...... engineer from the surveillance industry . - An Observer . views are personal.
I observe, I interpret, I question.
Nothing here is a statement of fact.
जब चीन सन 2019 में MULAN जैसा ओपेनसोर्स लाइसेंस सिस्टम की नींव रख सकता है । तो भारत क्यों नहीं ?
पूरी दुनिया को सबसे ज्यादा उत्तम गुणवत्ता के सॉफ्टवेयर बनाने वाले मजदूर देने वाला देश मे आज तक अपना कोई ओपेनसोर्स लाइसेंस सिस्टम ही नहीं है।
जानते हैं क्यों ?
जबकि USA के पास MIT, APACHE, जैसे अपने सिस्टम है और दुनिया भर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर को वो कहता है यदि आप ओपेनसोर्स कुछ कर रहे हैं सॉफ्टवेयर की दुनिया मे तो इन्ही लाइसेंस का इस्तेमाल करो।
जरा समझते हैं चीन कैसे सुपर पावर बन रहा है, वो भारत से कैसे अलग सोचता है उसका सबसे बड़ा example है ये "MULAN" ,
चीन की सरकार के द्वारा समर्थित सिस्टम जो कहता है सरकारी विभाग में जितने भी सॉफ्टवेयर काम आएंगे उनको बनाने के लिए MULAN लाइसेंस लाईब्रेरी इस्तेमाल होनी चाहिए । क्यों ?
जबकि MIT/APACHE/GPL almost free license है (कुछ कंडीशन के साथ फ्री है कुछ as it is).. जब फ्री में लाइसेंस सिस्टम मिल रहा है तो इतना ताम झाम करके अलग से MULAN क्यों शुरू करना ?
आम भारतीय, भारत के नेता और ठेकेदारों की कंपनी और बाबू जरूर ये सवाल करँगे ।
लेकिन चीन अच्छे से जानता है फ्री का मतलब किसी के ऊपर निर्भरता , और दुनिया पर राज करने के लिए स्वतंत्र होना होता है ।
कुछ ऐसा समझो किसी को फ्री की रोटी देते रहो , जीवन भर रोटी बनाने के बारे में सोचेगा ही नहीं पूरी तरीके से देने वाले के ऊपर निर्भर है, अब वो फ्री की रोटी में गेहूं का आटा मिलाए या कभी और मिलावट करे या कुछ दवा मिला कर दे, लेने वाला बड़े आनन्द से फ्री का लाभ लेता रहेगा । और जीवन पर फ्री देने वाले पर निर्भर रहेगा।
मालिक बनने और गुलाम बनने की सोच का फर्क यहां से शुरू होता है।
ये ही 1 मूलभूत कारण है , भारत 30 साल से दुनिया को मजदूर एक्सपोर्ट करने के बाद भी आज तक अपना सिस्टम नहीं बना पाया ।
एक मज़दूरों के ठेकेदार कंपनी के बड़े अधिकारी के कहने का तात्पर्य है देश को AI बनाने की होड़ में ना पड़ कर इसका इस्तेमाल करना चहिए ..
मतलब उनकी मजदूर एक्सपोर्ट करने के धंधे पर आंच नहीं आनी चाहिए ।
सुना है ऐसी ही कंपनी के लोग भारत सरकार के IT सलाहकार रहे है।
मतलब देश को गुलाम बनाये रखने में ऐसे मजदूरों के ठेकेदार का सबसे बड़ा योगदान रहा है।
अभी भी देर नहीं हूई है यदि भारत सरकार चाहे तो आज ही open source foundation बना कर भारत का जीरो से इकोसिस्टम तैयार कर सकती है जो भविष्य के लिए नींव की तरह काम करेगा ।
MIT लाइसेंस 1980 में शुरू हुआ , 39 साल बाद चीन को ये खेल समझ आ गया, 47 साल बाद यदि सरकार नहीं समझ पा रही है तो AI और रोबोट की क्रांति में हम फिर से पीछे रह जाएंगे।
अभी AI सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जॉब खा रहा है, फिर रोबोट घरों की शोभा बढ़ाएंगे। देश की पालिसी बनाने वाले नेता रोबोट बेचने या इस्तेमाल करने का लाइसेंस ले आएंगे जैसे किसी समय मे साईकल रेडियो को इस्तेमाल करने का लाइसेंस लाये थे लेकिन गुलाम मानसिकता से बाहर नहीं निकलेंगे ।
और आजकल एक और बड़े ठेकदार वकालात करते नजर आ रहे हैं कि मजदूरों भारत आ जाओ ताकि सस्ते में उनके यंहा मजदूरी कर सको।
क्योंकि यंहा का सिस्टम इस तरीके से डिज़ाइन किया गया है , स्कूल कॉलेज आपको मजदूर बनाने के लिए खोले गए हैं। जो बड़े बड़े विज्ञापन देते हैं कि हमारे यहाँ से लाखों के पैकेज वाले मजदूर बड़ी संख्या में तैयार होते हैं।
मुझे पता है इस पोस्ट के पढ़ने से कोई एक्शन नहीं होगा, इसलिए भारत का अपना ओपेनसोर्स सिस्टम बनाने के लिए एक प्रोपोजल तैयार किया है जो कि इस पोस्ट के साथ attach है , आप अपने अपने तरीके से इसे PMO और MEIT तक पहुचाने की कृपा करें।
कंही तो कोई तो भारत का देशभक्त होगा (ना कि USA का ) इन डिपार्टमेंट में जो इस इनिशिएटिव पर काम करेगा ।
Proposal download link https://t.co/Y2tFn6uMxf
Or you ask me for the full copy for submission..
