आरएलपी नेता श्री सुशील सिहाग ,श्री भूपेंद्र बेनीवाल,श्री पंकज खोथ, श्री अमित खीचड़ आदि की मौजूदगी में कल शाम दिल्ली आवास पर श्री राजवीर यादव (सरपंच 34 LNP) ,श्री हंसराज बामणीया (सरपंच- मांझूवास), श्री काशीराम (पूर्व सरपंच - नरसिंह पूरा), श्री श्योपत (साहबराम) जी रेवाड़ (पूर्व सरपंच - नरसिंहपूरा), श्री पृथ्वीराज (उप सरपंच - नरसिंहपूरा),श्री गौतम ( नहर अध्यक्ष),श्री तौलाराम शर्मा ( नहर अध्यक्ष),श्री रामकुमार सहारण (पूर्व नहर अध्यक्ष), श्री आत्माराम सिहाग (उप-सरपंच), श्री रामस्वरूप बुरडक (सोसायटी अध्यक्ष), श्री हनुमान सहारण (गौशाला अध्यक्ष नरसिंहपूरा),श्री हनुमान मांझू (गौशाला अध्यक्ष मांझूवास),श्री राकेश रेवाड़ ,श्री रविंद्र गोदारा (पूर्व अध्यक्ष सोसायटी),श्री राकेश गोदारा (पंच) ,श्री अंकित अरोड़ा ,श्री सुभाष रेवाड़ ,श्री मनोज मांझू , श्री नथु भाम्भू, श्री बबलू रेवाड़,श्री बबलू ,श्री बृजलाल सहारण,श्री राकेश ज्याणी सहित अन्य नागरिको ने भाजपा व कांग्रेस पार्टी को छोड़कर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी परिवार में सम्मिलित हुए |
इस अवसर पर इस अवसर पर श्री शीशपाल रेवाड़, श्री चुन्नी गोदारा, श्री बलविंदर रेवाड़, श्री मनीष गोदारा, श्री सुरेंद्र मांझू, श्री पवन गोदारा सहित अन्य साथी भी मौजूद रहे |
आज लोक सभा में नियम 377 के अंतर्गत देश के कई राज्यों में विशेषकर राजस्थान के किसानों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय उठाते हुए उच्च क्षमता की विद्युत ट्रांसमिशन लाइनों के लिए टावर एवं कॉरिडोर निर्माण के दौरान किसानों की कृषि भूमि के अधिग्रहण पर वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग की। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा 21 मार्च 2025 को जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार जिन राज्यों में डीएलसी (DLC) दरें वास्तविक बाजार मूल्य से कम हैं, वहां जिला कलक्टर की अध्यक्षता में मार्केट रेट कमेटी (एमआरसी) गठित कर स्वतंत्र मूल्यांकन के आधार पर भूमि का उचित मूल्य निर्धारित किया जाना चाहिए। लेकिन राजस्थान सहित अनेक राज्यों में अब तक इन समितियों का गठन नहीं होने के कारण किसानों को आज भी वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम मुआवजा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियों द्वारा किसानों की सहमति और हितों की अनदेखी करते हुए कार्य किए जाने से किसानों में गहरा असंतोष व्याप्त है। मैंने टावर बेस के लिए चार गुना तथा राइट ऑफ वे (Right of Way) कॉरिडोर के लिए बाजार दर के अनुसार मुआवजा देने का स्पष्ट प्रावधान करने व राजस्थान के सभी जिलों में शीघ्र मार्केट रेट कमेटियों (एमआरसी) का गठन कर ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित किसानों को न्यायोचित राहत प्रदान करने की मांग की |
#ParliamentSession #RLP #MPNagaur
राजस्थान पुलिस के कुछ अफसरों की हठधर्मिता और दुर्भावनापूर्ण कार्यशैली के चलते मेरी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पुलिसकर्मी को आज मैने रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया है ।
यह निर्णय केवल मेरी सुरक्षा से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। बिना पुलिस कप्तान वाले नागौर जिले में पुलिस व्यवस्था संभाल रहे अधिकारियों तथा रिजर्व पुलिस लाइन, नागौर के जिम्मेदार कार्मिकों द्वारा जानबूझकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित पुलिसकर्मियों को मेरी सुरक्षा ड्यूटी पर लगाना न केवल मेरी सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है, बल्कि ऐसा प्रतीत होता है कि किसी संभावित अप्रिय घटना अथवा पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य संबंधी संकट की स्थिति में मुझे अनावश्यक रूप से जिम्मेदार ठहराकर मेरी सार्वजनिक छवि एवं प्रतिष्ठा को धूमिल करने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है।
मैंने विस्तृत रूप से केंद्रीय गृह मंत्री श्री @AmitShah व राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp को पत्र लिखकर इस मामले से अवगत करवाया है |
@HMOIndia@RajCMO@PoliceRajasthan
#पाली के पूनायता औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रांजूल फैक्ट्री में कार्यरत रोहट क्षेत्र के काला पीपल की ढाणी निवासी श्री भेराराम जाट की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु से जुड़े मामले को पीड़ित परिवार पाली में मोर्चरी के बाहर लेकर न्याय की मांग को लेकर आंदोलित है, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी परिवार के सदस्य भी पीड़ित परिवार के साथ बैठे है | मैंने पुलिस के उच्च अधिकारियों से दूरभाष पर पुनः वार्ता करके जल्द से जल्द आंदोलित नागरिकों के साथ वार्ता कर पीड़ित परिवार की मांगो का सकारात्मक निस्तारण करने को कहा है |
@RajGovOfficial@PoliceRajasthan
राजस्थान के निवासी होने के नाते हमें शर्म आती है कि हमारे प्रदेश का मुख्यमंत्री एक भी लाइन अपने 11 मिनट के भाषण में बिना पढ़े नहीं बोल पाए....
