नीति आयोग का मॉडल स्वीकार होने के बावजूद पंचायत सहायकों के हितों की लगातार उपेक्षा क्यों की जा रही है?
पंचायत सहायकों की नियुक्ति हुए लगभग 4 वर्ष बीत चुके हैं, फिर भी आज तक मात्र ₹6000 मानदेय पर कार्य कराया जा रहा है।
यह समझ से परे है कि आखिर किस आधार पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले कर्मियों को इतना अल्प मानदेय दिया जा रहा है।
प्रदेश के हजारों पंचायत सहायकों को नियमित रूप से मानदेय भी प्राप्त नहीं होता। कहीं दो-दो, तीन-तीन माह बाद तो कहीं छह-छह माह बाद भुगतान किया जाता है।
क्या नीति आयोग के मॉडल ��ें भी ऐसी ही व्यवस्था का उल्लेख है?
पंचायत सहायकों को ₹5 प्रति परिवार के नाम पर जो कमीशन आधारित व्यवस्था दिखाई जाती है, वह व्यवहारिक नहीं है। एक कागज़ पर दर्ज कमीशन से किसी परिवार का भरण-पोषण नहीं हो सकता। यदि यही व्यवस्था है तो प्रदेश के सभी पंचायत सहायक उस ₹5 कमीशन का ��्याग करने को तैयार हैं और उसे ग्राम निधि में दान करने को भी तैयार हैं।
हमारी मांग केवल इतनी है कि पंचायत सहायकों की आर्थिक मजबूरियों और भावनाओं के साथ खिलवाड़ न किया जाए।
ग्राम पंचायतों के डिजिटल और प्रशासनिक कार्यों की रीढ़ बन चुके पंचायत सहायकों को सम्मानजनक वेतनमान, नियमित भुगतान तथा स्थायीकरण का अधिकार मिलना चाहिए।
#पंचायत_सहायक_स्थायीकरण #पंचायत_सहायक_वेतनमान
@uppanchayatiraj @ChiefSecyUP @Manojkmr_singh @DirectorUPPR
@AwasthiAwanishK @oprajbhar
आज अमेठी जनपद के सैकड़ों पंचायत सहायकों ने मानदेय वृद्धि एवं उचित संसाधन उपलब्ध कराए जाने के संबंध में गौरीगंज सदर विधायक माननीय राकेश प्रताप सिंह जी से उनके आवास पर मुलाकात किया विधायक जी ने आश्वासन दिया है कि मैं आप लोगों की आवाज माननीय मुख्यमंत्री जी के स���क्ष रखूंगा
@PSU_AME
🔴 पंचायत सहायकों ने मानदेय वृद्धि सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर खोला मोर्चा
🔴 ₹6000 मानदेय को बताया अपर्याप्त, सरकार से स्थायी सेवा नियमावली की मांग
🔴 मांगें पूरी न होने पर 15 जून को लखनऊ के ईको गार्डन में धरना-प्रद���्शन की चेतावनी
📰 रिपोर्ट अजय श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों ने अपनी आर्थिक और सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की पहल की है। फतेहपुर जनपद सहित प्रदेश भर के पंचायत सहायकों ने मानदेय वृद्धि, सेवा सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो 15 जून 2026 को लखनऊ स्थित ईको गार्डन में शांतिपू��्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
🟥 पंचायत स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं पंचायत सहायक
फतेहपुर। ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, ऑनलाइन डेटा फीडिंग, प्रमाण पत्र संबंधी कार्यों तथा विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे पंचायत सहायकों ने अपनी समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की है।
पंचायत सहायकों का कहना है कि वे ग्रामीण स्तर पर शासन की योज���ाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें वर्तमान में मात्र ₹6000 प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में बेह�� कम है।
पंचायत सहायकों का कहना है कि इस मानदेय में परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना अत्यंत कठिन हो गया है।
🟥 छह सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग
पंचायत सहायकों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं।
प्रमुख मांगें
✅ पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए अथवा न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू की जाए।
✅ अनुबंध व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाई जाए।
✅ विवाह उपरांत महिला पंचायत सहायकों के लिए स्थानांतरण एवं समायोजन नीति लागू की जाए।
✅ ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती में पंचायत सहायकों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।
✅ पंचायत सहायकों एवं उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए।