🚨मेरा सभी सवर्णो से आग्रह है की अब जगह जगह आंदोलनों को सिर्फ सांकेतिक तौर पर करे 🚨
जुलुस न निकाले बल्कि ये 5 कार्य करे
1. सवर्ण बच्चों को स्कूलों में बिस्कुट बांटे
2. सिर्फ सवर्णो के लिए गांव में मेडिकल कैंप लगवा दे
3. विधिक कैंप लगवाकर हायड्रोशील एक्ट के खिलाफ बचाव की बातें बताये
4. सवर्ण बच्चों को पढ़ाई किट बाटे
5. सिर्फ सवर्णो के लिए " शरबत या चाय का भंडारा करे "
बैनर में स्पस्ट लिख दे की ये सुविधाएं सिर्फ सवर्णो के लिए हैं अन्य जाति के लोग ना आये
This will not bring vote to political party , this will not make slave to big private company (those do lobby with govt to produce slave from education ) ..
China education modal designed to make real self dependents and encourage engineering student to start their own company .. indian education system encourage to produce slave ..
If some how some one tried to produce product then there is big barrier is License system ...
काहे मोहन के नाम को बदनाम कर रहे हो
माता जी के गले में VIP का पास है
लेकिन माता जी के पास कुर्सी नहीं
मोदी जी ने मंच से देखा
मोदी जी ने कुर्सी देने को कहा
बाकी के नेता क्या भजिया तल रहे थे
या PR एजेंसी ने कहानी बनाई थी
राष्ट्रीय कलाकार को अभिनय करने के लिए 🕵️
Ajeet Bharti exposes the SC/ST Act like never before.👏🔥
Q: What do you say about a student’s father filing an SC/ST case against a professor for catching him cheating in an exam?
Ajeet Bharti: I’ve been warning people about this, but no one listened. People are filing SC/ST cases against professors just because they caught students cheating. Why? Just to get ₹10 lakh in compensation from the government.”😓
That’s why I say: this is the perfect time to abolish the SC/ST Act. If not today, tomorrow someone will file a case against a teacher just because their child failed an exam.✍️
IIT Bombay Faculty stands in solidarity with Prof Suryanarayan Doolla.
Great, atleast they have spine.
They all should actually resign from IIT, if any action is taken against Prof Doolla.
Because then the campus is not a place for intellectuals like them anyways.
🇮🇳 Indian Rupee under Narendra Modi's 12-year tenure — depreciation against major currencies :
🇺🇸 USA dollar — ~61%
🇪🇺 Europe — ~ 35%
🇬🇧 British Pound — ~28%
🇸🇬 Singapore dollar — ~58%
🇨🇳 Chinese Yuan — ~50%
🇹🇭 Thai Baht — ~51%
🇲🇾 Malaysian Ringgit — 27%
we are vishwaguru. 🤣🤣
IIT-Bombay Faculty Forum issues a statement in solidarity with Professor Suryanarayana Doolla.
More IIT Faculty Forums need to come out and issue statements in support of the Professor.
The case against him must be quashed.
3000 करोड़ की लागत से भाजपा ने 563 कार्यालय बनाए हैं...
8452 करोड़ PM केयर फंड का हिसाब देने से इंकार करना...
7113 करोड़ रुपये भाजपा के बैंक अकाउंट में जमा होना,..
कुल 18500 करोड़ का प्रत्यक्ष गबन यह बताता है कि मोदी के नेतृत्व में भाजपा देश को खुलेआम दिनदहाड़े दोनों हाथों से लूट रही है ...
और अमित शाह कहते फिर रहे हैं कि मोदी पर भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं है, जबकि नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार में आकंठ गोते लगा रहे हैं...!!
#BJPAccountability
#PMCARESFund
#DemandTransparency
Ajit Doval is NSA. Not Finance Minister. Not RBI Governor.
Yet he's out there shamelessly selling a $38 trillion fantasy like some desperate party spokesperson.
He won't be sitting there in 2047 when this number has to face reality.
Turning the country's security chief into a slogan machine because your Govt can't defend today's economy is pathetic.
This isn't vision. It's cheap propaganda.