इतनी भीषण गर्मी में प्राइमरी के बच्चों के लिए 8 बजे से 2 बजे दोपहर तक समय अत्यंत प्रतिकूल है।
इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज तक में अवकाश 12:30 से 1 बजे तक हो जाता है लेकिन 6 से 11 वर्ष के मासूम बच्चों को इतनी गर्मी में 2 बजे तक रोकना कहां तक न्यायोचित है।
#chnage_the_school_time
इतनी भीषण गर्मी में प्राइमरी के बच्चों के लिए 8 बजे से 2 बजे दोपहर तक समय अत्यंत प्रतिकूल है।
इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज तक में अवकाश 12:30 से 1 बजे तक हो जाता है लेकिन 6 से 11 वर्ष के मासूम बच्चों को इतनी गर्मी में 2 बजे तक रोकना कहां तक न्यायोचित है।
#chnage_the_school_time
"भीषण गर्मी और लू का प्रकोप झेल रहे हमारे नौनिहाल! ☀️🔥
विद्यालयों के बच��चों को इस चिलचिलाती गर्मी में स्कूल बुलाना उनके स्वास्थ्य और भविष्य के साथ खिलवाड़ है
शासन-प्रशासन से विनम्र निवेदन है कि 30 जून तक ग्रीष्मावकाश घोषित करें। 🙏
@myogiadityanath @CMOfficeUP
#FreeTeachersFromBLO
1. 📚 "शिक्षक का काम – शिक्षा का प्रचार, न कि सर्वे का भार!"
2. ✋ "BLO नहीं, हम हैं शिक्षक – हमें पढ़ाने दो, देश को बढ़ाने दो!"
3. ⚖️ "BLO ड्यूटी से मुक्त करो – शिक्षा का स्तर उन्नत करो!"
4. 🧑🏫 "शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से हटाओ – बच्चों का भविष्य बचाओ!"
5. 🎓 "शिक्षक स्कूल में रहें, समाज का निर्��ाण करें – BLO की जिम्मेदारी प्रशासन निभाए!"
6. 📖 "पढ़ाने दो गुरुजनों को – मत बनाओ सरकारी नौकरों जैसा!"
7. ❌ "शिक्षकों से BLO का काम कराना – शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल!"
8. 🏫 "विद्यालय शिक्षकों से खाली, शिक्षा रह गई अधूरी!"
@ECISVEEP
@UPGovt
@basicshiksha_up
🔰 हमें फॉलो जरूर करें : @upbasic_shiksha
ये उस देश के शिक्षक है जहां के बारे में कहा जाता है हरि पूजने से पहले गुरु की पूजा करो
ओर उस देश में शिक्षकों पर लाठी चार्ज
ये देश मर चुका है
इसे एक पुनर्जागरण की जरूरत है
#SSCMisManagement#ssc_jawab_do#SSC_VENDOR_FAILURE
#कावड़_यात्रा 2025 मे जनपद सहारनपुर का भव्य एवं दिव्य नज़ारा जो कि जनपद में की गई व्यवस्थाओं को दर्शाता है�� मा0मंडलायुक्त श्री अटल कुमार राय जी ,मा0डी आई जी श्री अभिषेक सिंह जी,जिलाधिकारी @mbansal_ias, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आशीष तिवारी द्वारा निरंतर निरीक्षण कर दिए गए निर्देशो को क्रियान्वित कर सकुशल यात्रा को सम्पन्न कराया जा रहा है।
@CMOfficeUP
@UPGovt
@ChiefSecyUP @spgoyal @adgzonemeerut @saharanpurpol @InfoDeptUP
कांवड यात्रा 2025 को सकुशल एवं सुविधाजनक सम्पन्न कराने हेतु मा0 मण्डलायुक्त श्री अटल कुमार राय जी ने जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल की उपस्थिति में कांवड यात्रियों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड का लोकार्पण किया।
#एक क्लिक पर मिलेगी समस्त आवश्यक सुविधाओं की जानकारी।
