बाबासाहब की मूर्तियों पर हो रहे हमले महज़ मूर्तियों पर हमले नहीं हैं। ये उस संविधान, बराबरी और सामाजिक न्याय के विचार पर हमला है, जिसके लिए बाबासाहब जीवन भर लड़े। भाजपा और उसके संगी-साथियों की यह नफ़रत बताती है कि उन्हें असली परेशानी बाबासाहेब के विचार और संविधान से है।
जिस भेदभाव ने रोहित वेमुला की जान ली, वही आज साहिल वाकोड़े की मौत की वजह बना I
SC ST OBC lives matter.
Unfortunately the weak laws and GC-dominated judiciary will ensure the discriminating professor walks free.
ये अनुराधा तिवारी हैं बिना पूरी बात जानें ये एग्जाम में नकल करने के मुद्दे पर आज ज्ञान दे रही हैं।
जबकि इंटरव्यू में ये खुद पेपर में नकल करने की बात को मान चुकी हैं।
जब अपनी उंगली सीधी न हो तो दूसरों को उंगली नहीं करनी चाहिए।
जहाँ आरक्षण नहीं है, वहाँ इसके जैसे दो कौड़ी के दल्ले @SushantBSinha पत्रकार बने घूम रहे है। अब देखो, जिस चीटिंग वाले स्टेटमेंट के लिए IIT बॉम्बे माफ़ी माँग चुका है। उसको ये कथित राष्ट्रीय मीडिया का भांड बिना किसी जाँच के अभी भी चीटिंग का मामला बता रहा है।
देख रहे हो इस मेरिटधारी की पत्रकारिता, और थूको। अगर इस मूर्ख को अंग्रेज़ी पढ़नी नहीं आती तो कोई समझा दो इसको 👇
IIT Bombay के छात्र कह रहे हैं कि इस इंस्टिट्यूट में जातिवाद होता है।
लेकिन दिल्ली/जयपुर में बैठकर कुछ भ*वे कह रहे हैं कि “नहीं। ऐसा हो ही नहीं सकता। वो तो पढ़ने में कमजोर था इस लिए आत्महत्या कर लिया।”
अरी भ*वों!
Dear Dalits, never forget who is celebrating Sahil Wakode's death.
There is no CCTV footage of Sahil Wakode cheating, nor have any students in the class stated that Sahil was cheating. Without any evidence, they tarnished his image to target reservations and SC ST act. Remember this.
IIT मुंबई का डायरेक्टर ही नहीं इस देश का प्रधानमंत्री भी इस्तीफा दे दे तब भी कम है।
अगर आजादी के इतने साल बाद भी इतनी खराब व्यवस्था और इतनी बुरी तरह फेल सिस्टम है।
"DRDO के साथी बताते हैं कि हम जो भी टेक्नोलॉजी डेवलप करते हैं, बाहर वाले आकर उसे तहस-नहस करवा देते हैं। हमारी लीडरशिप इतनी भ्रष्ट और बिकाऊ है कि वह सिर्फ अपने बारे में सोचती है। टेक्नोलॉजी विकसित करनी है तो उच्च शिक्षा चाहिए जिसे ये नष्ट कर रहे हैं। ये सवाल उठाने की इजाजत नहीं देते और सवाल उठाने बिना नये आविष्कार नहीं होते। हमारे लिए सबसे जरूरी है शिक्षा जिसे ये बर्बाद कर रहे हैं।"
~ प्रो. अरुण कुमार, अर्थशास्त्री
सोशल मीडिया पर खान सर का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो Woki Toki से अपनी टीम से बात कर रहे हैं.
खान सर कह रहे हैं अंधेरा होने जा रहा है इसलिए राहत सामग्री बांटना बंद कर दिया जाए. राहत सामग्री कल बाटी जाएगी,
अंधेरे में राहत सामग्री बांटने से बाढ़ के पानी में छोटे बच्चे डूब सकते हैं.
खान सर 5 दिनों से बाढ़ पीड़ितों को नाव से गांव गांव जाकर राहत सामग्री बाट रहे हैं. खान सर रोज एक करोड़ रुपए से ज्यादा की राहत सामग्री पीड़ितों को बाट रहे हैं.
खान सर पढ़ाना, कमाना और लौटाना यानी Pay Back to Society करना जानते हैं. बिहार में खान सर जैसे 100 लोग हो जाएं तो बिहार की किस्मत बदल जाएगी.
IIT मुंबई के प्रोफेसर्स दबाव बनाकर 6 महीने में तीन बच्चों को आत्महत्या करवा चुके हैं और जब स्टूडेंट प्रोटेस्ट करने के लिए इकट्ठा हुए तो माहौल बनाया जा रहा है कि हाल ही में मरा दलित बच्चा चीटिंग करते हुए पकड़ा गया था इसलिए ये चीटिंग का समर्थन कर रहे हैं।