Some UBT MPs are also looking to defect to the BJP. Maybe we should ask the two PROMINENT MPs to tell us who ‘threatened’ these MPs to defect to the BJP? Why did the other 19 TMC MPs defect? Maybe it’ll take a month to blame someone. As the Qur’an says “Woe to every backbiter, slanderer” (104:1)
Why are large-scale defections to BJP so easy? Why are all these people running away? You cannot blame one ‘prominent MP’ for all your failures.
Shikari naya hai, jal puraana hai…
अरे भाई आज कल लोग ये पोस्ट बहुत कर रहे है मेरे से एक नम्बर गलत हो गया जिससे दूसरे के अकांउट में पैसे चले गए उसने पहले भरोसा दिलाया लेकिन फिर पैसे नहीं दिये अब बताओ आपको उसने भरोसा दिला दिया तो कोई जरूरी तो नहीं है कि आपको वो पैसे दे अगर ईमानदार इंसान होगा तो दे देगा वरना भाई
नहीं देगा तुम उसका क्या कर लोगे गलती तुम्हारी है मुझसे तो 18000 रुपए गलत ट्रांजेक्शन हुए है जब में कुछ नहीं कर सका तो आप क्या करोगे अगर कोई कुछ कर सकता है तो में आधे पैसे उसे ही दे दूंगा
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है,किसान,युवा, मजदूर,दलित, मुसलमान,पिछड़े, ब्राह्मण सब परेशान है उसपर बात कीजिए,कब तक झूठ फैलाएंगे आप ? माननीय उच्चतम न्यायालय का फैसला है कि मंदिर तोड़कर के मस्जिद नहीं बनाई गई थी फिर भी आप लगातार झूठ फैला रहे हैं?
अखिलेश यादव जी तो बोलेंगे नहीं क्योंकि वह और आप तो नूरा कुश्ती कर रहे हैं लेकिन हम तो आपसे सवाल करते रहेंगे।
@IndiaNewsUP_UK
VIDEO | Hyderabad: During a press conference, AIMIM president Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) says, “Please tell us how many infiltrators have been found in Bihar. It is a bordering state. The number is 57. Out of them, how many are Muslims? Eight or nine? Then where are the infiltrators? Twenty-seven lakh voters in Bengal are waiting for tribunals to hear their cases. They are neither dead nor duplicate voters. If there are infiltrators, where are they? You should ask the ECI. They have not said anything in Bihar. The ECI is basically doing the work of the NPR and the NRC as well. That is the most unfortunate part, and that is why we disagree with the Honourable Supreme Court’s judgment.”
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
जलगांव जिले के मारुल गांव के हाफिज कासिम साहब के साथ हुई कथित बदसलूकी और जबरन नारे लगवाने की घटना बेहद निंदनीय और चिंताजनक है। इस मामले में पारोला पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हो चुकी है, जो इस बात का प्रमाण है कि मामला बेहद गंभीर है और जांच के दायरे में है।
किसी भी नागरिक को डराने, धमकाने या उसकी इच्छा के विरुद्ध कोई नारा लगाने के लिए मजबूर करने की अनुमति नहीं है!
हमारी सरकार और पुलिस से मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर इन गुंडों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए सख्त सज़ा दी जाए और पीड़ित को न्याय दिलाया जाए।
@CMOMaharashtra@MahaPolice@Dev_Fadnavis
The Allahabad High Court on Monday (June 8, 2026 ) issued guidelines to prevent people from being sent to jail for days under the preventive detention provisions of the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) and the Code of Criminal Procedure (CrPC) on the apprehension of a breach of peace.
https://t.co/d4feBVU1Sq
एक स्टार्टअप के संस्थापक और सीईओ शुभमन गुने ने जल्दबाजी में ऑटो चालक अल्ताफ को ₹156 किराए की जगह गलती से ₹15,682 ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने का मैसेज देखने के बाद अल्ताफ ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए शुभमन को ढूंढ निकाला और पूरी राशि वापस कर दी।
इतना ही नहीं, अल्ताफ ने वास्तविक किराया लेने से भी इनकार कर दिया। उनका कहना था कि किसी का दिन खराब करना ठीक नहीं है।
शुभमन गुने ने इस घटना को लिंक्डइन पर साझा करते हुए बताया कि उसी दिन उन्हें एक और अच्छी खबर मिली और उनके विदेशी क्लाइंट ने भी प्रोजेक्ट के लिए हां कर दी। सोशल मीडिया पर अल्ताफ की ईमानदारी और इंसानियत की जमकर सराहना हो रही है।
आरे गोरेगांव मुंबई में हज़रत सैयद बरकत अली शाह पीर बाबा दरगाह को आज शहीद करदिया गया।
यहाँ के ज़िम्मेदारों का कहना है कि यहाँ 400 से ज़्यादा धार्मिक ढाँचे मौजूद हैं। क्या उन सभी के पास रजिस्ट्रेशन है? क्या उनके पास ज़रूरी दस्तावेज़ हैं? फिर बाकी ढाँचों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? कानून और नियम सबके लिए एक समान होने चाहिए।लेकिन आपने कानून से ऊपर जाकर सिर्फ मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया है। यह दरगाह 70 साल से अधिक समय से मौजूद था, फिर भी शहीद कर दिया गया।