नया भारत Paper leak, unemployment, महंगाई, भुखमरी, में Full Speed में आगे बढ़ रहा है। अब इस बर्बादी की रफ्तार में ब्रेक लगाना जरूरी है!
#राष्ट्रीय_बेरोजगार_दिवस
@MVS_Films अबे घोंचू
पहले पूरी जानकारी तो ले लो
महिला आरक्षण बिल 2023 में ही सबके समर्थन से पास हो चुका है।
सवाल ये है कि आज ये ढोल साकार क्यों बजा रही है
जानकारी बढ़ाओ बेटे
कुछ v रील बनाने से अच्छा
सच दिखाओ
#नारी_शक्ति_वंदन_अधिनियम_2023
ऐसे हो रही है आपके वोट की चोरी और लोकतंत्र की हत्या.
2020 में 2700 से चुनाव हार रहे प्रत्याशी को जीतन राम मांझी DM से बोलकर जितवा देते हैं।
इसबार 2025 में वो प्रत्याशी चुनाव हार जाते हैं और घर चले जाते हैं. मांझी जी को अफ़सोस है कि अगर वो संपर्क किए रहते तब परिणाम बदल सकता था।
@TejashwiYdvRJD आंतरिक कैलेंडर के माध्यम से monthwise प्लानिंग जरूरी है।
पदाधिकारी, कार्यकर्ता सुलभ हो, कार्यकर्ता को भी आर्थिक रूप से सक्षम बनाने पर जोर हो
बूथ लेवल कर्मी को टेक से जोड़कर वोटरलिस्ट की त्रुटियां/ मतदाताओं को हो रही परेशानियों पर काम
अगले प्रतिनिधि का चुनाव 1साल पहले हो
प्रशांत किशोर पांडे कौन है
जिसे मीडिया बिहार में “बदलाव का चेहरा” कह रही है असल में यह व्यक्ति एक कंपनी का गुलाम है
बिहार का युवा, अच्छा नेता मानकर भरोसा करते कर रहे है , आज आप इसके पीछे की सच देखिए
इसकी वैनिटी वैन – PB13AY9000 –
है जो कि Sunstar Sales and Distribution Pvt Ltd के नाम पर है।
इस कंपनी के डायरेक्टर हैं:
1.सुशील कुमार सिंह
2.रूबी सिंह
3.अशोक बहादुर
साफ शब्दों में कहें, PK का “स्वतंत्र आंदोलन” असल में पूरी तरह एक व्यवस्थित नेटवर्क पर चलता है।
इसके अलावा, PK का जन सुराज आंदोलन की जड़े सीधे जुड़े S-CCI India Pvt Ltd से जुड़ा हु
इसमें शामिल हैं
कंपनी सेक्रेटरी: सरत कुमार मिश्रा
मैनेजिंग डायरेक्टर: उदय सिंह पूर्व बीजेपी सांसद, अब जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष
डायरेक्टर: अशोक बहादुर और अभिनव सिंह
यह दिखाता है कि PK के प्रचार में किसने पैसा लगाया होगा और क्यों?
उदय सिंह आज 5 कंपनियों के डायरेक्टर हैं, जिनमें Joy of Giving Global Foundation (JOGGF) भी शामिल है।
JOGGF के डायरेक्टर्स वही पुराना नेटवर्क—उदय सिंह, सरत कुमार मिश्रा और अभिनव सिंह
इसका मतलब साफ है:
“जन सुराज” का असली नियंत्रण PK के हाथ में नहीं, बल्कि JOGGF के हाथ में है।
प्रशांत पांडे केवल इसका सार्वजनिक चेहरा हैं।
JOGGF बिहार में जन सुराज के लिए पूरा संसाधन और मैनपावर उपलब्ध करवा रहा है
प्रशांत पांडे की घूमने और कार्यालय /प्रचार का खर्च
करीब 4000 करोड़ के आसपास है पूरी टीम के साथ
प्रशांत पांडे का “जन आंदोलन” पूरी तरह JOGGF की मशीनरी और फंडिंग पर चलता है।
जनता सोचती है कि यह स्वतंत्र और पारदर्शी है, लेकिन असल में यह पूरी प्रणाली बाहर से कोई तीसरी कंपनी चला रही है
और एक दिलचस्प तथ्य—JOGGF से जुड़े कई लोग पहले बड़े कॉरपोरेट ग्रुप्स में काम कर चुके हैं।
