yah hai desh ke ratan Jo apne desh vasiyon ke liye gadi ghoda Paisa waqt time har chij touch karke mukam per pahunchaya aur aaj subah se khadi Hui hai lekin majdur ko pahunchane ke dawat nahin pad Rahi yah Hain hamare desh ke ratan aise logon ko hi award Dena chahie
सांसद जी,कमलनाथ जी की सरकार से कुछ सीखिए और “शुद्ध के लिए युद्ध” जैसी पहल शुरू कीजिए।
कांग्रेस की 15 महीनों की सरकार ने यह तो साबित कर ही दिया था कि जनता के हित में सरकार कैसे चलाई जाती है।
@OfficeOfKNath@DrMohanYadav51
Maharashtra Housing and Area development Authority (MHADA) Vice President & CEO, Sanjeev Jaiswal (IAS) threatens residents at MHADA event in Motinagar, Goregaon.
What led to the controversy?
3,702 eligible residents will be allotted rehabilitation houses with a carpet area of 1,600 square feet each, while 328 eligible commercial tenants will get houses with an area of 987 square feet. However, the residents have demanded 2,400 square feet.
Via - @mumbaitak
P.S : Adani to invest over 1Lakh Crore in Motilal Nagar. The project is being implemented by the MHADA through its Mumbai Board, and is being developed under the Construction and Development Agency (C&DA) model with the Adani Group as the appointed redevelopment partner.
मिलिए 21 साल की मुस्लिम हिजाबी Muskan Begum से जिसके जज़्बे को देखकर आज भारत की लड़किया उसको अपना आयडल मां चुकी है।
🫡
हैदराबाद की Muskan Begum के क्लासरूम की बेंच से लेकर कॉकपिट की सीट तक का यह सफ़र आसान नहीं था, लेकिन मुस्कान ने हर चुनौती को उड़ान में बदल दिया। महज़ 21 साल की उम्र में मुस्कान ने दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) हासिल किया। 11-11-2022 को उन्होंने पहली बार Cessna 172 विमान उड़ाया—और उसी दिन उनका बचपन का सपना सच हो गया। 250+ फ्लाइंग ऑवर्स, कठिन थ्योरी एग्ज़ाम्स और चुनौतीपूर्ण मौसम में ट्रेनिंग के बाद आज वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।
आज मुस्कान सिर्फ़ पायलट नहीं हैं बल्कि स्कूलों में पढने वाली उन हज़ारों लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं जो आसमान छूने का सपना देखती हैं। संदेश साफ़।
#WomenInAviation #YoungPilot #FromStudentToPilot
हर आम भारतीय की ज़िंदगी आज ऐसी ही नर्क की यातना बन गई है।
सिस्टम सत्ता के सामने बिक चुका है। सब एक-दूसरे की पीठ थपथपाते हैं और मिलकर जनता को रौंदते हैं।
देश में लालच की महामारी फैल चुकी है, शहरी सड़न जिसका सबसे डरावना चेहरा है।
हमारा समाज इसलिए मर रहा है क्योंकि हमने इस सड़न को “New Normal” मान लिया है - सुन्न, निशब्द, बेपरवाह।
जवाबदेही की मांग करो, वरना यह सड़न हर दरवाज़े तक पहुंचेगी।
#TINA
Video Credit: @sharadsharma
मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा दिखाने वाला एक म्यूजिक वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया गया जिसमें कई आपत्तिजनक सांप्रदायिक पंक्तियां थीं. यूट्यूब की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले इस गाने को ऑल्ट न्यूज़ ने रिपोर्ट किया, बाद में प्लेटफ़ॉर्म ने ये वीडियो हटा दिया
दिल्ली के 300 घर यूपी सरकार ने किए सील! मस्जिद कॉलोनी के मुसलमान बोले, "आधार-वोटर कार्ड हैं, लेकिन सामान फेंका!"
32 साल की शबाना का मकान 15 दिसंबर से सील है। शबाना दिल्ली के ओखला में रहती हैं। उनका घर आली गांव की मस्जिद कॉलोनी के 300 मकानों में से एक है, जिसे यूपी के सिंचाई विभाग ने सील कर दिया है। शबाना का आरोप है कि घर सील करने से पहले नोटिस भी नहीं दिया।
शबाना की तरह कॉलोनी के बाकी मुस्लिम परिवार भी सड़क पर रह रहे हैं। मस्जिद कॉलोनी से 500 मीटर दूर पीर कॉलोनी के लोग भी डरे हुए हैं। यहां भी यूपी सिंचाई विभाग के दावे वाली 8.48 एकड़ जमीन है। यहां अभी मकान सील नहीं किए गए हैं। लोगों को डर है कि किसी भी दिन कार्रवाई हो सकती है।
वहीं यूपी के सिंचाई विभाग का दावा है कि जमीन उनकी है और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर घर सील किए गए हैं। इस मामले में दिल्ली के साकेत कोर्ट में केस चल रहा है। 13 जनवरी को सुनवाई होनी है।
A Prime Minister should not speak about religion, because the country is home to people of many faiths. He should focus on education, healthcare, and the overall development of the nation.
Guys, be aware of #PMModi !!
माशाल्लाह देखिए इस हिन्दू बहन को अपने बच्चे को सबसे पहले मदरसे में लेकर आई 💖
मदरसे के इमाम से दुआ कारवाई की यह बच्चा मुसलमानों की तरह ईमानदार हो लेकिन अंधभक्त नहीं ☝️
مجنّدات من الكيان يحيطن بسيدة مسلمة… جريمتها الوحيدة أنها تحمل القرآن الكريم.
لا سلاح، لا تهديد—فقط كتاب الله.
هذه هي “القيم” عندما يصبح الإيمان تهمة. 📖⚠️
यह ग़ज़्ज़ा पट्टी की सड़कों का मंज़र है, जहाँ हालात कितने ही सख़्त क्यों न हों, लोगों के दिलों में ज़िंदगी की चाह अब भी ज़िंदा है।
इस्राइली नस्लकुशी और तबाही के साए में भी ग़ज़्ज़ा के लोग मुस्कुराना जानते हैं, ख़ुशी ढूँढ लेते हैं और हर मुश्किल के ख़िलाफ़ ज़िंदगी से मोहब्बत का पैग़ाम देते हैं। ❤️