प्रधानमंत्री के स्वागत से लेकर धन्यवाद तक बिना पढ़े नहीं बोल पाए.....
यहाँ तक कि पढ़कर भी एकदम सही नहीं बोल पाए और अपने मंत्री जोराराम की जगह जोगाराम कुमावत बोल दिया......
मुख्यमंत्री जी के भाषण से कुछ लाइन लिख रहा हूँ जो कि बिना पढ़े नहीं बोल पाए महोदय......
:-मंच पर विराजमान दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी जी का स्वागत है
:- आज ये हमारे लिए सौभाग्यशाली दिन है जो प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन हमें मिल रहा है
:-आपका राजस्थान से विशेष लगाव रहा है
:-आप जो कहते है वो करके दिखाते है
:- राजस्थान की सबसे बड़ी जरुरत पानी की है
:- आपके अपार सहयोग और आशीर्वाद के लिए राजस्थान की जनता की और से धन्यवाद.....
अब आप तय कीजिये अगर प्रदेश का मुख्यमंत्री ये साधारण सी और हर भाषण में बोली जाने वाली चीज़े खुद नहीं बोल सकते तो आप अंदाजा लगा सकते है कि वो प्रदेश कैसे चला रहे होंगे..... @hanumanbeniwal
कल दिनांक 02 जुलाई 2026 (गुरुवार) का कार्यक्रम -
सुबह 08:15 बजे जोधपुर सर्किट हाउस से प्रस्थान करके पचपदरा व बायतु होते हुए सुबह 11:30 बजे बाड़मेर सर्किट हाउस पहुंचने का कार्यक्रम रहेगा,तत्पश्चात दोपहर 12:15 बजे बाड़मेर सर्किट हाउस से प्रस्थान करके देरासर स्टेशन, शिव मंदिर रामसर, सियाई रामसर , गागरिया, सेहलाउ में दरगाह शरीफ दर्शन, बींजराड , इटादा, धनाउ, कुंदनपुरा होते हुए शाम 06:15 बजे सेड़वा में उपखंड कार्यालय के सामने आयोजित “सर्व धर्म शांति प्रार्थना सभा”में भाग लेने का कार्यक्रम रहेगा |
थार की पावन धरा से सर्व धर्म शांति का संदेश केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भाईचारे, सद्भाव और एकता का संकल्प है।
आओ हम सब मिलकर इस आयोजन के उद्देश्य को सफल बनाएं |
#RLP #Barmer
@RLPINDIAorg
मैं प्रधानमंत्री श्री @narendramodi व केंद्रीय गृह मंत्री श्री @AmitShah को अवगत करवाना चाहता हूं कि कल राजस्थान के भरतपुर में भरतपुर,धौलपुर व डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में ओबीसी आरक्षण दिलवाने की मांग को लेकर आयोजित विशाल रैली में लाखों लोगों ने भाग लिया l संवैधानिक अधिकारों और मांगों के लिए लोकतंत्र में वैधानिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है लेकिन जाट समाज की इस रैली की सफलता से बौखलाई राजस्थान की भाजपा सरकार व राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
तथा उनके कुछ मंत्री इस रैली में सम्मिलित होने वाले भरतपुर जिले के पथैना सरपंच सहित जाट समाज के अन्य मौजिज लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान करने को आतुर है, राजस्थान सरकार का यह कृत्य लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना के अनुरूप नहीं है |
सरकार और प्रशासन का दायित्व निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का होता है और यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है मगर राजस्थान सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के आदर्शो को नजरअंदाज कर रही है |
राजस्थान सरकार को यह समझने की जरूरत है कि संवैधानिक हकों के लिए उठने वाली आवाज को सत्ता के दम पर दबाने का प्रयास किया गया तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा |
@PMOIndia
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi , गृह मंत्री श्री @AmitShah व BJP के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @JPNadda ने राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पुनर्गठन का वादा किया ,कांग्रेस काल में हुए पेपर लीक मामलों की जांच सीबीआई से करवाने का वादा किया,भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने की बात कही,मगर सत्ता में आते ही BJP ने इन मुद्दों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया |
BJP सरकार के निर्णयों से स्पष्ट हो रहा है कि अब भजनलाल जी भी गहलोत सरकार के नक्शे कदम पर चलने लग गई जो यह साबित करता है कि भाजपा व कांग्रेस आपस में मिली हुई है |
BJP सरकार द्वारा RPSC जैसी संस्थानों के संदर्भ में लिए जा रहे निर्णयों से यह भी स्पष्ट हो रहा है कि सरकार RPSC जैसी संवैधानिक संस्थाओं का भी बंटाधार करने में लगी है |
राजस्थान के लाखों बेरोजगार युवा भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व व राज्य सरकार से यह जानना चाहते हैं कि चुनावी वादे कब पूरे होंगे ?
