी तमाम ऊर्जा खुद को भारतीय साबित करने में लगा देगा, और इन जैसे टटपुंजियों पर कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा। इस तरह के लोग मुसलमानों को मानसिक तौर से प्रताड़ित करते हैं, यह मुसलमान को मैसेज देना चाहते हैं कि इस देश में वो ‘दूसरे’ हैं। सरकार को चाहिए कि मुसलमानों के लिए एससी/एसएसटी एक्ट की तर्ज़ पर कानून बनाए, ताकि इस देश के नागरिकों को दुश्मन देश का नागरिक बताने वालो को सबक़ सिखाया जा सके।
ईद की छुट्टियों में ट्रेन से घर लौट रहा 20 वर्षीय मदरसा छात्र 'फैजान अहमद शाह' लापता, पिता को किया आखिरी मैसेज, बोला- अब्बू, सब मुझे पीट रहे हैं.
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