महामहिम राष्ट्रपति महोदया श्रद्धेया द्रौपदी मुर्मु जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ।
आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु हेतु प्रकृति से प्रार्थना करता हूँ।
@rashtrapatibhvn
सूत्र:- जल्द @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद जी के नेतृत्व में अगले चरण की सत्ता परिवर्तन यात्रा की रूपरेखा सार्वजनिक की जाएगी🚨
अभी प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है
अगले चरण की सत्ता परिवर्तन यात्रा और भी व्यापक स्तर पर होगी...!!
उत्तराखंड के टिहरी जिले के लंबगांव थाना क्षेत्र के देवल गांव में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की निर्मम हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक युवक की हत्या नहीं, बल्कि संविधान में निहित समानता, स्वतंत्रता और मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है।
परिजनों के अनुसार, केतन को प्रेम संबंध के नाम पर सुनियोजित तरीके से बुलाया गया, बंधक बनाया गया और पूरी रात लाठी-डंडों व बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया। बताया जा रहा है कि प्रेमिका के सामने ही उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने परिजनों को फोन कर अहंकारपूर्ण अंदाज़ में कहा कि आकर अपने बेटे को उठा ले जाओ।
यदि आज भी किसी दलित युवक को केवल इसलिए मौत के घाट उतार दिया जाता है क्योंकि उसने तथाकथित ऊंची जाति की लड़की से प्रेम करने का साहस किया, तो यह हमारे समाज में व्याप्त जातिवादी सोच की भयावह सच्चाई को उजागर करता है।
हम शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
हम @ukcmo एवं @pushkardhami से मांग करते हैं कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए तथा उन पर हत्या, अपहरण, आपराधिक षड्यंत्र, बंधक बनाकर प्रताड़ित करने और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की कठोरतम धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को शीघ्र एवं कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए।
#JusticeForKetanLal #StopCasteViolence #DalitLivesMatter #जातिवाद_बंद_करो
पेपर लीक... भर्ती घोटाले... परीक्षाएं रद्द... यूपी बोर्ड परिणामों पर शिकायतें... और अब दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में रिजल्ट गड़बड़ी।
भाजपाई नाकामियों की भी हद है। ऐसा प्रतीत होता है कि इस सरकार में घोटाले अपवाद नहीं, बल्कि व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं। परीक्षा हो, भर्ती हो या परिणाम, हर मोर्चे पर युवाओं की मेहनत और भविष्य सबसे आसान निशाना बनता जा रहा है।
युवाओं का भविष्य इन नाकामियों के बोझ तले दबता जा रहा है।
मेरठ जिले के दौराला थाना क्षेत्र के चिरौड़ी गांव निवासी राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी बहन अनुष्का पाल की हत्या के मामले में आज मेरी पीड़ित परिवार से बात हुई। परिवार ने पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं और कहा है कि वे अब तक की पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हैं।
परिजनों का कहना है कि अनुष्का के बाल छोटे थे, जबकि जो शव बरामद हुआ है उसके बाल लंबे हैं। परिवार का मानना है कि इस मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब अब तक नहीं मिले हैं। ऐसे में उनकी आशंकाओं और संदेहों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
जब किसी मामले में पीड़ित परिवार ही जांच पर भरोसा नहीं जता रहा हो, तब निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना आवश्यक हो जाता है। इसलिए हम @UPGovt से मांग करते हैं कि अनुष्का पाल हत्याकांड की जांच तत्काल सीबीआई को सौंपी जाए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच हो सके तथा सच्चाई सामने आ सके।
मैं शीघ्र ही मेरठ जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करूंगा और न्याय की इस लड़ाई में हर हाल में उनके साथ खड़ा रहूंगा।
@CMOfficeUP@myogiadityanath@Uppolice@dgpup
सूर्यकुमार यादव ने इंस्टाग्राम से मुंबई इंडियन कों अनफॉलो कर दिया है बायो में से MI नाम हटा दिया है
मुम्बई से जुडी हुईं सारी पोस्ट सूर्यकुमार ने हटा दी है
IPL 2027 से पहले SKY को किसी दूसरी टीम में ट्रेड या रिलीज़ किया जा सकता है।
वर्तमान में खबर है की लखनऊ सुपर जायंट्स सूर्यकुमार यादव को वापस अपनी टीम में लाना चाहती है और उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी भी सौंप सकती है।
तिलक वर्मा मुंबई इंडियंस के भविष्य के कप्तान बन सकते हैं।
आप क्या कहते हो..?