✅ पंचायत सहायकों से कराए जा रहे गैर-विभागीय कार्यों पर रोक लगाई जाए।
🟥 15 जून को ईको गार्डन में प्रदर्शन की चेतावनी
ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि यदि सरकार द्वारा निर्धारित समयावधि में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता तो प्रदेश भर के पंचायत सहायक 15 जून 2026 को लखनऊ स्थित ईको गार्डन में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।
पंचायत सहायकों का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार का विरोध नहीं बल्कि अपनी समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करना है ताकि वर्षों से लंबित मांगों का समाधान हो सके।
🟥 वायरल फैक्ट : सोशल मीडिया पर तेज हुई मुहिम
पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर सोशल मीडिया पर भी अभियान तेज हो गया है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पंचायत ���हायकों द्वारा #PSKUnionUP सहित कई हैशटैग के माध्यम से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पंचायत सहायकों का कहना है कि ग्रामीण विकास और डिजिटल इंडिया मिशन में उनकी भूमिका को देखते हुए उन्हें सम्मानजनक मानदेय और सेवा सुरक्षा मिलनी चाहिए।
ग्रामीण प्रशासन की आधारशिला माने जाने वाले पंचायत सहायकों की मांगें अब शासन के समक्ष औपचारिक रूप से पहुंच चुकी हैं। आने वाले दिनों में सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है, इस पर प्रदेश के हजारों पंचायत सहायकों की निगाहें टिकी हुई हैं। फिलहाल पंचायत सहायकों ने संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का रास्ता चुना है, जबकि 15 जून को प्रस्तावित धरना उनकी मांगों को लेकर बढ़ते असंतोष का संकेत माना जा रहा है।
👇👇
#NDNews
#दैनिक_निष्पक्ष_धारा
#PanchayatSahayak
#PSKUnionUP
#FatehpurNews
#GramPanchayat
#RuralDevelopment
#UPGovernment
#PanchayatAssistant
#BreakingNews
#Lucknow
#EcoGarden
#UPNews
👇👇
��👇
@dgpup@RSSorg@UPGovt
@wpl1090
@RSSgeet
@Uppolice
@MIB_India
@PMOIndia
@HMOIndia
@abmanglik
@VHPDigital
@igrangealld
@myogioffice
@InfoDeptUP
@dmfatehpur
@sdmsadarftp
@CMOfficeUP
@CMOUP_RC
@ChiefSecyUP
@ChiefSecyUP
@MahantYogiG
@FatehpurSdm
@fatehpurpolice
@BajrangDalOrg
@112UttarPradesh
@myogiadityanath
@CommissionerPrg
@ADGZonPrayagraj
👇👇
🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा
मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
📅 दिनांक: 01 जून 2026
📆 दिन: सोमवार
📧 Email: [email protected]
📞 मोबाइल: 9696119696
@myogiadityanath अब न्याय कर दीजिए माननीय मुख्यमंत्री जी,वरना मजबूरन यह सैलाब लखनऊ की सड़कों पर आएगा।
क्योंकि अब उत्तर प्रदेश के समस्त 57000 पंचायत सहायक मानसिक,आर्थिक और स���माजिक रूप से पूर्णता प्रताड़ित हो चुका है उसके पास अब करो या मरो वाली स्थिति है।
कृपया पंचायत सहायकों की जायज मांगों पर विचार करते हुए स्थाईकरण और न्यूनतम वेतनमान प्रदान करिए। 🙏
@ChiefSecyUP
@uppanchayatiraj
@Manojkmr_singh
@DirectorUPPR
#समान_कार्य_समान_वेतन
#पीड़ित_पंचायत_सहायक
सुल्तानपुर
➡पंचायत सहायकों ने निकाला जुलूस
➡मानदेय बढ़ाने को लेकर निकाला जुलूस
➡सीएम को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा
➡मांग न पूरी होने पर लखनऊ में करेंगे प्रदर्शन
➡DM कार्यालय में पंचायत सहायकों ने सौंपा ज्ञापन
#Sultanpur#PanchayatSahayak@SultanpurDm
हम शासन से मांग करते हैं कि पंचायत सहायकों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए मानदेय वृद्धि एवं अन्य लंबित मांगों का समाधान किया जाए, ताकि पंचायत सहायक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनता की सेवा कर सकें।
"सम्मान नहीं तो कार्य नहीं"
"पंचायत सहायकों को न्याय दो,
पंचायत सहायक ग्रामीण प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी है�� और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई को देखते हुए पंचायत सहायकों के मानदेय में यथोचित वृद्धि किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
