ज़िंदगी दी है तो जीने का हुनर भी देना
पाँव बख़्शें हैं तो तौफ़ीक़-ए-सफ़र भी देना
गुफ़्तुगू तूने सिखाई है कि मैं गूँगी थी
अब मैं बोलूँगी तो बातों में असर भी देना।
#upgovernmentgkp
"चलत मुसाफिर मोह लिया रे पिंजरे वाली मुनिया"
गणतंत्र दिवस की परेड के लिए मन्ना डे के इस गीत पर फुल ड्रेस रिहर्सल का ये शानदार वीडियो देखिए.. पैरामिलिट्री फोर्सेस के जवानों के पैरों की थिरकन में कितना जोश, कितनी ऊर्जा, कितनी मस्ती है..
#RepublicDay#FullDressReharsal#music #musicvideo
अपने शहर में रिपोर्टिंग करने का, अपनों से भूले-भटके टकराते रहने का आनंद ही कुछ और है।
किसने कहा लोग कुम्भ में खो जाते हैं, यहाँ अपने मिलते हैं। आप कब मिल रहे हैं?
बाकी आखिरी में विधायक जी मोमेंट☺️
#KumbhMela2025
Maa Vindhyavasini ❤️🙏
Vindhyachal Temple, also known as Maa Vindhyavasini Temple and Vindhyachal Dham, is dedicated to the Maa Vindhyavasini, situated on the bank of river Ganga at Vindhyachal in Mirzapur district, Uttar Pradesh. It is one of the Shakti Pitha temples in India.
🔸Maa Vindhyavasini chose Vidhyanchal to stay after killing the demon Mahishasura.
🔸 It is mentioned in Durga Saptashati. It is written that the goddess Durga was born from the womb of Yashoda on the same night as Krishna was born. When Kansa (King of Mathura) tried killing the baby by smashing her body to a stone, she miraculously went away from his grip and turned into the divine form of the goddess.
🔸The Chief Minister, Yogi Adityanath's government, has proposed the construction of the Vindhya Corridor, modelled after the Kashi Vishwanath Corridor. The corridor is being built around Vindhyachal Temple at an estimated cost of ₹224 crores to facilitate pilgrimage. The corridor is being built using pink stones of Ahraura that Jaipur, Rajasthan, and artisans have expertly crafted.
माननीय कुलपति प्रो पूनम टंडन ने आज विश्वविद्यालय के 74वें स्थापना दिवस पर पंत भवन में स्थापित "स्थापना शिलापट्ट" के समक्ष विधि विधान से पूजन अर्चन किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यगण उपस्थित रहे।
#74Years_of_DDUGU#DDUGU_FoundationDay
समाजशास्त्र विभाग में डॉ शकुन्तला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के माननीय कुलपति प्रो. हिमांशु शेखर झा के आगमन पर विभागाध्यक्ष प्रो. अनुराग द्विवेदी समेत सभी विभागीय सहकर्मियों एवं बोर्ड ऑफ़ स्टडीज़ के सदस्यों ने किया स्वागत।
UPSC की तैयारी के दौरान...
1. परीक्षा के प्रति गंभीर रहें, बेकार की चर्चाओं में समय बर्बाद न करें, सोशल मीडिया पर और चाय की दुकानों पर भी चर्चाओं से हमेशा बचें।
2. ऐसा कुछ भी न करें क्योंकि बाकी सभी लोग ऐसा कर रहे हैं जैसे अनावश्यक रूप से नोट्स बनाना, ऑनलाइन सामग्री पढ़ना, भले ही यह आपकी योजना का हिस्सा न हो। आपकी प्लानिंग आपकी होनी चाहिए न कि सिर्फ दूसरों की अंधी नकल। अपनी खुद की रणनीति का पालन करें। आप खुद को किसी और से ज्यादा जानते हैं इसलिए उसी के अनुसार योजना बनाएं।
3. बिना ब्रेक, बिना रुके हुए daily 8-10 घंटे की पढाई सालभर बहुत जरूरी है। इससे कम पढ़ने पर सफलता नहीं मिलेगी और इससे ज्यादा पढ़ने पर आप अनावश्यक शारीरिक और मानसिक तनाव लेना शुरू कर देंगे।
4. अपनी सेहत का ख्याल रखना। मैंने अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा की और अपनी तैयारी के दौरान मुझे कुछ चिकित्सीय समस्याओं का सामना करना पड़ा और तीसरा प्रयास में मेरा एक महीना डॉक्टर का चक्कर लगाने में बर्बाद हो गया था।
5. ऑप्शनल का चयन बहुत सावधानी से करें। वैकल्पिक विषय में रुचि होना आवश्यक है और वैकल्पिक विषय चुनने का एकमात्र कारण यही होना चाहिए।
6. अपने मित्र/अध्ययन मंडल/study group का चयन बहुत सावधानी से करें। संगति बना भी सकती है और बिगाड़ भी सकती है।
7. यह मत सोचिए कि सिर्फ कोचिंग क्लास करने से या सिर्फ नोट्स पढ़ने से कोई विषय तैयार हो जाता है। पाठ्यक्रम और पिछले वर्ष के प्रश्नों को देखे बिना कभी भी किसी टॉपिक/विषय का अध्ययन शुरू न करें।
8. मूल्यांकन की कभी उपेक्षा न करें। हर कदम पर अपनी पढ़ाई का मूल्यांकन करते रहें। इसमें प्रीलिम्स टेस्ट पेपर, जीएस पेपर, आपकी दैनिक पढ़ाई आदि शामिल हैं।अपने शिक्षक सलाहकार मार्गदर्शक के साथ एक साप्ताहिक बैठक आवश्यक है। आत्म मूल्यांकन जरूरी है। क्या मेरी तैयारी सही दिशा और सही गति से चल रही है?
9. आदर्शवादी बनने की कोशिश मत करें। कई दिनों तक लगातार पढ़ाई न करें। मैंने रविवार को साप्ताहिक अवकाश लेना शुरू कर दिया था। मैं रविवार की सुबह पूरे सप्ताह के समाचार पत्रों का पुनः अध्ययन करता था और रविवार की शाम को दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों को देखने जाता था। इतिहास मेरा वैकल्पिक विषय था। यह मेरे लिए सोशल ऑब्जर्वेशनल लर्निंग ( देखकर सीखने) जैसा था।
10. अपनी गलतियों को स्वीकार करें और उन्हें दोहराने की हिम्मत भी न करें। अपनी गलतियों से सीखें।
शुभकामनायें... #UPSC #UPSC2024 #UPSCPrelims2024 #UPSC_Exam #upscaspirants #upscstories
DDU में सोशल मीडिया की भूमिका पर सेमिनार : IPS निहारिका बोलीं- सोशल मीडिया को मित्र बनाइए गुरू नहीं, बेसिक नॉलेज से दूर हो रहें हम
https://t.co/CM1EWfIo6b
@DDUGU_Official@_poonamtandon@proddugu@deependra_m
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन से समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकों ने मुलाकात कर विभाग में आयोजित हो रहे 'द्विदिवसीय पुस्तक मेला' के लिए आमंत्रित किया।
कुलपति ने विभाग में संचालित हो रहे पाठ्यक्रमों की भी जानकारी ली।