आज अमेठी जनपद के सैकड़ों पंचायत सहायकों ने मानदेय वृद्धि एवं उचित संसाधन उपलब्ध कराए जाने के संबंध में गौरीगंज सदर विधायक माननीय राकेश प्रताप सिंह जी से उनके आवास पर मुलाकात किया विधायक जी ने आश्वासन दिया है कि मैं आप लोगों की आवाज माननीय मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखूंगा
@PSU_AME
बिजनौर से आज , आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने सत्ता परिवर्तन यात्रा का आगाज़ किया ! इस दौरान कार्यकर्ता बेहद उत्साह से उनके साथ दिखाई दिए ! चंद्रशेखर को 2027 के विधानसभा चुनाव में नजरअंदाज करना कठिन होगा ! उनकी गति बढ़ती ही जा रही है।
@AzadSamajParty@BhimArmyChief
#chandrashekharazad
आज 'व्यवस्था परिवर्तन दिवस' पर प्रारंभ हो रही सत्ता परिवर्तन यात्रा से घबराकर मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के इशारे पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief एवं नगीना से लोकप्रिय सांसद भाई चन्द्रशेखर आजाद जी को उनके आवास पर पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने के निंदनीय और अलोकतांत्रिक कृत्य के बाद उनका पहला इंटरव्यू।
#ReleaseChandraShekhaAzad
#ReleaseChandraShekhaAzad
#ASP_K_Mission2027 #सत्तापरिवर्तनयात्रा
#UPMaangeChandraShekharAzad #ASPK
#AzadSamajParty #bhimarmy #SattaParivartanYatra #ChandrashekharAzad
आज 'व्यवस्था परिवर्तन दिवस' से प्रारंभ हो रही सत्ता परिवर्तन यात्रा से घबराकर मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के इशारे पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief एवं नगीना से लोकप्रिय सांसद भाई चन्द्रशेखर आजाद जी को उनके आवास पर पुलिस द्वारा डिटेन किया जाना बेहद निंदनीय है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि भाई चन्द्रशेखर आजाद जी को तत्काल रिहा किया जाए तथा उन्हें अपनी यात्रा और जनसंपर्क कार्यक्रम निर्बाध रूप से संचालित करने दिया जाए।
लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को पुलिस बल और प्रशासनिक दबाव के माध्यम से दबाया नहीं जा सकता। परिवर्तन की मांग को रोकने का हर प्रयास अंततः जनता की लोकतांत्रिक शक्ति के सामने विफल होगा।
#ReleaseChandraShekhaAzad
#ReleaseChandraShekhaAzad
#ASP_K_Mission2027 #सत्तापरिवर्तनयात्रा
#UPMaangeChandraShekharAzad #ASPK
#AzadSamajParty #bhimarmy #SattaParivartanYatra #ChandrashekharAzad
उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IMPCL) को मात्र 121 करोड़ रुपये में निजी हाथों में सौंपना इस बात का एक और उदाहरण है कि किस प्रकार निजीकरण के नाम पर देश की बहुमूल्य सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों तथा संस्थानों को औने-पौने दामों पर कॉर्पोरेट हितों के हवाले किया जा रहा है।
IMPCL कोई साधारण कंपनी नहीं है। 1978 में वन विभाग की 40 एकड़ भूमि पर स्थापित यह भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त स्वामित्व वाली एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि निर्माण संस्था है, जिसके पास 1200 प्रकार की औषधियां बनाने का लाइसेंस है। देश के केंद्रीय अस्पतालों, शोध संस्थानों, आयुष संस्थानों तथा विभिन्न राज्यों के सरकारी अस्पतालों को लगभग 575 प्रकार की आयुर्वेदिक एवं यूनानी दवाएं उपलब्ध कराने वाली यह संस्था आयुष क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सरकारी धरोहर है।
कर्मचारियों के दावों के अनुसार, कंपनी की नेटवर्थ लगभग 145 करोड़ रुपये है। ऐसे में उसे मात्र 121 करोड़ रुपये में बेचना गंभीर सवाल खड़े करता है। 1 जून से आंदोलनरत कर्मचारियों की मांगें न्यायसंगत हैं। @MoHFW_INDIA को इस निजीकरण की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
निजीकरण के नाम पर सार्वजनिक संपत्तियों की यह लूट बर्दाश्त नहीं की जा सकती। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो मैं स्वयं अल्मोड़ा पहुंचकर आंदोलनरत कर्मचारियों के संघर्ष में शामिल होऊंगा।
@mygovindia@JPNadda
महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना से लगभग 80 लाख महिलाओं को बाहर किए जाने की खबर बेहद चिंताजनक है। यदि लाखों महिलाओं को अचानक अपात्र घोषित किया जा रहा है, तो यह भाजपा की चुनाव से पहले “लाडकी बहिन” और चुनाव के बाद “भुला दी बहिन” वाली अवसरवादी राजनीति को उजागर करता है।
