समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी द्वारा रचित 'ब्रह्मसूत्र एवं ईशावास्य उपनिषद्' में ब्रह्मज्ञान के गहन सूत्र प्रस्तुत हैं। यह सभी साधकों और जिज्ञासुओं के लिये पठनीय, निजी पुस्तकालय में संग्रहणीय है। इसे आप समर्थगुरु धारा गैलेरिया से प्राप्त कर सकते हैं। मूल्य ₹150/-
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सिरसा में आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम में हज़का के समय से साथ संघर्ष के समय के साथियों से मुलाक़ात हुई। आज भी हरियाणा की जानता खुले दिल से कुलदीप जी के साथ खड़ी है
@bishnoikuldeep जी, आपका साथ हमारे लिए गर्व का क्षण है l
सिरसा के हर साथी की ओर से आपका हृदय से आभार🙏 @bbhavyabishnoi@NayabSainiBJP@narendramodi
बरवाला के पूर्व विधायक एवं मेरे मित्र श्री जोगीराम सिहाग जी की बहन और बहनोई के निधन पर शोक व्यक्त कर परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
ईश्वर दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
3. आदमपुर हलके के विभिन्न गांवों में आज और कल अपनों के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में शिरकत की। इस दौरान कई सामाजिक, जलपान कार्यक्रमों और आत्मीय बैठकों में भाग लिया।
गांवों में मिले अपार स्नेह, अपनत्व और विश्वास ने मन को भावुक कर दिया। यह आत्मीयता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और यही रिश्ता मुझे हर समय अपने लोगों के बीच रहने की प्रेरणा देता है।
आदमपुर की धरती मेरे लिए केवल एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि मेरा परिवार है। यहां के अपनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
1. आदमपुर हलके के विभिन्न गांवों में आज और कल अपनों के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में शिरकत की। इस दौरान कई सामाजिक, जलपान कार्यक्रमों और आत्मीय बैठकों में भाग लिया।
गांवों में मिले अपार स्नेह, अपनत्व और विश्वास ने मन को भावुक कर दिया। यह आत्मीयता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और यही रिश्ता मुझे हर समय अपने लोगों के बीच रहने की प्रेरणा देता है।
आदमपुर की धरती मेरे लिए केवल एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि मेरा परिवार है। यहां के अपनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
2. आदमपुर हलके के विभिन्न गांवों में आज और कल अपनों के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में शिरकत की। इस दौरान कई सामाजिक, जलपान कार्यक्रमों और आत्मीय बैठकों में भाग लिया।
गांवों में मिले अपार स्नेह, अपनत्व और विश्वास ने मन को भावुक कर दिया। यह आत्मीयता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और यही रिश्ता मुझे हर समय अपने लोगों के बीच रहने की प्रेरणा देता है।
आदमपुर की धरती मेरे लिए केवल एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि मेरा परिवार है। यहां के अपनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
4. आदमपुर हलके के विभिन्न गांवों में आज और कल अपनों के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में शिरकत की। इस दौरान कई सामाजिक, जलपान कार्यक्रमों और आत्मीय बैठकों में भाग लिया।
गांवों में मिले अपार स्नेह, अपनत्व और विश्वास ने मन को भावुक कर दिया। यह आत्मीयता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और यही रिश्ता मुझे हर समय अपने लोगों के बीच रहने की प्रेरणा देता है।
आदमपुर की धरती मेरे लिए केवल एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि मेरा परिवार है। यहां के अपनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना बलिदान देने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन!!🙏🏻
2. “मैंने हमेशा माना है कि नेता की असली ताकत उसके पद में नहीं, उसके कार्यकर्ताओं के विश्वास में होती है।
कुछ लोग कहते हैं कि राजनीति में दोस्त नहीं होते। मैं कहता हूँ कि उन्हें हमारे कार्यकर्ताओं से मिलना चाहिए।”🙏🏻
आज सिरसा की जाट धर्मशाला में कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित जलपान कार्यक्रम के निमंत्रण पर पहुंचकर अपने पारिवारिक साथियों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों से आत्मीय मुलाकात का सौभाग्य मिला।
यह केवल एक साधारण जलपान कार्यक्रम नहीं था, बल्कि सिरसा जिले के हजारों साथियों का उमड़ा स्नेह, अपनापन और विश्वास मेरे लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला क्षण बन गया। मात्र एक जलपान कार्यक्रम में इतनी भारी संख्या में कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों की गरिमामयी उपस्थिति ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि युगपुरुष स्वर्गीय चौधरी भजनलाल जी के प्रति जनमानस के हृदय में आज भी अपार श्रद्धा, सम्मान और प्रेम उसी प्रकार विद्यमान है।
आप सभी का मेरे प्रति जो स्नेह, लगाव और अटूट समर्थन आज भी कायम है, वह मेरे लिए केवल सम्मान की बात नहीं, बल्कि ऊर्जा, प्रेरणा और जिम्मेदारी—तीनों का सबसे बड़ा स्रोत है।
मैं सिरसा जिले के अपने सभी पारिवारिक साथियों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त करता हूं। आपका यह प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और हमेशा रहेगा।
मैं जाट सभा सिरसा के सभी पदाधिकारियों का भी विशेष रूप से आभारी हूं, जिन्होंने शाल ओढ़ाकर मुझे सम्मानित किया। यह सम्मान मैं व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि आप सभी के स्नेह, विश्वास और हमारे आपसी भाईचारे की मजबूती का सम्मान मानता हूं।आज स्वर्गीय ताऊ देवी लाल जी जैसे महान शख्सियत की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए अति गौरवित महसूस कर रहा था।
@bishnoikuldeep नेता की असली पहचान उसके पद से नहीं बल्कि लोगों के दिलों में उसकी जगह से होती है।
आज सिरसा में उमड़ा जनसैलाब चौ. #कुलदीप_बिश्नोई जी के इसी विश्वास और अपनत्व का प्रमाण है।
कार्यकर्ताओं का यह प्रेम और सम्मान वास्तव में प्रेरणादायक है।ऐसे ही जनसेवा और भाईचारे का कारवां आगे बढ़ता रहे।