#मण्डलायुक्त ने जिलाधिकारी एवं उनकी टीम की सराहना की।
#मोबाईल में क्यूआर कोड स्केन करने से स्थलों की मानचित्र के द्वारा मिलेगी जानकारी।
#शौचालय, चिकित्सा शिविर, पैट्रोल स्टेशन, ढा��ा, थाना, कांवड मार्ग, कांवड शिविर आदि गूगल मैप के द्वारा पता किए जा सकेंगे।
@CMOfficeUP @UPGovt @ChiefSecyUP @spgoyal @adgzonemeerut @SaharanpurCdo @saharanpurpol @InfoDeptUP
बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी कह रहे हैं कि हमने प्रधान अध्यापकों के पद समाप्त नहीं किए हैं
हम कह रह कि पद यदि समाप्त नहीं है तो स्वीकृत पदों के सापेक्ष नियुक्त प्रधान अध्यापक क��� सप्लस क्यों घोषित किया जा रहा है
तो अधिकारी का कहना है कि नियुक्ति बहीं होगी जहाँ पीएस में 150 तथा यूपीएस में 100 छात्र संख्या होगी क्योंकि आर टी ई के अनुसार बहाँ प्र अ नहीं होगा तो ऐसे पदों का शिक्षक क्या करेंगे ।
आर टी इ वर्ष 2009 में आया और उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2011 में लागू किया
2011 से 2012 तक की सरकार में तत्कालीन शिक्षा मंत्री जी से अनुरोध किया गया कि यदि किसी विद्यालय में आपको न्यून तम २ स अ रखने हैं तो एक प्र अ एवं एक स अ रखिए तो उस सरकार ने इस सुझाव को माना और किसी भी प्र अ को नहीं हटाया गया
2012 से 2017 तक की सरकार में तत्कालीन शिक्षा मंत्री श्री राम गोबिंद चौधरी जी के समय भारत सरकार से आर टी ई के अनुसार शिक्षक तैनाती की बात जब आई तो उन्होंने संघ को वार्ता को बुलाया और चर्चा के बाद निर्णय लिया कि प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधान अध्याप��� अवश्य नियुक्त करेंगे उसके बाद उन्होंने प्र अध्यापकों की कमी को पूरा करने के लिए प्रा वि के प्र अध्यापक के पद पर पदोन्नति हेतु आवश्यक न्यूनतम सेवा अवधि 5 वर्ष को घटाकर 3 वर्ष कराया और लगभग एक लाख शिक्षकों की पदोन्नति हुई
यही बात आज भी विभाग से कह रहे हैं कि प्रत्येक विद्यालय में एक प्र अध्यापक अवश्य रखिए लेकिन यह मानने को तैयार नहीं है
वर्ष 2015 से आज तक एक भी शिक्षक की पदोन्नति नहीं हुई ।
कोई भी विभाग,संस्था या सरकार बिना मुखिया के नहीं चलता लेकिन यह विद्यालय विना हे�� मास्टर के चलायेंगे और हेड काम सहायक अध्यापक से लेंगे वो भी हेड के पद का वेतन दिए बिना ।यह तानाशाही नहीं तो क्या है ।
जब तमाम तथाकथित संघ केवल एक ही मुद्दों पर शिक्षकों को आंदोलन को सपोर्ट करने की बात करते थे तो हमने सदैव कहा कि शिक्षकों की प्रत्येक समस्या के निराकरण को प्राथमिकता में नहीं रखा तो यह सब छीन लेंगे
आज बही दिन हम सबके सामने है
हजारों प्रधान अध्यापकों को सरप्लस घोषित कर दिया गया ��र्थात उन विद्यालयों में प्रधान अध्यापक के पद समाप्त कर दिये गये ।आप हेड मास्टर के पद माँग रहे थे तो उन्होंने हजारों विद्यालय बंद करने का निर्णय ले लिया ।
इसलिए आवश्यक है कि आम शिक्षक को इस मनमानी से अवगत कराए
शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात सहन नहीं किया जायेगा ।