हिंदी लेखक - कवि, व्यंग्यकार, पूर्व राजनयिक , सामाजिक कार्यकर्ता , भाषा और साहित्य विशेषकर प्रवासी साहित्य से जुड़ाव,Writer, Ex-Diploamat , Social worker,
हमारी भाषा ,
सिर्फ़ ,
वही हो सकती है ,
जिसके शब्द ,
हमने ,
शब्दकोश से न गुने हों ,
बल्कि ,
माँ के पेट में सुनें हों ,
क्योंकि भाषा है -
हमारे व्यक्तित्व की बुनावट ,
इसमें है -
हमारी
ये
दिमाग़ों में नहीं ,
शिराओं में रुधिर -सी बहती है ,
यह
हमारी आदिम ज़रूरत है
शौक़ नहीं
उसने सिर्फ आंखे नहीं दी,
दृष्टि भी दी..
दस रास्ते बंद हुए
तो सौ द्वार खोले ..
अबूझ संसार मिला
तो दे दिए शब्दों के मंत्र..
प्रार्थना इतनी ही है
जैसे मेरे हो , वैसे ही सबके हो प्रभु -
( नववर्ष की शुभकामनाएँ-
अनिल जोशी)
सभी भारतीय भाषाओं में एक प्रकार की 'समान शब्दावली' (common vocabulary) जितनी मात्रा में हम बढ़ाते जा सकते हैं उतनी मात्रा में हर भारतीय हर भारतीय भाषा को समझेगा, भारतीय भाषाओं का परस्पर अनुवाद सरल होगा, भारतीय भाषाओं की सार्वत्रिक स्वीकार्यता बढ़ेगी एवं देश की एकता सुदृढ़ होगी।
Sri Lakshminarasimhan @simhan_kl EO of Samskrit Promotion Foundation @SamPromotion and his team participated in the IKS Mela 2022 @AICTE_INDIA on the occasion of 2nd year completion of #NEP2020
हमारे विद्यार्थियों में बहुत मेधा और प्रतिभा है।हमें उनकी मेधा के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को तैयार करना होगा।हमें Student first की नीति को लेकर चलना होगा।
Education for Students, by the Teachers NEP की सबसे बड़ी take-away है। यही #ShikshaSamagam का भी take-away होना चाहिए।
शिक्षा मंत्रालय में मेरे सहकर्मी श्री @jppandeyirps जी ने आज अपनी किताब ‘पगडंडी में पहाड़’ भेंट की।
यह पुस्तक उत्तराखंड की ख़ूबसूरती, कला, संस्कृति एवं समृद्ध इतिहास को पाठकों तक पहुँचाने का एक अच्छा प्रयास है। इस अनूठे प्रयास के लिए श्री जय प्रकाश जी को शुभकामनाएं देता हूँ।
@dpradhanbjp सक्रिय , कर्मठ , दूरदर्शी, जनप्रिय केंद्रीय शिक्षामंत्री डॉ धर्मेन्द्र प्रधान जी को जन्मदिन के अवसर पर सुख , समृद्धि और स्वास्थ्य के लिये बहुत बहुत शुभकामनाएँ