उदाहरण के तौर पर गौरव भाटले, जो हाल तक अडानी ग्रुप में काम कर रहे थे।
यह साफ़ दर्शाता है कि प्रशांत पांडे का आंदोलन सिर्फ नाम के लिए जनता का है।
असल ताकत और पैसा बाहर से नियंत्रित हैं।
“जन सुराज” कोई स्वतंत्र आंदोलन नहीं, बल्कि व्यवस्थित और नियंत्रित ढांचा है, जिसमें जनता सिर्फ़ नाम के लिए शामिल है
इसमें शामिल लोग ख़ास जाति या समूह के है बड़े पदों पर स्वर्ण नेता ही मिलेगा
अध्यक्ष - स्वर्ण
जिला अध्यक्ष - 22 स्वर्ण
कोर कमेटी - 16 स्वर्ण
प्रवक्ता - स्वर्ण
नेता - स्वर्ण
चेहरा - प्रशांत किशोर पांडेय स्वर्ण
लक्ष्य - 3% का मुख्यमंत्री बनाना
#BiharElections2025
परेशान पांडे का जिस तरह का हिस्ट्री है उससे इसे "राजनैतिक वैश्या" कहना उचित होगा।
यह पटना के गर्दनीनीबाग में हम युवाओं पर लाठी चलवा कर भाग गया और उसका विरोध करने के बाद हम सभी को डरा रहा था।
भगोड़ा प्रशांत किशोर पांडे भगोड़ा हो और भगोड़ा ही रहोगे।
खुद गिरते-पड़ते पढ़े हैं, लक से नौकरी मिल गयी। दूसरों की डिग्री मांगने से पहले तो इनको खुद अपनी डिग्री दिखानी चाहिए। 😎
#PrashantKishor#JanSuraaj#FraudAlert
दो कौड़ी का छपरी सलाहकार पांडे प्रशांत किशोर
इसको SC और OBC के नेताओं से बहुत तकलीफ़ हो रही हैं।
इसका बाप श्रीकांत पांडे दो कौड़ी का झोलाछाप कांग्रेसी कार्यकता था, जो चाटुकारी करते करते फर्जी डिग्री पर सरकार डॉक्टर बना।
@PrashantKishor तुम्हारे डिग्री में इतना गैप क्यों है..?
पब्लिक – 20 रुपया लेकर ATM कार्ड दे रहे है,इससे क्या फायदा होगा?
जनसुराज कार्यकर्ता – सरकार बनने पर पर 20 हजार पर महीना मिलेगा।
चुनाव आयोग कहां सोई हुई है इस तरह गुमराह करके लोगों का वोट कैप्चर किया जा रहा है और चुनाव आयोग चुपचाप सोया हुआ है।
साथ ही लोगों का आधार कार्ड लिया जा रहा है जिससे उनकी पूरी जानकारी जन सुराज के पास जा रही है,कल अगर इन लोगों के साथ कोई भी साइबर फ्रॉड या कोई गलत इस्तेमाल होगा तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?
क्या किसी पार्टी के द्वारा इस तरह पैसे लेकर किसी प्रकार का लाभ कार्ड बनाना और उनकी गोपनीय जानकारी हासिल करना लीगल है?
@Pk_youthbrigade Kya बगहा-नवगछिया anumandal हैं जहां भौगोलिक स्थिति को देखते हुए SDPO की जगह SP बैठाया जाता है। ये दोनों अपने जिलों का ही अंग हैं।
बिहार में 38 जिला ही है
@btetctet Duty hour me gappebazi- teacher
Kursi par jamhai lena- teacher
School me iskbazi- teacher
Mdm me ghapla Karna - teacher
Najdik ghar ho to hazri lagakar apna kaam karna- teacher
Sardi me swetar bunna- teacher
sakhat ACS aa jaye to virodh karna- teacher
Padhana nhi-teacher
@JaikyYadav16 आरक्षण सिर्फ एक दरवाज़ा खोलता है, पर अंदर जाकर खुद को साबित करना मेहनत और काबिलियत से ही होता है। बावुमा जैसे उदाहरण ये दिखाते हैं कि अवसर मिलना जरूरी है, क्योंकि हर प्रतिभा को चमकने का हक़ है। आरक्षण कमजोर को आगे नहीं बढ़ाता, बल्कि बराबरी से खड़े होने का हौसला देता है।"