@dbabuadvocate वकील साहब जिसे आप एक्टिंग बता रहे हो वो एक दिन icu में रहा है ,और और अभी भी unconscious है ,यकीन न आए तो यशोदा हॉस्पिटल में जाकर देख सकते है ,200000 का बिल बना है अभी तक का इसका ,उसे इसकी आंखे unconsiouns की वजह से बंद नहीं हुई हैं
@ShivaniV2901 Iran is not important
Islam is important - khamenei
Tere jaise secular linrandu hindu ki liye ye line hi kaffi hai unhe bus apne dharm se matlab hai ,tumhare jaisi ki jarurat nahi
@mdzishan0786 गाजा में जो हो रहा है उसका जिम्मेदार कोई और नही खुद मुसलमान है...
याद कीजिए 7 Oct जब एक मुस्लिम संगठन ने पार्टी कर रहे इजरायली लड़कियों को निशाना बनाया था
बिना कपड़ों के अपने साथ गाड़ी में भरकर ले गए.. और बकायदा वीडियो जारी किए
पूरी दुनिया के मुसलमानों ने जश्न मनाया.
#गाजियाबाद
कोशांबी थाना क्षेत्र में एक महिला आत्महत्या के इरादे से हिंडन नहर में कुद गई,पास ही तैनात @Gzbtrafficpol के उपनिरीक्षक धर्मेंद्र पंवार और सिपाही अंकित तोमर महिला को बचाने के लिए नहर में कूद पड़े,महिला तो निकल बाहर गई, उपनिरीक्षक धर्मेंद्र पंवार को भी बाहर निकाल लिया गया,लेकिन @ghaziabadpolice के जांबाज जवान अंकित तोमर नहर में डूब गए जिन्हें करीब 1 घंटे से अधिक की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
लेकिन @ghaziabadpolice कमिश्नर महोदय आप आमजन को तो पानी पिलाने की बात करते हैं नहर में डूबे आपके पुलिसकर्मी को एम्बुलेंस तक नहीं मिल पाई?
महिला को बचाने नहर में कूदे सिपाही को निकालने में एक घण्टे से ज़्यादा समय लगा लेकिन #गाजियाबाद से @NDRFHQ की टीम तक नहीं पहुंच पाई?
नहर से निकाल कर सिपाही को ऑटो में डालकर अस्पताल ले जाया गया जबकि वहां थाने की और एक एसीपी की गाड़ी भी मौजूद थी?
एक घंटे से अधिक समय तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नही पहुंचा?
जनता को सर्वोपरि बनाने वाले अधिकारियों की अपने ही कर्मचारियों के साथ ये बेरूख़ी क्यों?
महिला को बचाने नहर में कूदे सिपाही अंकित तोमर अब इस दुनिया में नहीं रहे।
उन्हें निकालने में 1 घंटे से ज़्यादा लग गया, लेकिन न एम्बुलेंस आई, न अधिकारियों ने कोई इंतज़ाम किया।
NDRF टीम गाज़ियाबाद में मौजूद थी, फिर भी समय पर नहीं पहुंची।
इतना ही नहीं, पुलिस कमिश्नर पास के कॉलेज में मीटिंग कर रहे थे, फिर भी मदद नहीं मिली।
आख़िर में ऑटो में डालकर अस्पताल ले जाना पड़ा — बिना ऑक्सीजन, बिना प्राथमिक इलाज।
सवाल ये है — क्या वर्दीवालों की जान की कोई कीमत नहीं?
@pvvnlghaziabad@Uppolice