पंचायत सहायक ग्रामीण प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई को देखते हुए पंचायत सहायकों के मानदेय में यथोचित वृद्धि किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन, उत्तर प्रदेश
जनपद अमेठी
आज पंचायत सहायकों के मानदेय वृद्धि एवं सेवा सुरक्षा सहित विभिन्न मांगों के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री जी एवं पंचायती राज निदेशालय को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय एवं जिला पंचायत राज अधिकारी महोदय को सौंपा गया।
पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन, उत्तर प्रदेश
जनपद अमेठी
आज पंचायत सहायकों के मानदेय वृद्धि एवं सेवा सुरक्षा सहित विभिन्न मांगों के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री जी एवं पंचायती राज निदेशालय को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय एवं जिला पंचायत राज अधिकारी महोदय को सौंपा गया।
कौशांबी
➡पंचायत सहायक कर्मचारियों का प्रदर्शन
➡मानदेय बढ़ोतरी को लेकर किया प्रदर्शन
➡मानदेय 30 हजार प्रतिमाह करने की मांग
➡सेवा नियमावली लागू करने की भी उठी मांग
➡मांगें पूरी न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
#Kaushambi#PanchayatSahayak@deo__kaushambi
कौशांबी
➡पंचायत सहायक कर्मचारियों का प्रदर्शन
➡मानदेय बढ़ोतरी को लेकर किया प्रदर्शन
➡मानदेय 30 हजार प्रतिमाह करने की मांग
➡सेवा नियम���वली लागू करने की भी उठी मांग
➡मांगें पूरी न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
#Kaushambi #PanchayatSahayak @deo__kaushambi
हम पंचायत सहायकों का मानदेय #वृद्धि होना चाहिए @UPGovt
हम पंचायत सहायकों का मानदेय सिर्फ 6000 है, जो कि 6000 मे आजकल कुछ नहीं होता है, अगर सरकार को यह लगता है कि 6000 मानदेय पर्याप्त है, तो हमारी तरह जीवन यापन करके देखे पता चल जाएगा कि 6000 मे कैसे जीवन यापन होता है @CMOfficeUP
आम जनता से एक सवाल!!
जब विधायक और सांसद अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग करते हैं, तो उस�� “अधिकार” कहा जाता है।
जब उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारी 8वें वेतन आयोग की मांग करते हैं, तो उसे “जरूरत” माना जाता है।
लेकिन जब एक संविदा कर्मी, पंचायत सहायक, आउटसोर्स कर्मचारी या अल्प मानदेय पर काम करने वाला व्यक्ति सिर्फ न्यूनतम सम्मानजनक वेतन की बात करता है, तब समाज का एक वर्ग कहता है
“6000 में करना है तो करो, नहीं तो नौकरी छोड़ दो।”
सवाल सिर्फ इतना है 👇
क्या यही बात आप कभी किसी सांसद या विधायक से कह पाएंगे कि
“मांग मत कीजिए, सांसद/विधायक पद छोड़ दीजिए।”
क्या आप 30-40 हजार या उससे अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों से कह पाएंगे कि —
“वेतन बढ़ाने की बात मत करो, नौकरी छोड़ दो।”
शायद नहीं।
फिर सबसे कम वेतन पाने वाले कर्मियों के लिए ही यह कठोर सोच क्यों?
जो कर्मचारी गांव-गांव में योजनाएं चलाते हैं, ऑनलाइन कार्य करते हैं, जनता के दस्तावेज बनवाते हैं, रिकॉर्ड संभालते हैं, और दिन-रात व्यवस्था को चलाने में लगे रहते हैं
क्या आप अपने घर का खर्च 6000 में चला पायेगे। क्या आप इस सैलरी में मुंह उठाकर समाज में जीवन बिता पाएंगे।
क्या न्यूनतम सम्मानजनक वेतन मांगने का अधिकार भी नहीं है?
मुद्दा सिर्फ वेतन का नहीं है,
मुद्दा सम्मान, समानता और मा��वीय दृष्टिकोण का है।
@CMOfficeUP @AwasthiAwanishK @ChiefSecyUP @uppanchayatiraj
इको गार्डन, लखनऊ से उठी पंचायत सहायकों के सम्मान और अधिकारों की आवाज अब पूर��� उत्तर प्रदेश में गूंजेगी।
जो पंचायत व्यवस्था की रीढ़ हैं, उन्हें उपेक्षा नहीं सम्मान चाहिए!
न्याय चाहिए -भीख नहीं!
मानदेय बढ़ाओ - जीवन संवारो!
अनुबंध शोषण बंद करो!
पंचायत सहायक कर्मचारियों के संघर्ष को आजाद अधिकार सेना का पूर्ण समर्थन।
संघर्ष जारी रहेगा -अधिकार लेकर रहेंगे!
पंचायत सहायक कर्मचारी एकता जिंदाबाद!
आजाद अधिकार सेना जिंदाबाद!
#AzadAdhikarSena #आजादअधिकारसेना #PanchayatSahayak #मानदेय_बढ़ाओ #WorkersRights #Lucknow #UPNews #JusticeForWorkers
@UPGovt @ChiefSecyUP @CMOfficeUP @dgpup