इसीलिए हम उत्तर प्रदेश की अपनी बहनों से निवेदन करते हैं कि भाजपा के चुनावी नारों और वादों के जाल में फंसने के बजाय अपने अधिकारों, सम्मान और भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लें। याद रखिए, जो भाजपा चुनाव के समय महिलाओं को अपनी लाडकी बहन बताकर वोट मांगती है और चुनाव के बाद लाखों बहनों के नाम सूची से काट देती है, वह बहनों की हितैषी नहीं, बल्कि वोटों की व्यापारी है।
#SattaParivartanYatra
#ASP_K_Mission2027
#up पंचायत सहायक 6000₹ अल्प मानदेय में 4.5 साल से कार्यरत हैं आज तक एक भी रूपया मानदेय नही बढ़ा । अल्प मानदेय होने के कारण लड़के / लड़कियों की शादी नही हो पा रही है ।
@myogiadityanath कृपया मानदेय बढ़ाने की कृपा करें। 🙏🙏🙏
@myogiadityanath@CMOfficeUP@oprajbhar@kpmaurya1
जम्मू-कश्मीर में वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर जम्मू से श्रीनगर तक मार्च कर रहे हमारे साथियों की गिरफ्तारी अत्यंत चिंताजनक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। यह कार्रवाई उन लोगों की आवाज़ दबाने का प्रयास प्रतीत होती है, जो संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट रज्जत रमित जी, भीम आर्मी परवासी विंग के अध्यक्ष बलराम अहीरवार जी तथा आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सचिव सुरिंदर अत्री जी को जम्मू पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर बाग-ए-बहू पुलिस स्टेशन में रखा जाना न केवल निंदनीय है, बल्कि जनजातीय समुदायों की समस्याओं के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को भी उजागर करता है।
ये सभी साथी एसटी समुदाय, विशेष रूप से गुज्जर-बकरवाल समाज के लोगों के साथ मिलकर वन अधिकार अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन और वनभूमि पर पीढ़ियों से निवास कर रहे समुदायों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री @OmarAbdullah जी से मिलना चाहते थे। लेकिन संवाद के बजाय गिरफ्तारी का रास्ता चुनना बेहद चिन्ताजनक है।
जब वन अधिकार अधिनियम स्वयं जनजातीय एवं परंपरागत वनवासी समुदायों को भूमि, आवास, आजीविका और सामुदायिक संसाधनों पर अधिकार प्रदान करता है, तब उन्हीं अधिकारों की मांग करने वालों को अपराधियों की तरह देखना न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
हम @CM_JnK से मांग करते हैं कि हमारे सभी साथियों को तत्काल रिहा किया जाए तथा जनजातीय समुदायों की न्यायसंगत मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाए। अन्यथा आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम), भीम आर्मी और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले संगठन पूरे प्रदेश में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
मेरठ जिले के दौराला थाना क्षेत्र के चिरौड़ी गांव निवासी 17 वर्षीय बहन एवं राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की निर्मम हत्या अत्यंत दुखद, भयावह और झकझोर देने वाली घटना है।
सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि परिजनों द्वारा बार-बार शिकायत करने, संदिग्ध व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर देने तथा लगातार 33 दिनों तक पुलिस और चौकी के चक्कर लगाने के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यदि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लिया होता, तो शायद एक होनहार बेटी की जान बचाई जा सकती थी या कम से कम उसके शव की ऐसी दर्दनाक स्थिति देखने को न मिलती। यह हत्या प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
यह भी अत्यंत चिंताजनक है कि हत्या का आरोपी पहले भी एक जघन्य हत्याकांड में दोषसिद्ध होकर उम्रकैद की सजा पा चुका था। ऐसे व्यक्ति के पुनः इस प्रकार का अपराध कर पाने की परिस्थितियों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि:- इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। शिकायत के बावजूद लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। आरोपी के विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम कानूनी दंड सुनिश्चित किया जाए। पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा, सुरक्षा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।