So Karnataka Police has booked @_Meenakshiii for questioning MK Gandhi....
In Congress ruled states, you have the freedom to insult Hinduism, Hindu gods, Veer Savarkar but can't even question MK Gandhi. It is not because they respect him but just to harass pro Hindu voices.
क्या ये बर्दाश्त किया जा सकता है? जवाब दो
1 डिवीज़न में 10 अवैध चर्च @CMO_Meghalaya
भाषण कहानी नारो से देश नहीं बचेगा धर्मांतरण और अतिक्रमण के ख़िलाफ़ लड़ने का समय है
जब तक ये 10 अवैध चर्च तोड़ कर हटा नहीं दी जाती
शेयर करते रहना
This handle is 101% ISI agent. He is simping for a hardline maulana Tariq Masood From paxistan who has led to several l*nch mobs against Hindus, Christians, Ahmadiyas in paxistan.
When I exposed this account, Chubair was the first to defend him? Even got an FIR registered against me
@NIA_India kindly investigate. We have enough evidence and I am available to record my statement in Northern headquarter
गाँधी को राष्ट्रपिता क्यों कहा जाएगा? किसने दिया यह सम्मान और किस लॉजिक से? और किसी ने इस बात को मानने पर आपत्ति जताई तो कर्नाटक में केस हो जाएगा?
कॉन्ग्रेस के लिए कर्नाटक में पुलिस न आई कि बंदर के हाथ में उस्तरा हो गया। कोई कहीं भी कुछ बोले, केस कर्नाटक में हो जाएगा। ऐसे केस दो मिनट नहीं टिकते कोर्ट में।
मीनाक्षी सेहरावत ने जो कहा, वह कहने का अधिकार उसे संविधान देता है। गाँधी में जिनकी आस्था है, रखें। आप दूसरों को, आज के वैसे समय में जब गाँधी के समकालीन लोगों के लेख बाहर आ रहे हैं, चुप नहीं रख सकते।
इस राजनैतिक केस से कुछ नहीं होगा। ऐसे अधिकारियों को पर वापस केस दर्ज होना चाहिए जो ऐसे दो कौड़ी के केस कर के अपने मालिक के जूते चाट कर चमकाने में लगे हुए हैं।
पाकिस्तानी गली नाम रख कर - गली बंद कर के मस्जिद बना ली अतिक्रमणकारी मुल्ला ने मंगोलपुरी में
गली तो खुलवा के रहूँगा - अवैध मस्जिद गिरेगी हटेगी
कोई नहीं बोलता मैं ये दादागिरी ख़त्म करूँगा इनकी
हिंदुओं
जब यदमुल्लो की सरकार थी तब एक सिपाही अतीक अहमद को बुलाने उसके घर चला जाता है
तो अतीक अहमद उसका कत्ल करके उसकी खाल उतार देता है
"अतीक भाई, पुलिस वालों को छोड़ दो, तुम्हें मेरी कसम"
एकबार अतीक़ अहमद ने पुलिस वालों को बंधक बना लिया था,
तो उस समय के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव उन्हें छुड़ाने के लिए अतीक़ अहमद को फ़ोन करके कहते हैं, 'अतीक़ भाई तुमको मेरी क़सम, छोड़ दो"।
: विक्रम सिंह, पूर्व DGP, उत्तर प्रदेश