कभी 5 भाई हुआ करते थे,आज सिर्फ़ 3 बचे हैं पूरा परिवार बिखर गया
भाई तो आख़िर भाई होते हैं,4 साल बाद मिले लेकिन मौक़ा ऐसा जो भगवान किसी को नसीब न करे
कुछ लोग अतीक अहमद के बेटे के एक्सीडेंट पर ख़ुश थे ,ख़ुशी बनाए ऐसे लोग मानसिक बीमार होते हैं
गलती अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ और बेटे की थी जिसकी सजा उन्हें मिल चुकी,अब कोई अपने भाई से मिलने जेल जा रहा है रास्ते में दुर्घटना में उसकी मौत हो गई तो इस पर वही हँस सकता जो मानसिक रोगी हो …
इंसान होगा तो दुखी नहीं तो खुश भी नहीं होगा
It was such a peaceful movement, feel so sad that it had to take a violent turn. My heart goes out to the students and their families who were hurt. Paper leak is a very serious issue, and I am glad to know n see that the kids of our country have come together for a better educational system, and their parents supported them.
I truly appreciate the stand they have taken, showing dedication, sincerity, and keenness to study hard n make their future and a greater, educated India. This andolan, this protest, is the right way to go abt it, n the students have done this peacefully. So courageous and brave. Driven and motivated towards education, this generation will make India proud.
This issue is between the students and the educational system, it should not be hijacked politically, the credit should only go to the students of our country, and I am sure the government will also give them all the support n make it a stronger educational system. It’s a win-win situation. Hoping n praying for a positive decision. God bless all of you who wanna be educated.
Education should be the next trend and fashion, and should get trendier n more fashionable yr by yr, itna k bahar se log come to India to study and India becomes an educational hub.
जो ग़ाज़ियाबाद कभी व्यापारिक गतिविधियों के लिये जाना जाता था वहॉं इन दिनों सिर्फ इस तरह झुंड घूमते हैं जिन्हें क़ानून व्यवस्था का कोई डर नहीं है।
जिसकी चाहते हैं लिंचिंग शुरू कर देते हैं, अब यही तय करेंगे की कौन क्या खायेगा और क्या पहनेगा।
ग़ाजियाबाद का पुलिस प्रशासन शायद सो रहा है या ग़ुंडों को खुली छूट दे रखी है ?
@Uppolice@ghaziabadpolice https://t.co/Mb8yY3oJUV
यूपी के फतेहपुर के रावेन्द्र पासवान शराबी था। जब उसकी पत्नी ने उसे शराब पीने से मना किया तो उसने सितंबर 2023 में अपनी पत्नी को पीट-पीटकर मौत को घाट उतार दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। जब वह जमानत पर जेल से बाहर आया और अपने घर पहुंचा तो उसने नशे की हालत में छोटी बहन को पकड़ लिया और जबरन डरा धमकाकर दुष्कर्म किया।
जब पीड़ित बहन ने परिजनों को इस घटना की जानकारी दी, तो परिवार के लोगों ने उसकी बात पर विश्वास नहीं किया। इसके बाद उसने अपनी छोटी भाभी और सहेलियों को आपबीती बताई। छोटी भाभी ने जब जेठ का विरोध किया तो आरोपी ने छोटी भाभी के साथ भी मारपीट की। किशोरी ने सहेलियों की मदद से घटना का वीडियो बनवाया, जिसे देखने के बाद परिजनों को घटना की सही जानकारी हुई।
अपनी ही बहन के साथ दुष्कर्म करने वाले रावेन्द्र पासवान ने पुलिस को बताया कि उसे उसकी बहन में उसकी मरी पत्नी का चेहरा दिखता था इसलिए उसके साथ दुष्कर्म कर संबंध बनाए।
FIR हो, न्याय हो!
लखनऊ में महिला दरोगा के साथ हुए कुकर्म की FIR नहीं लिखे जाने से सबसे अधिक शर्मिंदा भाजपा की वो महिलाएं हैं, जो ‘महिला आरक्षण’ के नाम पर प्रदर्शन कर रही थीं।
घोर निंदनीय!
लखनऊ: “ससुर ने रेप किया, FIR नहीं लिखी, थाना बिका”: महिला दरोगा
◆ पीड़ित अफसर का आरोप, "FIR के लिए 4 दिन तक चौकी इंचार्ज दौड़ाते रहे,मेडिकल भी नहीं कराया गया"
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TV par economy strong lagti hai,
lekin ground par aadmi EMI, mehngai aur job insecurity se lad raha hota hai.
Election har koi jeetna chahta hai,
par aam aadmi sirf sukoon ki zindagi chahta hai.
“Agree ho ya nahi?”
संदीप की मां अपने बच्चे के कातिल के लिए फांसी मांग रही है। लेकिन ‘जागा हुआ हिंदू’ उस कातिल के समर्थन में अजीब-अजीब कुतर्क कर रहा है। वो ‘जागा हुआ हिंदू’ दलील दे रहा है कि जब संदीप का कत्ल हुआ तब हत्यारा सलीम था, लेकिन अब वो वास्तिक बन गया है, वो इस्लाम और मुसलमानों की ‘सच्चाई’ दुनिया को बता रहा था। जागा हुआ ‘हिंदू’ इसी तरह के कुतर्क कर रहा है, उसके मन में संदीप के हत्यारे के लिए रत्ती भर भी गुस्सा नहीं है। कल अगर संदीप के परिवार को मुकदमा वापस लेने और संदीप के हत्यारे को ‘माफ’ करने की भी ख़बर आ जाए तो उस पर हैरान मत होना।
मान्यवर,
मैं आपका ध्यान एक गंभीर समस्या की ओर दिलाना चाहता हूँ। जब से मेरे घर पर स्मार्ट मीटर लगाया गया है, तब से बिजली के बिल में लगातार गड़बड़ी हो रही है।
पिछले महीने मेरा बिजली बिल ₹2200 आया था, जिसे मैंने समय पर जमा कर दिया।
सबसे चिंता की बात यह है कि जो लोग समय पर बिल जमा नहीं करते, उनकी बिजली लगातार चालू है, जबकि हम जैसे लोग जो नियमित रूप से भुगतान कर रहे हैं, उन्हें ही परेशान किया जा रहा है।
कृपया मेरी शिकायत को तुरंत दर्ज कर जांच करें, मेरी बिजली जल्द से जल्द चालू कराए