@BhajanlalBjp@RajCMO
राजस्थान में करोड़ों के खाद-बीज रिश्वतकांड में कृषि मंत्री के करीबी करोड़ों रुपए के साथ पकड़े गए।
अब गिरफ्तारी की आंच अपने दरवाजे तक पहुंचती देख कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल जी मुख्यमंत्री को ही "लक्ष्मण रेखा" यानि अपनी हद में रहने की धमकी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के अधीन एंजेंसी ACB को "पॉलिटिकल वेपन" बताकर खुद को फंसाने की साजिश का आरोप लगा रहे हैं।
आखिर कृषि मंत्री किस डर से इतना तिलमिला रहे हैं? कल तक जो दूसरों पर कीचड़ उछालते थे, आज अपनी बारी आने पर व्यवस्था, एजेंसियों और मुख्यमंत्री तक को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी.. घबराइए मत, राजस्थान को सच्चाई बताइए। क्या आपका कैबिनेट मंत्री भ्रष्टाचार के जाल में फंसा है? क्योंकि अगर ACB राजनीतिक हथियार है, तो इसका जवाब आपको देना होगा। और अगर ACB निष्पक्ष है, तो फिर भ्रष्टाचारियों को जेल में डालिए।
जनता ये तमाशा नहीं, सच जानना चाहती है, उजागर कीजिए।
आज सीकर से बीकानेर जाते समय राजलदेसर (चुरू) में स्थानीय नागरिकों एवं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत, स्नेह और सम्मान के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
भजनलाल जी ने सोचा था हनुमान जी को दबा दूंगा.....
लेकिन @BhajanlalBjp जी....
हनुमान खुले मंच से बब्बर शेर की तरह दहाड़ रहा है और ललकार रहा है कि उखाड़ लों अगर कुछ उखाड़ सकते हो तो.......... @hanumanbeniwal
5 घंटे देरी से कार्यक्रम में रात के 2 बजे के बाद पहुँचने के बावजूद जनता का प्यार देखिए आप......
बीकानेर ➡️बदलाव.......
देखो @BhajanlalBjp जी आप भी देखो
@sharatjpr@hanumanbeniwal
भैराणा धाम आंदोलन के बाद राजस्थान में वाहनों पर लगे राजनीतिक झंडों, पोस्टरों और पट्टियों के खिलाफ अभियान चलाया गया। पुलिस और परिवहन विभाग ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सहित कई दलों के कार्यकर्ताओं की गाड़ियों से पोस्टर उतरवाए, चालान किए और नियमों का हवाला दिया।
लेकिन राजस्थान की जनता सरकार से यह जानना चाहती है कि क्या यह नियम केवल विपक्ष और सरकार से असहमत लोगों के लिए ही बने हैं ?
क्या मोटर वाहन अधिनियम की किताब में कहीं यह लिखा है कि भाजपा के झंडे और पोस्टर लगे वाहनों पर कार्रवाई नहीं होगी ?
यदि कानून सबके लिए बराबर है तो भाजपा के झंडे और पोस्टर लगे वाहनों पर वही कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती जो अन्य दलों के कार्यकर्ताओं पर की गई ? या फिर राजस्थान में अब कानून का नया सिद्धांत लागू हो गया है — "एक देश, एक कानून, लेकिन राजनीतिक दल के हिसाब से अलग-अलग कार्रवाई"?
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp व परिवहन विभाग का जिम्मा संभाल रहे उप - मुख्यमंत्री श्री @DrPremBairwa से जनता जवाब चाहती है कि कानून का राज चल रहा है या फिर सत्ता के रंग के हिसाब से नियमों की व्याख्या की जा रही है।
@RajCMO
जब माताएं अस्पतालों में जिंदगी और मौत से लड़ रही थीं, तब मंत्री जी संवेदना नहीं, तंज कस रहे थे।
मातृत्व का अपमान करने वाले इस बयान पर राजस्थान जवाब मांग रहा है।
माफी मांगो मंत्री जी!